NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
म्यांमार में सात अन्य प्रदर्शनकारियों की मौत, हत्या का सिलसिला जारी
म्यांमार के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत थॉमस एंड्रयूज ने गुरुवार को मानवाधिकार परिषद को बताया कि यह देश "निर्दयी और अवैध शासन द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है।"
पीपल्स डिस्पैच
12 Mar 2021
म्यांमार में सात अन्य प्रदर्शनकारियों की मौत, हत्या का सिलसिला जारी

गुरुवार 11 मार्च को म्यांमार में सुरक्षा बलों द्वारा कम से कम सात और प्रदर्शनकारियों की हत्या कर दी गई। इस तरह सैन्य शासन के खिलाफ चल रहे सामूहिक आंदोलन में मारे गए प्रदर्शनकारियों की कुल संख्या बढ़कर 62 हो गई है। एक फरवरी को आंग सांग सू की के नेतृत्व वाली लोकतांत्रिक सरकार सेना द्वारा उखाड़ फेंकने के करीब एक महीने बाद भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इसके खिलाफ विरोध में सड़कों पर उतरे हुए हैं।

रिपोर्टों में पुष्टि की गई है कि सेना द्वारा प्रतिबंध लागू करने के बावजूद गुरुवार को सांचांग और यांगून और मिंगयान के विभिन्न क्षेत्रों में विरोध रैलियां जारी रहीं। यांगून के उत्तरी डेगन जिले में गोलीबारी हुई जहां एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। म्यांमार के ऊपरी भाग के मैग्वे क्षेत्र में छह प्रदर्शनकारी भी मारे गए। इनमें से दो का संबंध मेयिंग शहर से है और अन्य चार का संबंध पास के गांवों से है।

म्यांमार नाउ ने एक म्यांग निवासी के हवाले से दावा किया कि सेना ने नागरिक प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत नहीं की और सड़कों पर उन्हें देखकर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में सुनवाई में देश के विशेष दूत थॉमस एंड्रयूज ने दावा किया कि 1 फरवरी से सेना द्वारा कम से कम 70 लोग मारे गए हैं। मारे गए लोगों में से अधिकांश 25 वर्ष से कम उम्र के थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि कम से कम 2000 लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि म्यांमार की सेना जानबूझकर प्रदर्शनकारियों को उनके बीच भय पैदा करने के लिए निशाना बना रही है और उन्होंने सैन्य जुंटा के खिलाफ व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की मांग की है।

पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) ने म्यांमार के सैन्य जुंटा के खिलाफ सख्त बयान जारी किया था। संस्था ने सैन्य शासन को "अवैध और अनुचित" कहा। यूएनएचआरसी ने अहिंसक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सेना द्वारा किए गए मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए सेना को जवाबदेह ठहराए जाने की मांग की। इस समूह ने 10 मार्च को एक बयान में इस पर रोक लगाने का आह्वान किया और कहा कि "वे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की निंदा करते हैं जिनमें महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हैं।"

11 मार्च को सैन्य शासन के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से "सशक्त संदेश" की आवश्यकता को उजागर करते हुए हाल में हुई हत्याओं पर प्रतिक्रिया दिया।

Myanmar
Myanmar Protest
United Nations Human Rights Council

Related Stories

भारत के कर्तव्यों का उल्लंघन है रोहिंग्या शरणार्थियों की हिरासत और उनका निर्वासन

कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है

तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग

यमन में युद्ध अपराध की जांच कर रहे यूएन इंवेस्टिगेटर की जासूसी के लिए सऊदी ने किया पेगासस का इस्तेमाल

म्यांमार के प्रति भारतीय विदेश नीति अब भी अस्पष्ट बनी हुई है

म्यांमार में 4,800 खदान कर्मचारियों की हड़ताल के छह महीने पूरे

म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की

म्यांमार के नयपीडाव में सैन्य छापेमारी में 31 लोग मारे गए

रोहिंग्या कैंप: आग लगने के बाद अब क्या हैं हालात

दिल्ली के इकलौते रोहिंग्या कैंप में बार-बार आग लगने से उठते सवाल


बाकी खबरें

  • श्रुति एमडी
    ‘तमिलनाडु सरकार मंदिर की ज़मीन पर रहने वाले लोगों पर हमले बंद करे’
    05 Apr 2022
    द्रमुक के दक्षिणपंथी हमले का प्रतिरोध करने और स्वयं को हिंदू की दोस्त पार्टी साबित करने की कोशिशों के बीच, मंदिरों की भूमि पर रहने वाले लोगों की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। 
  • भाषा
    श्रीलंका में सत्ता पर राजपक्षे की पकड़ कमज़ोर हुई
    05 Apr 2022
    "सरकारी बजट पर मतदान के दौरान गठबंधन के पास 225 सांसदों में से 157 का समर्थन था, लेकिन अब 50 से 60 सदस्य इससे अलग होने वाले हैं। इसके परिणामस्वरूप सरकार न सिर्फ दो-तिहाई बहुमत खो देगी, बल्कि सामान्य…
  • विजय विनीत
    एमएलसी चुनाव: बनारस में बाहुबली बृजेश सिंह की पत्नी के आगे दीन-हीन क्यों बन गई है भाजपा?
    05 Apr 2022
    पीएम नरेंद्र मोदी का दुर्ग समझे जाने वाले बनारस में भाजपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. सुदामा पटेल ऐलानिया तौर पर अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर आरोप जड़ रहे हैं कि वो…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: आज दूसरे दिन भी एक हज़ार से कम नए मामले 
    05 Apr 2022
    देश में कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 96 हज़ार 369 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है। और एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 54 रह गयी है।
  • मुकुल सरल
    नफ़रत की क्रोनोलॉजी: वो धीरे-धीरे हमारी सांसों को बैन कर देंगे
    05 Apr 2022
    नज़रिया: अगर किसी को लगता है कि ये (अ)धर्म संसद, ये अज़ान विवाद, ये हिजाब का मुद्दा ये सब यूं ही आक्समिक हैं, आने-जाने वाले मुद्दे हैं तो वह बहुत बड़ा नादान है। या फिर मूर्ख या फिर धूर्त। यह सब यूं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License