NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नया इंडिया आला रे!
अब तो आजादी की भी नयी डेट आ चुकी है। संविधान की नयी डेट तो पहले ही आ चुकी थी। संसद की तो नयी डेट क्या, पूरी की पूरी इमारत ही नयी बन रही है।
राजेंद्र शर्मा
13 Nov 2021
Kangana Ranaut
थैंक्यू कंगना जी, आपने आज़ादी की नयी तारीख़ हमें बताई! तस्वीर साभार: economic times

नये इंडिया को आने से अब कोई नहीं रोक सकता। अब तो आजादी की भी नयी डेट आ चुकी है। संविधान की नयी डेट तो पहले ही आ चुकी थी। संसद की तो नयी डेट क्या, पूरी की पूरी इमारत ही नयी बन रही है। सिर्फ संसद की ही नहीं, उसके इर्द-गिर्द के सारे भवनों की भी। बस एक राष्ट्रपति भवन ही पुराना बचा है। नये इंडिया में वह भी कम से कम ज्यों का त्यों तो नहीं ही रहेगा। आखिरकार, वह भी तो अंगरेजों से भीख में मिला है।

नया इंडिया भीख की चीजों को उनकी जगह दिखाने में कोताही हर्गिज नहीं करेगा। हमें तो लगता है कि पुराने राष्ट्रपति भवन को एक नये संग्रहालय में तब्दील कर दिया जाएगा, भीख में मिली दूसरी चीजों के साथ। और राष्ट्रपति? नया प्रधानमंत्री महल बन तो रहा है, नये भारत के नये प्रधानमंत्री कम राष्ट्रपति ज्यादा के लिए। प्रधानमंत्री भवन कहो या राष्ट्रपति भवन, नये भारत में एक ही महल काफी होगा। नया का नया और बचत की बचत!

फिर भी नये इंडिया में बेचारी कंगना को जो कुछ झेलना पड़ रहा है, वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है। होना तो यह चाहिए था कि पूरा कृतज्ञ राष्ट्र, नये इंडिया का दरवाजा खोलने के लिए कंगना जी के आगे सिर झुकाता, थैंक यू कंगना बोलता। नहीं-नहीं, हम यह नहीं कह रहे हैं कि नया इंडिया बनाने के लिए मोदी जी के थैंक्यू में से किसी को भी, कोई भी हिस्सा दिया जा सकता है, वह चाहे कंगना ही क्यों नहीं हों। मोदी जी का थैंक्यू एक्सिक्लूसिव है, उसमें किसी की हिस्सेदारी का कोई मतलब नहीं बनता है। फिर भी सच है कि मोदी जी ने नया इंडिया बनाया है, उसका रास्ता बनाया है। पर दरवाजा खोलकर सारी दुनिया को उसका दर्शन तो कंगना जी ने ही कराया है। नयी दुनिया का अनावरण करने के लिए तो कंगना जी का थैंक यू बनता ही है। क्या उनसे पहले किसी की हिम्मत हुई थी, आजादी की तारीख ऐसे करैक्ट करने की और 2014 के मई वाली तारीख का टीवी कैमरों के सामने एलान करने की?

बेशक, पहले भी दबी जुबान से पुरानी वाली आजादी पर सवाल उठाए गए थे। दूसरी, तीसरी आजादियों के एलान किए गए थे। असली, सच्ची आजादियों के वादे किए गए थे। फिर भी एक हिचक सी बनी हुई थी, आजादी की सही तारीख जुबान पर लाने में। एक आशंका सी बनी हुई थी, पुरानी तारीख से छुट्टी पाने में। इसी संकोच के चक्कर में नये इंडिया का उद्घाटन टल रहा था और उसकी नयी-नयी आजादियों के इंतजार में आज-कल करते-करते, कीमती टैम निकल रहा था। पर कंगना जी ने एक ही झटके में सारे पर्दे हटा दिए और तरह की तरह की नयी आजादियों के, मोदी जी के बैठाए चक्के चला दिए।

किसानों की खेती से आजादी। मजदूरों की रोजगार से ही आजादी और रोजगार से आजादी न हो सके तो हरेक अधिकार से आजादी। शिक्षा की तर्क से आजादी। सरकार की शिक्षा, स्वास्थ्य आदि-आदि की सारी जिम्मेदारियों से आजादी। औरतों की, घर की चाहरदीवारी के बाहर जाने की असुरक्षा से आजादी। दलितों वगैरह की परंपरागत धंधों में ही लगे रहने की आजादी। हिंदुओं की खुद को श्रेष्ठतर दिखाने की और दूसरों को कमतर मनवाने की आजादी। भावनाओं की किसी भी बात से आहत होने की और गायों की कुछ भी चरने की आजादी। सरकारी बंदूकधारियों की, गोलियों का हिसाब रखने से आजादी। प्रधानमंत्री की संसद में जवाबदेही से आजादी। अदालतों की संविधान के हिसाब से न्याय से आजादी। मीडिया की सचाई दिखाने-सुनाने से आजादी। और जाहिर है कि थैलीशाहों की जैसे भी हो, अपनी थैलियां बड़ी करने की आजादी, वगैरह, वगैरह। और हां पुराने स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस वगैरह की छुट्टियों के साथ, गांधी जी के जन्म दिन और मरण दिन, दोनों से भी आजादी। एक स्लॉट अगर सावरकर को दे भी दें तब भी, दूसरे स्लॉट में हेडगेवार या गोलवालकर में से किसी एक को तो एकोमोडेट कर ही सकते हैं।

