NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एनसीपी के सीनियर नेता डीपी त्रिपाठी का निधन
डीपी त्रिपाठी एनसीपी के महासचिव के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पिछले साल ही राज्यसभा से उनका कार्यकाल समाप्त हुआ था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Jan 2020
 Shri.D.P Tripathi
Image courtesy: Social Media

नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता डीपी त्रिपाठी का गुरुवार को नयी दिल्ली में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे। वह कैंसर से पीड़ित थे।

राकांपा नेता सुप्रिया सुले ने ट्वीट किया, ‘डीपी त्रिपाठी जी के निधन से काफी दुखी हूं। वह राकांपा के महासचिव और हम सबके मार्गदर्शक थे।’

Deeply Saddened to hear about the demise of Shri.D.P Tripathi Ji. He was the General Secretary of @NCPspeaks, and a guide and mentor to all of us. We will miss his wise counsel and guidance which he had given us from the day NCP was established. (1/2)

— Supriya Sule (@supriya_sule) January 2, 2020

सुले ने कहा, ‘उन्होंने राकांपा की स्थापना के समय से हमें बहुमूल्य परामर्श और मार्गदर्शन दिया जिसे हम याद रखेंगे। ईश्चर उनकी आत्मा को शांति दे। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।’

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने गुरुवार को एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य डीपी त्रिपाठी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुये कहा कि उन्होंने अपने छात्र जीवन के समय से लेकर अब तक के सबसे करीबी मित्र को खो दिया है।

येचुरी ने ट्वीट कर कहा, ‘कामरेड त्रिपाठी साथी छात्र, जीवन के सहयात्री और बहुत कुछ थे। विश्वविद्यालय के दिनों से लेकर उनके जीवन के अंतिम दिनों तक हमारा संवाद अंतहीन था। बहस और असहमति के बीच हमने एक दूसरे से बहुत कुछ सीखा।’
 
येचुरी ने त्रिपाठी के निधन को निजी तौर पर अपूर्णीय क्षति बताते हुये कहा, ‘मेरे मित्र, आपकी कमी बहुत अधिक खलेगी। शोक।’

महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि त्रिपाठी के निधन से ‘एक ऐसा खालीपन पैदा हो गया है, जिसे भरा नहीं जा सकता।’ भुजबल ने ट्वीट किया, ‘राकांपा ने अपने वरिष्ठ मार्गदर्शक को हमेशा के लिए खो दिया।’

राकांपा के मुख्य प्रवक्ता एवं महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने भी त्रिपाठी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के पूर्व सदस्य ने पार्टी का आधार बढ़ाने में एक बहुमूल्य योगदान दिया। राकांपा के महासचिव एवं छात्र संघ के पूर्व नेता कैंसर से पीड़ित थे।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

 

NCP leader
D.P Tripathi
Supriya Sule
D.P Tripathi dies

Related Stories

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा - लहसुन-प्याज नहीं खाती... इसलिए चिंता न करें


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License