NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सऊदी ने हवाई हमले में यमन में अपने गठबंधन की सेना को मार गिराया
विद्रोही हौथी सैनिकों ने सऊदी अरब के जज़ीरा में अरामको परिसरपर पर हाल में हमला करने का भी दावा किया है।
पीपल्स डिस्पैच
30 Jan 2020
हौथी सैनिकों

यमन के मारिब प्रांत में जाफरा क्षेत्र में मंसूर अल-हादी के नेतृत्व वाली सेना के 9 सैनिकों की 29 जनवरी को मौत हो गई। इसके गठबंधन सहयोगी सऊदी अरब द्वारा किए गए हवाई हमले में ये सैनिक मारे गए। रिपोर्ट के अनुसार हमले में 10 और सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए।

हौथिस ने बुधवार यानी 29 जनवरी को ड्रोन और रॉकेट का इस्तेमाल करके लाल सागर के पास जीजान में सऊदी अरामको परिसर पर हमला करने का दावा किया। रॉयटर्स के अनुसार हौथी के सैन्य प्रवक्ता याहिया सरिया ने अल-मसीरा चैनल पर एक प्रसारण में इन हमलों का दावा किया था। हौथिस ने सऊदी के आभा और जीजान हवाई अड्डों और खमीस मुशायत सैन्य ठिकानों पर हमले का भी दावा किया।

पिछले साल सितंबर में हौथिस ने अबकैक और खुरैस में सऊदी अरामको परिसर पर हमला किया था। इन हमलों के बाद सऊदी अरब ने हौथिस के साथ अनौपचारिक बातचीत शुरू कर दी थी जो अभी भी जारी है। हालांकि, सऊदी अरब ने हौथी बहुल क्षेत्र में हाल ही में अपने हवाई हमले बढ़ाए थे, जिसे हौथी हमलों के नवीनतम दौर का कारण बताया गया है।

यमन में ये युद्ध 2015 से चल रहा है जब अब्द रब्बू मंसूर हादी सरकार के अमेरिका समर्थक होने और व्यापक भ्रष्टाचार के खिलाफ हौथी विद्रोहियों ने राजधानी सना पर नियंत्रण कर लिया था। तब से यूएस और यूके के सैन्य सहायता के साथ सऊदी अरब के नेतृत्व में गठबंधन द्वारा हादी को मदद की जा रही थी।

गठबंधन सेना ने हवाई हमले किए और देश के स्थल और समुद्री मार्गों में बाधा डाला जिससे हजारों नागरिकों की मौत हो गई। इसने देश में बड़े पैमाने पर भुखमरी को जन्म दिया जिसने लाखों लोगों को अकाल की ओर धकेल दिया है और उन्हें उचित दवा से दूर कर दिया है। इसने संयुक्त राष्ट्र को देश में मानवीय संकट को सदी का सबसे बड़ा संकट घोषित करने पर मजबूर किया है।

yemen
Saudi Arabia
Houthi soldiers
Airstrike
Coalition forces

Related Stories

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

पड़ताल दुनिया भर कीः यमन का ड्रोन हमला हो या यूक्रेन पर तनाव, कब्ज़ा और लालच है असल मकसद

AUKUS के विश्वासघात के ख़िलाफ़ मैक्रोन का बदला

तुर्की-यूएई रिश्तों में सुपर ब्लूम के मायने क्या हैं?

ब्लिंकन के 'इंडो-अब्राहमिक समझौते' का हुआ खुलासा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License