NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
COVID -19 संक्रमणों में ख़तरनाक वृद्धि के साथ जर्मनी में सेमी लॉकडाउन
नए नियमों के अनुसार जर्मनी भर में स्कूल और ग़ैर-ज़रूरी दुकानें बुधवार 16 दिसंबर से 10 जनवरी तक बंद रहेंगी।
पीपल्स डिस्पैच
15 Dec 2020
कोरोना वायरस

जर्मनी में COVID-19 संक्रमण में तेज़ी से हो रही वृद्धि को काबू करने के लिए रविवार 13 दिसंबर को जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने जर्मनी में सेमी-लॉक डाउन की घोषणा की जो बुधवार 16 दिसंबर से लागू होगा। COVID-19 संक्रमण के पहले दौर में इससे होने वाली मौतों को नियंत्रित करने में जर्मनी अपेक्षाकृत सफल रहा (23 अप्रैल तक 150,000 मामले सामने आए और 5,000 से अधिक मौत के सामने आए)। लेकिन अप्रैल के तीसरे सप्ताह से लॉकडाउन के नियमों में धीरे-धीरे ढ़ील देने के साथ देश के कई हिस्सों में मामलों में वृद्धि हुई और अक्टूबर तक ये वृद्धि खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। 14दिसंबर तक जर्मनी में COVID-19 संक्रमण से 22,607 मौत के साथ 1,348,851 मामले सामने आए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक गैर-जरूरी दुकानों को बुधवार से बंद करने का आदेश दिया गया है। नए लॉकडाउन नियमों के अनुसार, सभी स्कूल 10 जनवरी तक बंद रहेंगे और तब तक कक्षाएं ऑनलाइन ली जाएंगी।

नए लॉकडाउन को लेकर जर्मनी में डाई लिंके (द लेफ्ट) ने आरोप लगाया है कि “ये लॉकडाउन संघीय सरकार की अब तक की विफलताओं को दोष रहित नहीं बनाता है। संक्रमण-विरोधी नियम अभी भी एक सामाजिक विकार को दर्शाते हैं। हम लॉकडाउन के दौरान प्रभावी सामाजिक एकजुटता की मांग करते हैं जो किसी को पीछे न रखे! "

डाई लिंके ने सरकार से कम वेतन वाले कर्मचारियों के लिए अल्पावधि भत्ता में वृद्धि, स्व-नियोजित के लिए त्वरित क्षतिपूर्ति भत्ता, बुनियादी सुरक्षा तक आसान पहुंच,कल्याण भत्ते में वृद्धि, बेदखली को रोकना, बेघर लोगों को आश्रय, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए तकनीकी और शैक्षणिक व्यवस्था, बुजुर्ग लोगों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं आदि सहित सभी के लिए नि: शुल्क जांच तथा नि: शुल्क मास्क, आवश्यक उत्पादन में लगे श्रमिकों के लिए सुरक्षित वातावरण, सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा और नए लॉकडाउन अवधि के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों की गारंटी के सुनिश्चित करने की मांग की है।

पिछले हफ्ते, जर्मनी के कई हिस्सों में स्कूली छात्रों ने COVID -19 संक्रमणों में खतरनाक वृद्धि के मद्देनजर स्कूलों में अपर्याप्त सुरक्षा उपायों को लेकर विरोध किया। शनिवार 12 दिसंबर को म्यूनिख में स्कूली छात्रों ने हड़ताल की और COVID-19 अवधि के दौरान कक्षाओं में सुरक्षा की मांग के लिए इकट्ठा हुए।

इससे पहले, देश में कई दक्षिणपंथी समूहों ने देश भर में ’हाइजीन डेमो’ और लॉकडाउन विरोधी प्रदर्शन का आयोजन किया। अल्टर्नेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) सहित अति दक्षिणपंथी समूहों ने जर्मनी में COVID-19 के प्रसार के लिए यहूदियों और आप्रवासी समुदायों को निशाना बनाते हुए इस तरह के 'हाइजीन डेमो' का आयोजन किया।

germany
COVID-19
Coronavirus
Lockdown

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • Ayodhya
    रवि शंकर दुबे
    अयोध्या : 10 हज़ार से ज़्यादा मंदिर, मगर एक भी ढंग का अस्पताल नहीं
    24 Jan 2022
    दरअसल अयोध्या को जिस तरह से दुनिया के सामने पेश किया जा रहा है वो सच नहीं है। यहां लोगों के पास ख़ुश होने के लिए मंदिर के अलावा कोई दूसरा ज़रिया नहीं है। अस्पताल से लेकर स्कूल तक सबकी हालत ख़राब है।
  • BHU
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: ‘भूत-विद्या’ के बाद अब ‘हिंदू-स्टडीज़’ कोर्स, फिर सवालों के घेरे में आया बीएचयू
    24 Jan 2022
    किसी भी राष्ट्र को आगे ले जाने के लिए धर्म की नहीं, विज्ञान और संविधान की जरूरत पड़ती है। बेहतर होता बीएचयू में आधुनिक पद्धति के नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाते। हमारा पड़ोसी देश चीन बिजली की मुश्किलों से…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: एक वीरता पुरस्कार तो ग़रीब जनता का भी बनता है
    24 Jan 2022
    बेरोज़गारी, महंगाई और कोविड आदि की मार सहने के बाद भी भारत की आम जनता ज़िंदा है और मुस्कुरा कर पांच राज्यों में फिर मतदान की लाइन में लगने जा रही है, तो एक वीरता पुरस्कार तो उसका भी बनता है...बनता है…
  • genocide
    पार्थ एस घोष
    घर वापसी से नरसंहार तक भारत का सफ़र
    24 Jan 2022
    भारत में अब मुस्लिम विरोधी उन्माद चरम पर है। 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से इसमें लगातार वृद्धि हुई है।
  • bulli bai
    डॉ. राजू पाण्डेय
    नफ़रत का डिजिटलीकरण
    24 Jan 2022
    सुल्ली डील्स, बुल्ली बाई, क्लबहाउस और अब ट्रैड्स के ज़रिये अल्पसंख्यक समुदाय के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने का काम लगातार सोशल मीडिया पर हो रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License