NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
ग़ाज़ीपुर जेल में बंद सत्याग्रहियों के समर्थन में उतरे अन्य लोग भी गिरफ्तार !
भारतवासियों के लिखे अपने पत्र में सत्याग्रहियों ने लिखा है, 'यह बिना जाने की हमारा गुनाह क्या है और जिला प्रशासन हमें कब तक बंद रखेगा। हम सभी सत्याग्रहियों ने अनशन पर जाने का फैसला किया है, जहां हमने 13 फरवरी से अन्न का त्याग कर दिया है।'
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Feb 2020
Nagrik Sattyagrah

ग़ाज़ीपुर में गिरफ़्तार सत्याग्रह पदयात्रियों के समर्थन में आज 15 फरवरी को उपवास करने जा रहें दर्जन भर लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसमें एनएसयूआई, समाजवादी छात्र संगठन और छात्र युवा अधिकार मंच के छात्र नेता भी शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इन प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र घायल भी हो गए हैं।

इससे पहले ग़ाज़ीपुर में गिरफ़्तार सत्याग्रह पदयात्रियों ने जेल से देशवासियों के नाम एक खुला पत्र लिखा है। ये पत्र 13 फरवरी की शाम भारतवासियों को संबोधित करते हुए जेल से लिखा गया है। इसमें पदयात्रियों ने अपनी यात्रा का उद्देश्य, भूख हड़ताल और सीएए-एनआरसी प्रदर्शनों के दौरान उत्तर प्रदेश में हुई मौतों का उल्लेख किया है।

सत्याग्रहियों ने अपने पत्र की शुरुआत में लिखा है, ‘आज जब यह पत्र आपको लिख हैं तब हम 9 सत्याग्रही गाजी़पुर जिला के बैरक नं.10 व एक महिला साथी जो पेशे से पत्रकार हैं महिला बैरक में बंद हैं। यह बिना जाने की हमारा गुनाह क्या है और जिला प्रशासन हमें कब तक बंद रखेगा। हम सभी सत्याग्रहियों ने अनशन पर जाने का फैसला किया है, जहां हमने 13 फरवरी से अन्न का त्याग कर दिया है।'

बता दें कि 13 फरवरी की शाम पांच बजे से सत्याग्रहियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। ज़िलाधिकारी और जेल सुप्रिटेंडेंट को लिखे अपने पत्र में सभी पदयात्रियों ने रिहा होने तक इस भूख हड़ताल को जारी रखने की बात लिखी थी। पत्र में ये भी लिखा गया था कि 'हमें बिना किसी उचित कारण के गिरफ्तार किया गया है, जो हमारे मानवाधिकार का उल्लंघन है, इसलिए जब तक हम रिहा नहीं हो जाते हमारा ये संघर्ष जारी रहेगा।'

इसे भी पढ़े : ग़ाज़ीपुर में गिरफ़्तार सत्याग्रहियों ने जेल में भूख हड़ताल शुरू की

गौरतलब है कि चौरीचौरा गोरखपुर से राजघाट नई दिल्ली के लिए निकली ‘नागरिक सत्याग्रह पदयात्रा’ लगभग 200 किलोमीटर की यात्रा करके 11 फरवरी मंगलवार को ग़ाज़ीपुर पहुंची। जहां पर पुलिस ने सत्याग्रही पदयात्रियों को शांतिभंग की धाराओं में जेल भेज दिया था।

12 फरवरी, बुधवार को जब इनकी ज़मानत की अर्जी स्थानीय एसडीएम के यहां लगायी गयी तो उन्होंने बेल बॉल्ड भरने का जो आदेश दिया, वह अपने आप में बेहद खतरनाक और चौंकाने वाला है।
IMG-20200214-WA0049.jpg
ग़ाज़ीपुर के जिला कारागार में बंद 10 सत्याग्रहियों के खिलाफ़ एसडीएम (सदर) ग़ाज़ीपुर ने ज़मानत की बहुत अजीब सी शर्त रखी है। इस शर्त के मुताबिक, जमानत के लिए प्रतिव्यक्ति 2.5 लाख के दो बेल बॉन्ड भरे जाएं और साथ ही हर बंदी के लिए गारंटर के तौर पर दो राजपत्रित अधिकारी ज़मानत दें। मालूम हो कि इन दस सत्याग्रहियों को आइपीसी की धारा 107/16 और 151 के तहत गिरफ्तार किया गया था। बुधवार को जब बेल की अर्जी लगायी गयी तो एसडीएम ने इतनी सख्त शर्तें थोप दीं।

गिरफ्तार किए गए लोगों में अधिकतर बीएचयू के छात्र हैं, जिनमें प्रियेश पांडे, मुरारी कुमार, राज अभिषेक, अनंत प्रकाश शुक्ल, नीरज राय, अतुल यादव शामिल हैं। इनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता मनीष शर्मा, शेष नारायण ओझा, रविंद्र कुमार रवि और जानी मानी महिला पत्रकार प्रदीपिका सारस्वत भी शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: नागरिक सत्याग्रह पदयात्रियों से डरी पुलिस, गाजीपुर जिले से गिरफ्तार कर जेल में डाला

Nagrik Sattyagrah
UttarPradesh
CAA
NRC
Protest against CAA
UP police
Ghazipur
yogi sarkar
Yogi Adityanath

Related Stories

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

अनुदेशकों के साथ दोहरा व्यवहार क्यों? 17 हज़ार तनख़्वाह, मिलते हैं सिर्फ़ 7000...

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 861 नए मामले, 6 मरीज़ों की मौत
    11 Apr 2022
    देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 11 हज़ार 58 हो गयी है।
  • nehru
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या हर प्रधानमंत्री एक संग्रहालय का हक़दार होता है?
    10 Apr 2022
    14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेहरू स्मृति संग्रहालय और पुस्तकालय की जगह बने प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन करेंगेI यह कोई चौकाने वाली घटना नहीं क्योंकि मौजूदा सत्ता पक्ष का जवाहरलाल…
  • NEP
    नई शिक्षा नीति का ख़ामियाज़ा पीढ़ियाँ भुगतेंगी - अंबर हबीब
    10 Apr 2022
    यूजीसी का चार साल का स्नातक कार्यक्रम का ड्राफ़्ट विवादों में है. विश्वविद्यालयों के अध्यापक आरोप लगा रहे है कि ड्राफ़्ट में कोई निरंतरता नहीं है और नीति की ज़्यादातर सामग्री विदेशी विश्वविद्यालयों…
  • imran khan
    भाषा
    पाकिस्तान में नए प्रधानमंत्री का चयन सोमवार को होगा
    10 Apr 2022
    पीएमएल-एन के शहबाज शरीफ, पीटीआई के कुरैशी ने प्रधानमंत्री पद के लिए नामांकन पत्र जमा किया। नए प्रधानमंत्री का चुनाव करने के लिए सोमवार दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी।
  • Yogi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा में नंबर दो की लड़ाई से लेकर दिल्ली के सरकारी बंगलों की राजनीति
    10 Apr 2022
    हर हफ़्ते की प्रमुख ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License