NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अल्जीरिया में सुरक्षा बलों ने 10 सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया
गिरफ्तार किए गए लोगों में कार्यकर्ता समीर बेनालर्बी शामिल हैं जो देश के भ्रष्ट और अक्षम सरकार तथा राजनीतिक व्यवस्था के विरोध में लोकप्रिय हिरक आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति हैं। ये आंदोलन फरवरी से यहां चल रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
09 Mar 2020
अल्जीरिया
Image courtesy: The Guardian

शनिवार 7 मार्च को अल्जीरिया की पुलिस ने राजधानी अल्जीयर्स में सरकार विरोधी प्रदर्शन का हिस्सा रहे प्रमुख 'हिरक' आंदोलन के कार्यकर्ता समीर बेनालर्बी सहित दस प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। एएफपी समाचार एजेंसी से जुड़े एक पत्रकार ने ये जानकारी दी।

हिरक आंदोलन द्वारा ऑनलाइन आह्वान के बाद लगभग 300 प्रदर्शनकारी राजधानी में रैली निकालने की कोशिश कर रहे थे। धरना स्थल के पास पुलिस की भारी संख्या में मौजूदगी भी बताई गई थी। विरोध प्रदर्शनों को तितर बितर करते हुए और उन्हें रैली में हिस्सा लेने से रोकते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई की।

देश के पूर्वी हिस्से के अन्य बड़े शहरों जैसे कॉन्स्टेंटाइन, अन्नबा, और अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन किए गए, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध को दर्ज किया और देश को नुकसान पहुंचाने वाले व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए निंदा की साथ ही सरकार द्वारा देश के नागरिकों के स्वतंत्रत वाक्य तथा अभिव्यक्ति के अधिकारों का हनन को लेकर भी निंदा की है।

उन्होंने सरकार के दबाव के कारण देश के मीडिया, विशेष रूप से सरकार के स्वामित्व वाले टेलीविजन और निजी चैनलों को भी विरोध प्रदर्शन का निष्पक्ष तरीके से कवर न करने पर निंदा की है। कैदी समर्थित संघ ने पुष्टि की कि बेनार्लबी को भी सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया था।

प्रदर्शनकारियों को अल्जीरियाई ध्वज लहराते हुए देखा गया साथ ही वे पिछले पांच महीनों से जेल में बंद राजनीतिक कार्यकर्ता करीम तबू के चित्र वाले पोस्टर लिए हुए थे। तबू पर "सेना के मनोबल को कमजोर करने" के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने यूथ एक्शन रैली (आरएजे) के अध्यक्ष अब्दुल वाहाब फ़ेरसोई को रिहा करने की भी मांग की और ऐलान किया कि हिरक आंदोलन का समर्थन करने के लिए पुलिसकर्मी तौफ़िक हसनी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि हसनी को पुलिस कानूनों के अनुसार बर्खास्त किया जा सकता है।

मुकदमे का सामना कर रहे हसनी को पिछले सप्ताह रिहा कर दिया गया था और बाद में उन्होंने मौरिस ऑडिन चौक पर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और प्रदर्शनकारियों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की।

अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी एक बयान जारी किया है जिसमें उसने सरकार से सभी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को तत्काल और बिना शर्त रिहा करने का आह्वान किया है जिन्हें केवल वाक्य की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति, संघ, सभा करने और शांति के अपने अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए हिरासत में लिया गया है।

संगठन ने पिछले शनिवार 29 फरवरी के बाद सरकार की "मनमानी गिरफ्तारियों" की आलोचना की थी। एक विरोध मार्च के बाद 56 प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

Algeria
Anti-government protesters
Algerian Police
International Human Rights Organization
NGO
Amnesty International

Related Stories

ईजिप्ट : पिछले साल हुए प्रदर्शनों के मौक़े पर सरकार विरोधी प्रदर्शन

कपड़ा उद्योग के कर्मचारी से रेप के विरोध में बांग्लादेश में प्रदर्शन तेज़


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License