NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सऊदी महिला अधिकार से जुड़ी कार्यकर्ता लुजैन को टेरर कोर्ट में पेश किया गया
लुजैन 900 से अधिक दिनों से जेल में है। बुधवार को आपराधिक अदालत जो मार्च 2019 से इस मामले की सुनवाई कर रही थी उसने अपने अधिकार क्षेत्र की सीमा का हवाला देते हुए इस मामले को टेरर कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया।
पीपल्स डिस्पैच
26 Nov 2020
सऊदी महिला अधिकार से जुड़ी कार्यकर्ता लुजैन को टेरर कोर्ट में पेश किया गया

सऊदी अरब की महिला अधिकार कार्यकर्ता लुजैन अल-हथलौल को सऊदी अरब ने मई 2018 से क़ैद कर रखा है। उन पर अब आतंक की सुनवाई करने वाली अदालत में मुक़दमा चलेगा। उनके परिवार के हवाले से बुधवार 25 नवंबर को कई मीडिया संस्थानों ने इस खबर को प्रकाशित किया है। लुजैन ने 26 अक्टूबर को सऊदी जेल के अधिकारियों द्वारा परिवार से नियमित तौर पर मिलने जुलने की अनुमति नहीं देने के विरोध में भूख हड़ताल शुरू किया था।

लुजैन की छोटी बहन लीना अल-हथलौल ने मीडिया को बताया है कि परिवार को सूचित किया गया था कि लुजैन को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। इससे पहले क्रिमिनल कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र की सीमा व्यक्त करते हुए मामले को टेरर कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया। अल-हथलौल के अनुसार बुधवार को सरकारी अधिकारियों की क्रूरता के चलते 900 दिनों से ज़्यादा दिनों तक जेल में रखे जाने के बाद सुनवाई अचानक शुरू की गई।

कार चलाने की सऊदी महिला के आधिकारों को बढ़ावा देने वाले उनके अभियानों और सऊदी पुरुष के गार्जियनशिप के खिलाफ उनकी आलोचना को लेकर मशहूर होने के बाद दो साल पहले लुजैन को संयुक्त अरब अमीरात में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें क़ैद कर लिया गया था।

सऊदी सरकार ने उन पर देशद्रोही होने और “देश के हितों को नुकसान पहुंचाने” का आरोप लगाया है। वह गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रही है जैसे कि "सऊदी अरब दुश्मन विदेशी निकायों के साथ संचार करना," सरकारी कर्मचारियों को गोपनीय जानकारी एकत्र करने के लिए भर्ती करना" और "विदेशी संस्थाओं के लिए वित्तीय सहायता पहुंचाना जो किंगडम के शत्रु हैं"।

जेल में क़ैद के दौरान लुजैन से जेल अधिकारियों द्वारा क्रूर और अमानवीय व्यवहार किया गया है जिसने उन्हें मार पीट के साथ बिजली के झटके देने जैसे काफी मनोवैज्ञानिक और शारीरिक यातनाएं दी हैं। जेल अधिकारियों द्वारा उन्हें डराने-धमकाने के प्रयास में जेल में कथित तौर पर उनका यौन उत्पीड़न भी किया गया था जिसके बाद लुजैन ने खुद अंतरराष्ट्रीय राजनयिक और मानवाधिकार प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान जेल अधिकारियों से मिली रेप की धमकी के बारे में बताया।

लुजैन उन सैकड़ों सऊदी नागरिकों में से एक है जिन्हें महीनों और सालों तक बिना किसी क़ानूनी प्रक्रिया के या बिना मुकदमे के जेल में रखा गया है। कई लोगों को तो उनके खिलाफ लगे आरोपों की जानकारी भी नहीं दी गई है। मानवाधिकार संगठन ग्रांट लिबर्टी के अनुसार साल 2017 में मोहम्मद बिन सलमान के सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस बनने के बाद से 309 राजनीतिक कैदी सऊदी शासन के हाथों अपने मानवाधिकारों के उल्लंघन का शिकार हुए हैं।

Saudi Arabia
Loujain al-Hathloul
Women's rights activist
Human rights organization Grant Liberty

Related Stories

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

AUKUS के विश्वासघात के ख़िलाफ़ मैक्रोन का बदला

तुर्की-यूएई रिश्तों में सुपर ब्लूम के मायने क्या हैं?

ब्लिंकन के 'इंडो-अब्राहमिक समझौते' का हुआ खुलासा

नहीं रहीं ‘आज़ाद देश’ में महिलाओं की आज़ादी मांगने वालीं कमला भसीन

जांच पर और सवाल करते हैं 9/11 मामले में एफबीआई के सार्वजनिक हुए दस्तावेज 


बाकी खबरें

  • general strike
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?
    27 Mar 2022
    भारत के औद्योगिक श्रमिक, कर्मचारी, किसान और खेतिहर मज़दूर ‘लोग बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ 28-29 मार्च 2022 को दो दिवसीय आम हड़ताल करेंगे। इसका मतलब यह है कि न सिर्फ देश के विशाल विनिर्माण क्षेत्र…
  • Bhagat Singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    शहीद भगत सिंह के इतिहास पर एस. इरफ़ान हबीब
    27 Mar 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस एपिसोड में नीलांजन ने बात की है इतिहासकार एस. इरफ़ान हबीब से भगत सिंह के इतिहास पर।
  • Raghav Chadha
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: पंजाब में राघव चड्ढा की भूमिका से लेकर सोनिया गांधी की चुनौतियों तक..
    27 Mar 2022
    हर हफ़्ते की प्रमुख ख़बरों को लेकर एकबार फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन…
  • jaunpur violence against dalits
    विजय विनीत
    उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप
    27 Mar 2022
    आरोप है कि बदलापुर थाने में औरतों और बच्चियों को पीटने से पहले सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। पहले उनके कपड़े उतरवाए गए और फिर बेरहमी से पीटा गया। औरतों और लड़कियों ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि वे…
  • सोनिया यादव
    अपने ही देश में नस्लभेद अपनों को पराया बना देता है!
    27 Mar 2022
    भारत का संविधान सभी को धर्म, जाति, भाषा, वेशभूषा से परे बिना किसी भेदभाव के एक समान होने की बात करता है, लेकिन नस्लीय भेद इस अनेकता में एकता की भावना को कलंकित करता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License