NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नारियल से सड़क टूटी: ...पर डंका तो लगातार बज रहा है!
नया विश्व रिकार्ड बिजनौर में कायम हुआ है। यह रिकार्ड थ्री इन वन है यानी तीन तरह का विश्व रिकार्ड। पहला रिकार्ड तो भाजपा विधायक सूची चौधरी के ही नाम है--नारियल मारकर नयी-निकोरी सड़क तोड़ देने का रिकार्ड।
राजेंद्र शर्मा
04 Dec 2021
road
फोटो साभार : आजतक

भाई विरोधी कुछ भी कहते रहें, मोदी-योगी के डबल इंजन राज में यूपी के विकास का डंका सारी दुनिया में बज रहा है। सबूत क्या है? दुनिया भर में टीवी, रेडियो, अखबारों में यूपी के विकास का डंका बजता दिखाई-सुनाई नहीं देने से क्या हुआ और भी सबूत हैं विकास का डंका बजने के मीडिया में नजर पडऩे के सिवा। परदेशी पब्लिक के सुनने न सुनने से क्या हुआ, डंका तो बराबर बज रहा है। गिनीज बुक में हर दूसरे तीसरे रोज, योगी जी की यूपी के नाम नया विश्व रिकार्ड दर्ज होना भी अगर दुनिया भर में डंका बजना नहीं है, तो फिर दुनिया में डंका बजना किसे कहेंगे? अयोध्या में दिवाली पर एक साथ छह लाख से ज्यादा दिए तेल से जलाने के विश्व रिकार्ड के सार्टिफिकेट की स्याही सूखी भी नहीं थी कि दिसंबर के पहले ही हफ्ते में ही योगी सरकार ने तड़ातड़ तीन-विश्व रिकार्ड कायम कर दिए हैं। चुनाव नजदीक जो आ रहे हैं। एक बार चुनाव संहिता लग गयी, फिर पता नहीं योगी जी को कोई और वर्ल्ड रिकार्ड बनाने का मौका मिले या नहीं मिले।

वैसे दिवाली के दीयों वाले प्रकरण में योगी सरकार का दो और विश्व रिकार्डों का दावा तो अभी भी पेंडिंग है। पहला दावा तो जलाए गए दीयों की संख्या में, पिछले साल के मुकाबले रिकार्ड बढ़ोतरी का ही है। और दूसरा दावा, दीयों में जलाए गए सरकारी तेल की मात्रा के विश्व रिकार्ड का ही है। वैसे विरोधियों का सुझाव है कि योगी सरकार को दो विश्व रिकार्ड और बनने का भी दावा करना चाहिए। सबसे महंगे तेल से दिए जलाने का विश्व रिकार्ड। और दीयों में बचा हुआ तेल, पूरे शहर के गरीबों के खाने में रि-साइकिल कराने का रिकार्ड। खैर! अब दिसंबर के पहले हफ्ते के तीन नये विश्व रिकार्डों पर लौटें।

पहला विश्व रिकार्ड बिजनौर में कायम हुआ है। यह रिकार्ड थ्री इन वन है यानी तीन तरह का विश्व रिकार्ड। पहला रिकार्ड तो भाजपा विधायक सूची चौधरी के ही नाम है--नारियल मारकर नयी-निकोरी सड़क तोड़ देने का रिकार्ड। दुनिया भर में किसी जनप्रतिनिधि ने और वह भी महिला जनप्रतिनिधि ने ऐसा कारनामा नहीं किया होगा। इसके अलावा एक विश्व रिकार्ड उद्घाटन वाले नारियल की मजबूती भी बनता है कि सडक़ टूट गयी, पर नारियल नहीं फूटा। यह दूसरी बात है कि कुछ लोगों का ख्याल है कि दूसरे पहलू वाला रिकार्ड शायद योगी जी के नाम नहीं चढ़ पाए, क्योंकि नारियल के समुद्र के किनारे के किसी प्रदेश से आया होने की ही संभावना ज्यादा है। तीसरा विश्व रिकार्ड प्रशासनिक तत्परता का हो सकता है। विधायक की शिकायत का संज्ञान लेकर, मौके पर मौजूद उच्चाधिकारी ने हाथ के हाथ, सडक़ का नमूना लेकर, जांच कराने का आश्वासन दे दिया।

वैसे एक रिकार्ड और भी बना है, पर वह जरा घरेलू किस्म का है। नारियल की जगह, सडक़ टूटने के अपशकुन के विरोध में, माननीय विधायक फौरन धरने पर बैठ गयीं। योगी-मोदी की डबल इंजन सरकार की जनतांत्रिकता का इससे बढ़कर सबूत क्या होगा कि नारियल की गलती के लिए, माननीय विधायक प्रशासन से जवाब तलब करने के लिए धरने पर बैठ गयीं और उन्हें मामले की पूरी जांच का आश्वासन भी मिल गया, जबकि यह पहली नजर में ही योगी सरकार के विकास को बदनाम करने के षडयंत्र का मामला लगता है। जांच का विषय है कि आपूर्तिकर्ता ने इतना कठोर नारियल क्यों सप्लाई किया कि उसके आघात से बेचारी सडक़ ही टूट गयी। यह नारियल फोड़कर उद्घाटन करने की भारतीय संस्कृति को बदनाम करने के वैश्विक षडयंत्र का मामला भी हो सकता है। वैसे विरोधी यह फेक न्यूज फैला रहे हैं कि माननीया विधायक ने धरना देकर अपना टिकट शायद बचा लिया। पर नारियल इतने जोर से मारकर, योगी जी के विकास की पोल खोलने की गलती के लिए, योगी जी दिल से विधायक सूची चौधरी को कभी माफ नहीं करेंगे।

