NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सात साल बाद मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी: निर्भया की मां
निर्भया मामले के चारों दोषी मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को 20 मार्च सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दी जाएगी। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Mar 2020
nirbhaya case
Image courtesy: DNA India

दिल्ली : निर्भया मामले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा चार दोषियों में से तीन की याचिका खारिज किये जाने के बाद पैरामेडिकल छात्रा की मां ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसकी बेटी की आत्मा को अब शांति मिलेगी और उसे सात साल बाद न्याय मिला है।

निर्भया की मां ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘आखिरकार दोषियों को फांसी दी जाएगी। अब मुझे शांति मिलेगी।’’

दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया मामले के चार में से तीन दोषियों की मौत की सजा पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। 

दोषी मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को फांसी देने के लिए नया मृत्यु वारंट जारी किया था। चारों दोषियों को 20 मार्च सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दी जाएगी। 

गौरतलब है कि 16 दिसम्बर, 2012 को पैरामेडिकल की छात्रा से चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया था और उस पर नृशंस हमला किया गया था। चोटों के चलते कुछ दिन बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।

तिहाड़ ने निर्भया मामले के दोषियों को फांसी देने की तैयारी की

अफजल गुरु को फांसी देने के सात साल बाद तिहाड़ जेल ने निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के चारों दोषियों को फांसी देने की गुरुवार को तैयारी की। इस दौरान जेल नियमावली के तहत कई पुतलों को लटका कर देखा गया।

‘पीटीआई-भाषा’ के अनुसार जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मेरठ से जल्लाद पवन मंगलवार शाम तिहाड़ जिला प्रशासन के पास पहुंच गया था ताकि फांसी की तैयारी की जा सके।

दिल्ली जेल नियम 2018 के तहत फांसी के समय अधीक्षक, उपाधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, निवासी चिकित्सा अधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट या अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट का वहां मौजूद होना आवश्यक है। इसके तहत कॉन्स्टेबल 10 से कम नहीं, हेड वार्डर और दो हेड कॉन्स्टेबल, हेड वार्डर या इस संख्या में जेल सशस्त्र गार्ड भी मौजूद होंगे।

फांसी होते समय कैदियों के परिवार को वहां मौजूद रहने की अनुमति नहीं होती। फांसी दिए जाने और उनके शवों को वहां से हटाने तक बाकी कैदियों को उनकी कोठरी में कैद रखा जाता है।

नियमावली के अनुसार चिकित्सा अधिकारी को फांसी दिए जाने से चार दिन पहले रिपोर्ट तैयार करनी होती है।

फांसी देने वाले दिन अधीक्षक, जिला मजिस्ट्रेट/अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, चिकित्सा अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी सुबह-सुबह कैदी से उसकी कोठरी में मिलने जाते हैं। अगर कैदी चाहे तो वह जिस धर्म में विश्वास रखता है उसके पुरोहित को बुलाया जा सकता है।

अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट या अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में कैदी की वसीयत सहित किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए जा सकते हैं या उसे संलग्न किया जा सकता है।

जेल के नियमों के अनुसार फांसी के तख्ते पर चढ़ने से पहले कैदी के मुंह पर काला कपड़ा पहना दिया जाता है ताकि वह फंदे को देख ना पाए।

कैदी के धर्म के अनुसार उसके शव का अंतिम संस्कार किया जाता है। कई बार उसके पोस्ट मार्टम के बाद उसे परिवार को भी सौंप दिया जाता है। उसका अंतिम संस्कार करने के लिए शव को शमशान ले जाने के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जाता हे।

तिहाड़ में आखिरी बार नौ फरवरी 2013 को उत्तर कश्मीर के सोपोर के निवासी अफजल गुरु को फांसी दी गई थी। संसद पर हमले के दोषी को सुबह आठ बजे फांसी दी गई थी और उसे जेल परिसर में ही दफना दिया गया था।

delhi court
Execution
nirbhaya case
Nirbhaya rape and murder case

Related Stories

लचर पुलिस व्यवस्था और जजों की कमी के बीच कितना कारगर है 'महाराष्ट्र का शक्ति बिल’?

निर्भया कांड के नौ साल : कितनी बदली देश में महिला सुरक्षा की तस्वीर?

न्यायपालिका को बेख़ौफ़ सत्ता पर नज़र रखनी होगी

निर्भया कांड के आठ साल : कितनी बदली देश में महिला सुरक्षा की तस्वीर?

निर्भया के दोषियों को फांसी, क्या अब अपराधों पर लगेगी रोक?

निर्भया कांड के दोषियों को अब एक फरवरी को फांसी 

निर्भया कांड के दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका राष्ट्रपति ने ख़ारिज की

निर्भया मामला: न्यायालय ने मौत की सजा का सामना कर रहे दो मुजरिमों की क्यूरेटिव पेटिशन खारिज कीं

चंद्रशेखर मामले में कोर्ट की दिल्ली पुलिस को फटकार, कहा- प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार

निर्भया मामले के चार दोषियों को 22 जनवरी को दी जाएगी फांसी


बाकी खबरें

  • tourism sector
    भाषा
    कोरोना के बाद से पर्यटन क्षेत्र में 2.15 करोड़ लोगों को रोज़गार का नुकसान हुआ : सरकार
    15 Mar 2022
    पर्यटन मंत्री ने बताया कि सरकार ने पर्यटन पर महामारी के प्रभावों को लेकर एक अध्ययन कराया है और इस अध्ययन के अनुसार, पहली लहर में 1.45 करोड़ लोगों को रोजगार का नुकसान उठाना पड़ा जबकि दूसरी लहर में 52…
  • election commission of India
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली नगर निगम चुनाव टाले जाने पर विपक्ष ने बीजेपी और चुनाव आयोग से किया सवाल
    15 Mar 2022
    दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली नगर निगम चुनावो को टालने का मन बना लिया है। दिल्ली चुनावो की घोषणा उत्तर प्रदेश और बाकी अन्य राज्यों के चुनावी नतीजों से पहले 9 मार्च को होनी थी लेकिन आयोग ने इसे बिल्कुल…
  • hijab
    सीमा आज़ाद
    त्वरित टिप्पणी: हिजाब पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फ़ैसला सभी धर्मों की औरतों के ख़िलाफ़ है
    15 Mar 2022
    इस बात को दरअसल इस तरीके से पढ़ना चाहिए कि "हर धार्मिक रीति का पालन करना औरतों का अनिवार्य धर्म है। यदि वह नहीं है तभी उस रीति से औरतों को आज़ादी मिल सकती है, वरना नहीं। "
  • skm
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा
    15 Mar 2022
    एसकेएम ने फ़ैसला लिया है कि अगले महीने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की क़ानूनी गारंटी सप्ताह मना कर राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत की जाएगी। 
  • Karnataka High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिजाब  मामला: हिजाब इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खारिज की याचिका
    15 Mar 2022
    अदालत ने अपना फ़ैसला सुनते हुए यह भी कहा कि शिक्षण संस्थानों में यूनिफ़ॉर्म की व्यवस्था क़ानूनी तौर पर जायज़ है और इसे संविधान के तहत दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन नहीं कहा जा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License