NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
भीलवाड़ा में अवैध खदान का मलबा ढहने से सात मज़दूरों की मौत
लाछुडा गांव में बुधवार को खनन कार्य के दौरान खदान का एक तरफ का मलबा ढह जाने से उसमें तीन महिलाएं और चार पुरुष मजदूर दब गये। ये हादसा स्थानीय प्रशासन पर भी गंभीर सवाल उठाता है क्योंकि ये खदाना खनन विभाग की ओर से सीज कर दी गई थी, इसके बाद भी इसमें खनन जारी कैसे था?  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Aug 2021
भीलवाड़ा में अवैध खदान का मलबा ढहने से सात मज़दूरों की मौत
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना क्षेत्र में बुधवार को खनन कार्य के दौरान खदान का एक तरफ का मलबा ढह गया, जिसमें सात मजदूर दब गए। हादसे में तीन महिलाओं समेत सात मजदूरों की मौत हो गई। लेकिन ये हादसा स्थानीय प्रशासन पर भी गंभीर सवाल उठाता है क्योंकि ये खदान खनन विभाग की ओर से सीज कर दी गई थी, इसके बाद भी इसमें खनन जारी कैसे था? 

भीलवाड़ा के जिलाधिकारी शिव प्रसाद नकाते ने बताया कि लाछुडा गांव में बुधवार को खनन कार्य के दौरान खदान का एक तरफ का मलबा ढह जाने से उसमें तीन महिलाएं और चार पुरुष मजदूर दब गये। उनके मुताबिक, तीन महिला और तीन पुरुष मजदूरों के शवों को निकाला जा चुका है। उन्होंने बताया कि मलबे में दबे एक अन्य को निकालने का प्रयास जारी है।

नकाते ने बताया कि खदान गैर-कानूनी रूप से संचालित की जा रही थी और छोटी सी जगह पर खनन कार्य किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि कुछ माह पूर्व इस स्थान पर गैर-कानूनी खनन करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेसीबी और अन्य मशीनों को जब्त किया गया था।

उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सहायक पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान प्रहलाद भाट (19), धर्मा भाट (25), काना ऊर्फ कन्हैया (21), धनेश भील (23), हिंगलाज भाट (23), मीना भील (19) पुत्री हजारी भील व मीना भील (24) पुत्री भाबू भील के रूप में की गई है।

पोस्टमार्टम के लिये शवों को करेडा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के शवगृह में रखवाया गया है।

नवभारत टाइम्स के खबर के मुताबिक ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को इस अवैध खनन के बारे में कई बार शिकायत की गयी थी, लेकिन अधिकारियों ने इस पर ध्‍यान नहीं दिया। और आज यह खान ढहने की दुर्घटना हो गयी। 

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक इस अवैध खनन के खिलाफ तीन महीने पहले एफआइआर कर पांच लोगों को गिरफ़्तार किया गया था। बाद में जेल से छूटने के बाद अवैध धंधे में लिप्त लोगों ने पांच-सात दिन पहले फिर से इस प्रकार का काम करना शुरू किया।

इस हादसे में  जिनकी मौत हुई है, उनके परिवारजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रुपये की मदद दिए जाने का आश्वासन दिया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Ilegal mine
Minin
Bhilwara
Rajasthan
workers safety

Related Stories

बनारस: आग लगने से साड़ी फिनिशिंग का काम करने वाले 4 लोगों की मौत

हरियाणा का डाडम पहाड़ी हादसाः"मुनाफे की हवस में गई मज़दूरों की जान"

मुज़फ़्फ़रपुर: हादसा या हत्याकांड!, मज़दूरों ने कहा- 6 महीने से ख़राब था बॉयलर, जबरन कराया जा रहा था काम

बसों में जानवरों की तरह ठुस कर जोखिम भरा लंबा सफ़र करने को मजबूर बिहार के मज़दूर?

दर्दनाक: औद्योगिक हादसों में एक ही दिन में कम से कम 11 मज़दूरों ने गंवाई जान, कई घायल

गुजरात में सड़क किनारे सो रहे 15 प्रवासी मज़दूरों को ट्रक ने कुचला, सभी की मौत

पहाड़ की खदान में पत्थर गिरने से मजदूर की मौत, भाई घायल

दिल्ली: बवाना औद्योगिक क्षेत्र में फिर फैक्ट्री में लगी आग, मज़दूरों ने उठाए गंभीर सवाल

दिल्ली: सेप्टिक टैंक सफ़ाई के दौरान जान गंवाते मज़दूर, 15 दिन के भीतर दूसरा हादसा

क्या गाज़ियाबाद मोमबत्ती फैक्ट्री में हुई मौतों का ज़िम्मेदार प्रशासन है!


बाकी खबरें

  • water pump
    शिवम चतुर्वेदी
    हरियाणा: आज़ादी के 75 साल बाद भी दलितों को नलों से पानी भरने की अनुमति नहीं
    22 Nov 2021
    रोहतक के ककराणा गांव के दलित वर्ग के लोगों का कहना है कि ब्राह्मण समाज के खेतों एवं अन्य जगह पर लगे नल से दलित वर्ग के लोगों को पानी भरने की अनुमति नहीं है।
  • ATEWA
    सरोजिनी बिष्ट
    पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अटेवा का लखनऊ में प्रदर्शन, निजीकरण का भी विरोध 
    22 Nov 2021
    21 नवंबर को लखनऊ के इको गार्डेन में नेशनल पेंशन स्कीम यानी एनपीएस को रद्द करने, पुरानी पेंशन सिस्टम यानी ओपीएस को पुनः बहाल करने और रेलवे के निजीकरण पर रोक लगाने की मांगों के साथऑल इंडिया टीचर्स एंड…
  • COP26
    डी रघुनंदन
    कोप-26: मामूली हासिल व भारत का विफल प्रयास
    22 Nov 2021
    इस शिखर सम्मेलन में एक ओर प्रधानमंत्री के और दूसरी ओर उनकी सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों तथा आला अफसरों के अलग-अलग रुख अपनाने से ऐसी छवि बनी लगती है कि या तो इस शिखर सम्मेलन के लिए भारत ने ठीक से तैयारी…
  • birsa
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : ‘जनजातीय गौरव दिवस’ से सहमत नहीं हुआ आदिवासी समुदाय, संवैधानिक अधिकारों के लिए उठाई आवाज़! 
    22 Nov 2021
    बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रमों और सोशल मीडिया के मंचों से अधिकतर लोगों ने यही सवाल उठाया कि यदि बिरसा मुंडा और आदिवासियों की इतनी ही चिंता है तो आदिवासियों के प्रति अपने नकारात्मक नज़रिए और आचरण में…
  • kisan mahapanchayat
    लाल बहादुर सिंह
    मोदी को ‘माया मिली न राम’ : किसानों को भरोसा नहीं, कॉरपोरेट लॉबी में साख संकट में
    22 Nov 2021
    आज एक बार फिर कॉरपोरेट-राज के ख़िलाफ़ किसानों की लड़ाई लखनऊ होते हुए देश और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई और नीतिगत ढांचे में बदलाव की राजनीति का वाहक  बनने की ओर अग्रसर है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License