NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सऊदी की महिला अधिकार कार्यकर्ता लुजैन अल-हथलौल को क़ैद की सज़ा सुनाई गई
सोमवार को सज़ा सुनाए जाने से पहले किसी विशेष अपराध को लेकर औपचारिक आरोप के बिना सऊदी की महिला अधिकार कार्यकर्ता वर्ष 2018 से जेल में हैं।
पीपल्स डिस्पैच
29 Dec 2020
सऊदी की महिला अधिकार कार्यकर्ता लुजैन अल-हथलौल को क़ैद की सज़ा सुनाई गई

सऊदी की सरकारी समाचार एजेंसी एसएबीक्यू के अनुसार सऊदी अरब की नारीवादी और महिला अधिकार से जुड़ी कार्यकर्ता लुजैन अल-हथलौल जो वर्ष 2018 के मई महीने से जेल में बंद हैं उन्हें टेररिज्म कोर्ट द्वारा सोमवार 28 दिसंबर को पांच साल और आठ महीने की जेल की सजा सुनाई गई। कई बड़ी हस्तियों, मानवाधिकार संगठनों, विश्व भर के नेताओं और अन्य लोगों द्वारा पुरजोर और भावुक अपील के बावजूद सऊदी की अदालत ने उन्हें उन आरोपों पर दोषी ठहराया है जिनमें 'परिवर्तन के लिए आंदोलन', 'विदेशी एजेंडे को बढ़ाना' और 'सरकारी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करना' शामिल है।

लुजैन की सजा सुनाने वाले जज ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने अपने अपराधों को बिना किसी दबाव के कबूल कर लिया है, हालांकि पिछले 2 वर्षों में सऊदी अधिकारियों द्वारा लुजैन को प्रताड़ित और बदसलूकी करने की कई रिपोर्ट सामने आए साथ ही बिना किसी आरोप या सुनवाई के लंबे समय तक हिरासत में रखने की कई रिपोर्ट भी सामने आई।

अतीत में सुनवाई प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी संदेह किया गया था कि सऊदी शासन उन्हें मुश्किलों का सामने करने के लिए मजबूर कर रहा है। हालांकि, सजा सुनाते समय अदालत ने कहा कि लुजैन को सुनाई गई सजा में दो साल और 10 महीने की कमी उस शर्त पर होगी जब वह अगले तीन साल में कोई अपराध नहीं करती हैं साथ ही साथ जब से उन्हें जेल में कैद किया गया है तब इस सजा की शुरुआत होगी।

इस सजा के तहत अदालत ने लुजैन को पांच साल की यात्रा पर प्रतिबंध भी लगा दिया और अपने खिलाफ इस फैसले की अपील करने के लिए उन्हें 30 दिन का समय दिया। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए लुजैन की बहन लीना अल-हथलौल ने सऊदी सरकार के पाखंड का उल्लेख किया। विशेष रूप से प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का जो रूढ़िवादी लोकतांत्रिक राज्य के 'प्रगतिशील सुधार' का प्रचार करते हैं जबकि ठीक इसी समय में शर्मनाक मुकदमों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन और सुधारों की मांग करने को लेकर लुजैन जैसे कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए, जेल भेजे गए और मुकदमा चलाया गया।

लुजैन उन सैकड़ों मानवाधिकारों और लोकतंत्र-समर्थक कार्यकर्ताओं में से एक हैं जिन्हें सऊदी सरकार ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धर्म की स्वतंत्रता, महिलाओं के समान अधिकार आदि जैसे मौलिक मानव और नागरिक अधिकारों की वकालत करने के लिए कैद किया और प्रताड़ित किया है। लुजैन को दर्जनों अन्य कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तार किया गया था जब वे दुबई-अबू धाबी राजमार्ग पर गाड़ी चला रही थी। इसके बाद उन्हें सऊदी खुफिया एजेंसी द्वारा हिरासत में लिया गया और पूछताछ की गई।

Saudi Arab
Women's rights activist
Loujain Alhathloul

Related Stories

यमन में एक बच्चा होना बुरे सपने जैसा है

नहीं रहीं ‘आज़ाद देश’ में महिलाओं की आज़ादी मांगने वालीं कमला भसीन

फ़ारस की खाड़ी में बाइडेन की नीति

यमन के लोगों ने सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया, युद्ध के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया

इज़रायल के ख़िलाफ़ फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध आंदोलन की मदद करने पर सऊदी अदालत ने 69 लोगों को सज़ा सुनाई

दक्षिण अफ़्रीकी अदालत ने सऊदी अरब और यूएई को हथियारों के निर्यात के परमिट की न्यायिक समीक्षा का आदेश दिया

जॉर्डन में तख़्तापलट की कोशिशों ने छोड़े सबूत

सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन में होदेदाह बंदरगाह पर चार फ्यूल शिप को खड़ा करने की अनुमति दी

बहरीन में अरब विद्रोह की 10वीं वर्षगांठ के मौके पर विरोध-प्रदर्शन 

सऊदी महिला अधिकार कार्यकर्ता लुजैन अल-हथलौल को गुरुवार को जेल से रिहा किया जाएगा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 975 नए मामले, 4 मरीज़ों की मौत  
    16 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलो ने चिंता बढ़ा दी है | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार कोरोना पर अपनी नजर बनाए रखे हुए हैं, घबराने की जरूरत नहीं। 
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश: सागर से रोज हजारों मरीज इलाज के लिए दूसरे शहर जाने को है मजबूर! 
    16 Apr 2022
    सागर के बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी की सुविधा नहीं है। जिससे जिले की आवाम बीमारियों के इलाज के लिए नागपुर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरों को जाने के लिए बेबस है। 
  • शारिब अहमद खान
    क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?
    16 Apr 2022
    यमन में अप्रैल माह में दो अहम राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिला, पहला युद्धविराम की घोषणा और दूसरा राष्ट्रपति आबेद रब्बू मंसूर हादी का सत्ता से हटना। यह राजनीतिक बदलाव क्या यमन के लिए शांति लेकर आएगा ?
  • ओमैर अहमद
    मंडल राजनीति को मृत घोषित करने से पहले, सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अंबेडकर की तस्वीरों को याद करें 
    15 Apr 2022
    ‘मंदिर’ की राजनीति ‘जाति’ की राजनीति का ही एक दूसरा स्वरूप है, इसलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव ने मंडल की राजनीति को समाप्त नहीं कर दिया है, बल्कि ईमानदारी से इसके पुनर्मूल्यांकन की ज़रूरत को एक बार फिर…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग
    15 Apr 2022
    बीएचयू में एक बार फिर छात्राओं ने अपने हक़ के लिए की आवाज़ बुलंद की है। लाइब्रेरी इस्तेमाल के लिए छात्राएं हस्ताक्षर अभियान के साथ ही प्रदर्शन कर प्रशासन पर लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखने का आरोप…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License