दूसरा विश्व रिकार्ड, राजधानी लखनऊ की सडक़ों पर बना बताते हैं। यह विश्व रिकार्ड है, किसी लड़ाकू विमान के एक टायर की चोरी का। खबरों के अनुसार, मिराज नाम के लड़ाकू विमान का एक टायर उस समय चुरा लिया गया, जब किसी ट्रक पर लादकर टायरों को, किसी अन्य वायु सेना हवाई अड्डे  ले जाया जा रहा था। बताते हैं कि चोर ट्रैफिक जाम में रस्सी काटकर, टायर चुरा ले गए। बाकी विवरण में गहन जांच के बाद कुछ तब्दीली भी हो सकती है, लेकिन इतना तय है कि यह लड़ाकू विमान के टायर की चोरी का दुनिया में पहला ही मामला है। यह भी अगर वर्ल्ड रिकार्ड नहीं है, तो इस मैदान में वर्ल्ड रिकार्ड और किसने बनाया है, कोई यह बता दे!

और विरोधी जो इस  वर्ल्ड रिकार्ड का श्रेय डबल इंजन की सरकार से इस बिनाह पर छीनना चाहते हैं कि इसमें उनका किया हुआ विकास क्या है, उनकी दलील चलने वाली नहीं है। पहली बात तो यही है कि मामूली चीजों की चोरी छोडक़र, अब यूपी में चोर हवाई जहाज के टायर उड़ा रहे हैं--यह विकास नहीं तो और क्या है? रही बात इसमें योगी जी के योगदान की तो, देश के गृहमंत्री से बड़ी इसकी गवाही क्या होगी? गृहमंत्री ने लखनऊ में एलानिया कहा था कि योगी जी ने चोरों से, झपटमारों से, महिलाओं के गले से चेन वगैरह छीनना छुड़वा दिया है। रात के बारह बजे भी गहने लादकर लड़की जाए, तो चोर उसके गले पर हाथ नहीं डाल सकता। इसी ने तो चोरों को धकिया कर, हवाई जहाज के टायर जैसे चोरी के उच्चतर सामानों की ओर बढ़ाया है। योगी जी की सरकार से इस विकास का श्रेय कोई कैसे छीन सकता है।

तीसरा ताजा विश्व रिकार्ड, यूपी की राजधानी लखनऊ से देश की राजधानी दिल्ली के बीच बना है। यह रिकार्ड बना है, वायु प्रदूषण के कारणों की गहरी खोज में। योगी जी की सरकार ने वैदिक शोध से यह पता लगाया है और देश के सुप्रीम कोर्ट के जरिए सारी दुनिया को बताया भी है, कि बाकी तमाम समस्याओं की ही तरह, उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है। क्या हुआ कि यूपी की सीमाओं से पाकिस्तान सैकड़ों किलोमीटर दूर है और दोनों के बीच में दूसरे कई राज्य पड़ते हैं, पाकिस्तान से प्रदूषित हवाएं बांग्लादेशी घुसपैठियों की तरह किसी न किसी तरह से यूपी तक पहुंच ही जाती हैं और योगी जी के राम राज्य में प्रदूषण फैलाती हैं। माना कि सुप्रीम कोर्ट ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि वह यूपी में प्रदूषण कम कराने के लिए पाकिस्तान के उद्योगों पर पाबंदी नहीं लगा सकता है, पर देश में ही नहीं दुनिया भर में, योगी राज का डंका तो पिट गया। प्रदूषण के खिलाफ कुछ न कर पाने के लिए, इतनी दूर का बहाना क्या किसी और ने बनाया होगा। छद्म-धर्मनिरपेक्षता के चक्कर में केजरीवाल से तो, हरियाणा-पंजाब की पराली से आगे बढ़ा ही नहीं गया।
तो भाई डंका तो लगातार बज रहा है, पगली घंटी की तरह। वैसे, बदनामी का हुआ तो क्या हुआ, डंका आखिर है तो डंका ही।

(लेखक एक व्यंग्यकार और लोकलहर के संपादक हैं।)

sarcasm
bijnor
Broken Road
Yogi Adityanath
UttarPradesh
yogi government

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?

कटाक्ष: महंगाई, बेकारी भुलाओ, मस्जिद से मंदिर निकलवाओ! 


बाकी खबरें

  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License