वैसे नये इंडिया में बिना छुट्टी वाला एक-एक दिन, दलित-आदिवासी दिवस भी बनाया ही जा सकता है। और भी कितना कुछ अब निकल कर आने वाला है नये इंडिया में। कंगना जी आजादी की नयी डेट का एलान नहीं करतीं, तो नये इंडिया की गाड़ी पता नहीं कब तक आजादी की पुरानी डेट के ही सिग्नल पर अटकी रहती।

पर कृतज्ञ राष्ट्र के थैंक्यू के बजाय, बेचारी कंगना को तो गालियां मिल रही हैं। और तो और इतना तक कहा जा रहा है कि सब इनाम के लालच में हो रहा है--मोदी विरोधियों को गाली दे-देकर, सिने पुरस्कार और पद्मश्री ले लिया, अब मोदी वाली आजादी का एलान करने के बाद, भारत रत्न नहीं तो पद्मविभूषण तो कहीं गया ही नहीं है! और इनाम के लालच तक तो फिर भी गनीमत थी, भाई लोग तो भीख वाली आजादी का जिक्र करने को, स्वतंत्रता सेनानियों वगैरह का अपमान बता रहे हैं। कहीं एफआईआर करा रहे हैं तो कहीं पद्मश्री ही वापस कराने के लिए शोर मचा रहे हैं। मोदी जी का राज नहीं होता और शाह जी देश के गृहमंत्री नहीं होते तो, हमें नहीं लगता कि कंगना जी भी आजादी का सच बोल पातीं। अरे यही तो आजादी है, जो 2014 में मोदी के राजतिलक से आयी है। रही भीख वाली आजादी की बात, तो मत भूलिए कि कंगना जी ने खून बहाने से मिलने वाली आजादी की बात भी की है। अब ब्राह्मण-बनिए तो भीख वाली आजादी ला सकते थे और वही लाए। पर एक राजपूतानी को खून बहाने वाली आजादी के पक्ष में आवाज उठाने से रोकने की और वह भी नये इंडिया में, किस की हिम्मत है। अब कोई यह दलील न दे कि ऐसे तो 2014 वाली आजादी भी कौन सी खून बहाकर आयी थी? चुनाव में वोट से ही  तो आयी थी। पर कंगना जी ने कब कहा कि आजादी के लिए हाथ के हाथ खून बहाना जरूरी है। क्या 1992 से 2002 तक बहा खून, 2014 की आजादी को, भीख की आजादी वालों के खिलाफ लडक़र ली गयी आजादी बनाने के लिए भी काफी नहीं था?               

(इस व्यंग्य आलेख के लेखक वरिष्ठ पत्रकार और लोकलहर के संपादक हैं।)

sarcasm
Kangana Ranaut
new india
Kangana Ranaut controversial comments
BJP
Narendra modi

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • medical camp
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: सोनभद्र के सिंदूर मकरा में क़हर ढा रहा बुखार, मलेरिया से अब तक 40 आदिवासियों की मौत
    30 Nov 2021
    प्रशासन सिर्फ़ 20 मौतों की पुष्टि कर रहा है। सरकारी दावों के उलट रिहंद जलाशय की तलहटी में बसे सिंदूर मकरा गांव में उदासी और सन्नाटा है। बीमारी और मौत से आदिवासी ख़ासे भयभीत हैं। आदिवासियों की लगातार…
  • Honduras President
    उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: मध्य अमेरिका में एक और कास्त्रो का उदय
    30 Nov 2021
    वामपंथी पार्टी की शियोमारा कास्त्रो बनेंगी होंदुरास की पहली महिला राष्ट्रपति। रविवार को हुए राष्ट्रपति पद के चुनावों में कास्त्रो ने सत्तारूढ़ नेशनल पार्टी नासरी असफुरा को पीछे छोड़ दिया है।
  •  Mid Day Meal Workers
    सरोजिनी बिष्ट
    बंधुआ हालत में मिड डे मील योजना में कार्य करने वाली महिलाएं, अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में भरी हुंकार
    30 Nov 2021
    मिड डे मील योजना में काम करने वाली रसोइयों का आक्रोश उस समय सामने आया जब वे अपनी मांगों के साथ 29 नवम्बर को लखनऊ के इको गार्डेन में "उत्तर प्रदेश मिड डे मील वर्कर्स यूनियन" के बैनर तले एक दिवसीय धरने…
  • workers
    मुकुंद झा
    निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल
    30 Nov 2021
    भारत की निर्माण मज़दूर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर ने कहा कि इस हड़ताल में केंद्रीय मुद्दों के साथ साथ राज्य के अपने मुद्दे भी शामिल होंगे। इस हड़ताल में हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में…
  • UP farmers
    प्रज्ञा सिंह
    पश्चिम उत्तर प्रदेश में किसान बनाम हिंदू पहचान बन सकती है चुनावी मुद्दा
    30 Nov 2021
    किसान आंदोलन ने पश्चिमी उत्तरप्रदेश में सामाजिक पहचान बदल दी है, उत्तरप्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में यहां से 122 सीटें हैं और अगले साल की शुरुआत में यहां चुनाव होने हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License