NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मीडिया के एक वर्ग की न्यूज़क्लिक को बदनाम करने की कोशिश
यह दावे क़ानूनी और जांच प्रक्रिया की पवित्रता का भी उल्लंघन करते हैं।
न्यूज़क्लिक संपादकीय टीम
12 Feb 2021
Press Freedom
Image Courtesy: Free Press Journal

शुक्रवार की दोपहर तक न्यूज़क्लिक के मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के घर पर ईडी की छापेमारी क़रीब 80 घंटे से चल रही है। प्रबीर पुरकायस्थ और लेखिका गीता हरिहरन को छापेमारी की शुरूआत से ही उनके घर में  नज़रबंद कर के रखा गया है।

इससे पहले, न्यूज़क्लिक के ऑफ़िस पर 36 घंटे से ज़्यादा तक छापेमारी चली थी और हमारे न्यूज़ आर्गेनाइज़ेशन को चलाने के लिए ज़रूरी उपकरणों को ईडी ने अपने क़ब्ज़े में ले लिया। डायरेक्टर और सीनियर मैनेजमेंट के संचार साधनों को भी क़ब्ज़े में ले लिया गया है, जिसकी वजह से उन्हें काम पर वापस आने में और मीडिया के सवालों का जवाब देने में मुश्किल हो रही है। इस शोषण के बावजूद, न्यूज़क्लिक ने अधिकारियों का पूरी तरह से सहयोग किया है, और आगे भी करता रहेगा। हमारे पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है, क्योंकि हमने कुछ ग़ैर-क़ानूनी नहीं किया।

हालांकि, हम कुछ मीडिया चैनलों की रिपोर्ट देख कर बहुत व्यथित हैं, जो कथित तौर पर ईडी के उच्च अधिकारियों के सूत्रों से उन्हें मिली है। ग़लत और भटकाने वाले तथ्यों को लीक करना, सिर्फ़ न्यूज़क्लिक को और हमारी पत्रकारिता को बदनाम करने की शर्मनाक कोशिश है। साथ ही यह दावे क़ानूनी और जांच प्रक्रिया की पवित्रता का भी उल्लंघन करते हैं।

जैसे कि हमने 10 फ़रवरी के अपने संपादकीय बयान में कहा था, यह छापेमारी उस पैटर्न का हिस्सा है, जिसके तहत सरकार के आगे न झुकने वालों के ख़िलाफ़ सरकारी एजेंसियों को लगाने का काम किया जा रहा है।

हम, हमको मिले समर्थन के शुक्रगुज़ार हैं और अपने हितैषियों से यह कहना चाहते हैं कि हम भयभीत करने की सारी कोशिशों के मुक़ाबला करेंगे, और अपनी स्वतंत्र पत्रकारिता जारी रखेंगे।

ED Raids
Newsclick
Press freedom
attack on journalism
Enforcement Directorate

Related Stories

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

धनकुबेरों के हाथों में अख़बार और टीवी चैनल, वैकल्पिक मीडिया का गला घोंटती सरकार! 

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

भारत को मध्ययुग में ले जाने का राष्ट्रीय अभियान चल रहा है!

भारत में ‘वेंटिलेटर पर रखी प्रेस स्वतंत्रता’, क्या कहते हैं वैकल्पिक मीडिया के पत्रकार?

झारखंडः आईएएस पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी दूसरे दिन भी जारी, क़रीबी सीए के घर से 19.31 करोड़ कैश बरामद

प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी

Press Freedom Index में 150वें नंबर पर भारत,अब तक का सबसे निचला स्तर

प्रेस फ्रीडम सूचकांक में भारत 150वे स्थान पर क्यों पहुंचा


बाकी खबरें

  • Banaras
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?
    28 Feb 2022
    बनारस के संकटमोचन मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भर नाथ मिश्र बीएचयू IIT के सीनियर प्रोफेसर और गंगा निर्मलीकरण के सबसे पुराने योद्धा हैं। प्रो. मिश्र उस मंदिर के महंत हैं जिसकी स्थापना खुद तुलसीदास ने…
  • Abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    दबंग राजा भैया के खिलाफ FIR ! सपा कार्यकर्ताओं के तेवर सख्त !
    28 Feb 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma Ukraine में फसे '15,000 भारतीय मेडिकल छात्रों को वापस लाने की सियासत में जुटे प्रधानमंत्री' के विषय पर चर्चा कर रहे है। उसके साथ ही वह…
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी वोटिंग पैटर्न: ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा और शहरों में कम वोटिंग के क्या हैं मायने?
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में अब तक के वोटिंग प्रतिशत ने राजनीतिक विश्लेषकों को उलझा कर रख दिया है, शहरों में कम तो ग्रामीण इलाकों में अधिक वोटिंग ने पेच फंसा दिया है, जबकि पिछले दो चुनावों का वोटिंग ट्रेंड एक…
  • banaras
    सतीश भारतीय
    यूपी चुनाव: कैसा है बनारस का माहौल?
    28 Feb 2022
    बनारस का रुझान कमल खिलाने की तरफ है या साइकिल की रफ्तार तेज करने की तरफ?
  • एस एन साहू 
    उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 
    28 Feb 2022
    क्या भाजपा को देर से इस बात का अहसास हो रहा है कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहीं अधिक पिछड़े वर्ग के समर्थन की जरूरत है, जिन्होंने अपनी जातिगत पहचान का दांव खेला था?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License