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सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर
माकपा और कांग्रेस ने इस घटना पर शोक और रोष जाहिर किया है। माकपा ने कहा है कि बजरंग दल के इस आतंक और हत्यारी मुहिम के खिलाफ आदिवासी समुदाय एकजुट होकर विरोध कर रहा है, मगर इसके बाद भी पुलिस मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 May 2022
सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर
image courtesy:NDTV

सोमवार रात मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के कुरई पुलिस थाने की बादल पार पुलिस चौकी के अंर्तगत गांव सिमरिया में दो आदिवासियों की पीट पीट कर हत्या कर दी गई। इस मामले में छह नामजद हत्यारों के साथ दस अज्ञात हमलावरों की रिपोर्ट भी पुलिस थाने में दर्ज है। इस मामले पर विपक्षी दलों का कहना है कि राजनीतिक दबाव में पुलिस मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है, क्योंकि उनका संबंध सत्ताधारी पार्टी से जुड़े संगठनों से है। जबकि पुलिस ने बताया है कि इस पूरे मामले में नौ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्‍य आरोपितों की तलाश में टीमें अलग अलग स्‍थानों पर दबिश दे रही हैं। अन्‍य आरोपियों को भी जल्‍द गिरफ्तार किया जाएगा।

आपको बता दें कि सोमवार रात लगभग तीन बजे करीब 15-20 दक्षिणपंथी कथित गौ रक्षकों ने गोकशी के शक पर सिमरिया गांव निवासी 52 वर्षीय धनसा इनवाती, 35 वर्षीय सागरगांव निवासी संपत बट्टी और ब्रजेश को घेर लिया। कथित गौ रक्षकों ने इन तीनों पर गोमांस ले जाने का आरोप लगाते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया और बेरहमी से पीटा ,जिससे दो आदिवासियों धनसा व संपत की मौत हो गई और बृजेश गंभीर रूप से घायल हो गए है।

इसके बाद स्थानीय लोगों ने मंगलवार सुबह जबलपुर-नागपुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया और देर शाम प्रशासन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया उसके बाद लोग सड़कों से हटे। प्रशासन ने मृतकों के परिवार को साढ़े आठ लाख मुआवज़ा भी देने का आश्वासन दिया है।

इस बीच भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा है कि इस हमले में घायल एक अन्य आदिवासी बृजेश ने पुलिस थाने में घटना की पूरी जानकारी देते हुए कहा है कि बजरंग दल से संबंधित शेर सिंह राठौर, अजय साहू, वेदांत चौहान, दीपक अवधिया, बसंत रघुवंशी और रघुनंदन रघुवंशी दस-बारह अन्य लोगों के साथ उसके घर के पीछे आदिवासी धानसा और सम्पत के साथ मारपीट कर रहे थे और उन पर गाय काटने का आरोप लगा रहे थे। घटना स्थल पर पहुंचते ही बृजेश की भी पिटाई की गई, जिससे उसके हाथ में चोट आई। बाद में पुलिस के आने पर तीनों को कुरई के सरकारी अस्पताल में लाया गया, जहां सुबह 5.30 बजे धानसा और उसके आधे घंटे बाद सम्पत की मौत हो गई।

माकपा नेता ने कहा है कि बजरंग दल के इस आतंक और हत्यारी मुहिम के खिलाफ आदिवासी समुदाय एकजुट होकर विरोध कर रहा है, मगर इसके बाद भी पुलिस मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।

जसविंदर सिंह ने संघ परिवार की इस हत्यारी मुहिम की निंदा करते हुए कहा है कि वह भले ही अल्पसंख्यक समुदाय और विशेषकर मुसलमानों को अपना दुश्मन मानते हों, मगर जब संघ परिवार अपनी मनुवादी सोच पर अमल करता है तो दलित और आदिवासी ही सबसे पहले उनके निशाने पर आते हैं। इसीलिए सिवनी में दो आदिवासियों की पीट पीट कर हत्या कर दी गई और एक दिन पहले गुना में एक दलित बुजुर्ग की चिता को श्मशान के चबूतरे से उठा दिया गया। शिवराज सरकार इस मनुवादी सोच वाली ताकतों को संरक्षण दे रही है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने आदिवासियों की हत्या की निंदा करते हुए मुख्य आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कई ट्वीट कर इस पूरी घटना पर कहा कि सिवनी जिले के आदिवासी ब्लॉक कुरई में दो आदिवासी युवकों की निर्मम हत्या किये जाने की बेहद दुखद जानकारी मिली है, इस घटना में एक आदिवासी युवक गंभीर रूप से घायल है। परिवारजनों व क्षेत्रीय ग्रामीणजनों द्वारा आरोपियों के बजरंग दल से जुड़े होने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आदिवासी वर्ग के साथ दमन व उत्पीड़न की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। हमने इसके पूर्व नेमावर, खरगोन व खंडवा की घटनाएं भी देखी हैं। आरोपियों के भाजपा से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई थी। इस घटना में भी आरोपियों के भाजपा से जुड़े कनेक्शन की बात सामने आ रही है। कमलनाथ ने सरकार से मांग की है कि, इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की घोषणा कर, दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए, पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की जाए व घायल युवक के सरकारी खर्च पर इलाज की संपूर्ण व्यवस्था हो।

मध्यप्रदेश के सिवनी ज़िले के आदिवासी ब्लॉक कुरई में दो आदिवासी युवकों की निर्मम हत्या किये जाने की बेहद दुखद जानकारी मिली है।

इस घटना में एक आदिवासी युवक गंभीर रूप से घायल है।

परिवार जनो व क्षेत्रीय ग्रामीणजनो द्वारा आरोपियों के बजरंग दल से जुड़े होने की बात कही जा रही है।

— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) May 3, 2022

बरघाट विधायक अर्जुन सिंह काकोड़िया घटना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने भी आरोपियों के बजरंग दल से जुड़े होने और सत्ता संरक्षण का आरोप लगाया। उन्होंने बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है 

 

Madhya Pradesh
Seoni
violnece against tribals
bajrang dal
CPI(M)
Congress

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