NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चुनावी वादे पूरे नहीं करने की नाकामी को छिपाने के लिए शाह सीएए का मुद्दा उठा रहे हैं: माकपा
माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि शाह का यह कहना कि सीएए को पश्चिम बंगाल में लागू किया जाएगा, इस तथ्य को छिपाने का एक प्रयास है कि 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का वादा झूठा था।
भाषा
06 May 2022
Sujan Chakraborty

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शुक्रवार को दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के मुद्दे को फिर से उठा रहे हैं ताकि भाजपा के चुनाव पूर्व के वादे को लागू करने में नाकामी को छुपा सकें।
     
माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य सुजान चक्रवर्ती ने दावा किया कि शाह का यह कहना कि सीएए को पश्चिम बंगाल में लागू किया जाएगा, इस तथ्य को छिपाने का एक प्रयास है कि 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का वादा झूठा था।
     
शाह ने बृहस्पतिवार को सिलीगुड़ी में दावा किया कि सीएए एक वास्तविकता था, है और रहेगा। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केवल घुसपैठ जारी रखना चाहती हैं और पश्चिम बंगाल में आए शरणार्थियों को नागरिकता देने के खिलाफ हैं।
     
चक्रवर्ती ने सवाल किया, ‘‘क्या वह (शाह) उन लोगों की नागरिकता पर सवाल उठा सकते हैं जिनके वोटों से उन्होंने चुनाव जीता था?’’
     
नागरिकता के मुद्दे में मुख्यमंत्री की भी भूमिका होने का आरोप लगाते हुए चक्रवर्ती ने दावा किया कि 2003 तक देश के नागरिकता कानून में ‘‘अवैध प्रवासी’’ या ‘‘एनआरसी’’ शब्द नहीं थे, जब अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार, जिसमें ममता बनर्जी मंत्री थीं, इन शब्दों को संशोधन के माध्यम से कानून में शामिल किया।
     
चक्रवर्ती ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘जो कोई भी प्रासंगिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकता, वह असुरक्षित हो जाता है। यह गरीब वर्ग है, जिसने हो सकता है बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं जैसे कारणों से विस्थापन का सामना किया हो, जिसके दौरान ये कागजात खो गए होंगे। उन्हें सबसे अधिक नुकसान हुआ होगा।’’
     
चक्रवर्ती ने कहा कि सिलीगुड़ी में एक जनसभा में बृहस्पतिवार को भाजपा के दो विधायकों द्वारा उत्तर बंगाल को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने को लेकर की गई मांग अनुचित थी क्योंकि यह क्षेत्र के कथित कम विकास की समस्या का समाधान नहीं हो सकता है।

Amit Shah
CAA
CPI-M
BJP
Sujan Chakraborty

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 5 लाख के पार
    04 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,49,394 नए मामले सामने आए और 1,072 मरीज़ों की मौत हुई है। देश में कोरोना से अब तक 5 लाख 55 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • SKM
    रौनक छाबड़ा
    यूपी चुनाव से पहले एसकेएम की मतदाताओं से अपील: 'चुनाव में बीजेपी को सबक़ सिखायें'
    04 Feb 2022
    एसकेएम ने गुरुवार को अपने 'मिशन यूपी' अभियान को फिर से शुरू करने का ऐलान करते हुए कहा कि 57 किसान संगठनों ने मतदाताओं से आगामी यूपी चुनावों में भाजपा को वोट नहीं देने का आग्रह किया है।
  • unemployment
    अजय कुमार
    क्या बजट में पूंजीगत खर्चा बढ़ने से बेरोज़गारी दूर हो जाएगी?
    03 Feb 2022
    बजट में पूंजीगत खर्चा बढ़ जाने से क्या बेरोज़गारी का अंत हो जाएगा या ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही बात कह रही है?
  • farmers SKM
    रवि कौशल
    कृषि बजट में कटौती करके, ‘किसान आंदोलन’ का बदला ले रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा
    03 Feb 2022
    मोर्चा ने इस बात पर भी जोर दिया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार भी किसानों की आय को दुगुना किये जाने का उल्लेख नहीं किया है क्योंकि कई वर्षों के बाद भी वे इस परिणाम को हासिल कर…
  • working women
    सोनिया यादव
    ग़रीब कामगार महिलाएं जलवायु परिवर्तन के चलते और हो रही हैं ग़रीब
    03 Feb 2022
    सीमित संसाधनों में रहने वाली गरीब महिलाओं का जीवन जलवायु परिवर्तन से हर तरीके से प्रभावित हुआ है। उनके स्वास्थ्य पर बुरा होने के साथ ही उनकी सामाजिक सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है, इससे भविष्य में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License