NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
शाहीन बाग : वार्ताकारों ने सुप्रीम कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में सौंपी रिपोर्ट, 26 फरवरी को अगली सुनवाई
सोमवार को वार्ताकार नियुक्त की गईं वकील साधना रामचंद्रन ने वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े के साथ न्यायमूर्ति एसके पॉल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ को रिपोर्ट सौंपी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Feb 2020
SC on supreme court
Image courtesy : The Hans India

नई दिल्ली : संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ शाहीन बाग में जारी प्रदर्शन के मामले में अदालत द्वारा नियुक्त वार्ताकारों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपी। वार्ताकार नियुक्त की गईं वकील साधना रामचंद्रन ने वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े के साथ न्यायमूर्ति एसके पॉल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ को रिपोर्ट सौंपी।

पीठ ने कहा कि वह वार्ताकारों की रिपोर्ट का अध्ययन करेगी और मामले पर आगे की सुनवाई 26 फरवरी को करेगी।  पीठ ने कहा कि वार्ताकारों द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट इस स्तर पर केन्द्र और दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों और याचिकाकर्ताओं से साझा नहीं की जाएगी।

इससे पहले, मामले की सुनवाई शुरू होते ही रामचन्द्रन ने पीठ से कहा कि उन्हें वार्ताकार की जिम्मेदारी प्रदान करने के लिये न्यायालय की कृतज्ञ हैं और वार्ताकारों के लिये यह बहुत कुछ सीखने का अवसर था जो सकारात्मक था। पीठ ने कहा, ‘इसकी विवेचना करते हैं। हम इस मामले में परसों सुनवाई करेंगे।’

एक याचिकाकर्ता के वकील ने जब यह कहा कि रिपोर्ट उनके साथ भी साझा की जानी चाहिए तो पीठ ने कहा, ‘हम यहां हैं। सभी लोग यहां हैं। पहले हमें इस रिपोर्ट का लाभ लेने दीजिये। रिपोर्ट की प्रति सिर्फ न्यायालय के लिये ही है।’

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के विरोध में दक्षिण दिल्ली के शाहीन बाग़ में 15 दिसंबर से लगातार प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन के चलते बंद रास्ता खुलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दो वार्ताकारों संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन और बातचीत में सहायता के लिए वजाहत हबीबुल्लाह समेत अन्य को नियुक्त किया। दोनों वार्ताकारों ने आंदोलनकारियों से कई दौर की बातचीत के बाद शीर्ष अदालत को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

पुलिस है यात्रियों की असुविधा के लिए जिम्मेदार : हबीबुल्ला

इससे पहले रविवार को पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में शाहीन बाग में प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और यात्रियों को परेशानी प्रदर्शनकारियों के कारण नहीं बल्कि पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल से काफी दूर सड़कों पर लगाए गए अनावश्यक अवरोधकों के चलते हो रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता सैयद बहादुर अब्बास नकवी और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्र शेखर आजाद ने इस संबंध में शीर्ष अदालत में दायर अपने संयुक्त हलफनामे में भी यही रुख अपनाया है।हबीबुल्ला, आजाद और नकवी ने इस संबंध में हस्तक्षेप के लिए संयुक्त रूप से शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है, जिसने मामला अपने हाथ में ले लिया है।

न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ के निर्देश पर हबीबुल्ला ने शाहीन बाग में प्रदर्शन स्थल का दौरा किया था। आपको बता दें कि शीर्ष अदालत शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटाने और क्षेत्र में जल्द से जल्द सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

शीर्ष अदालत ने इससे पहले कहा था कि लोगों को ‘शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से’ प्रदर्शन करने का मौलिक अधिकार है लेकिन इससे शाहीन बाग में सार्वजनिक सड़क के अवरूद्ध होने से परेशानी हो रही है क्योंकि हो सकता है इससे (प्रदर्शन के कारण) ‘अराजक स्थिति’ पैदा हो जाए।

शीर्ष अदालत में दायर अपने हलफनामे में हबीबुल्ला ने दलील दी कि ‘शाहीन बाग शांतिपूर्ण सम्मानजनक तरीके से असंतोष व्यक्त करने का एक बेहतर उदाहरण है जबकि समूचे भारत में इसी तरह के असंतोष जाहिर करने के दौरान हिंसक विरोध प्रदर्शन की कई घटनाएं हुईं।’

उन्होंने दावा किया, ‘देश भर में एक विशेष समुदाय के प्रति पुलिस की बर्बरता और उनके नकारात्मक चित्रण को लेकर हमलोग दुखी और मूक दर्शक बने रहे। बातचीत में शामिल होने के बजाय असंतोष को कुचलना, नया चलन बन चुका है लेकिन यह संविधान के खिलाफ है।’

नकवी और आजाद ने अपने संयुक्त हलफनामे में आरोप लगाया, ‘मौजूदा सत्तारूढ़ सरकार ने अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर गलत तरीके से हिंसा को भड़काकर और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को तोड़फोड़ के लिए उकसाकर इन प्रदर्शनों को दबाने की नयी रणनीति बनाई है।’

उन्होंने कहा कि पुलिस ने ‘अनावश्यक’ ही कई सड़कों पर अवरोधक लगाए हैं जिनका ‘प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है’ और वे प्रदर्शन स्थल से अच्छी खासी दूरी पर हैं। इसलिए अपनी जिम्मेदारियों एवं कर्तव्यों को छोड़कर गलत तरीके से प्रदर्शन पर आरोप मढ़ा जा रहा है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Shaheen Bagh
Supreme Court
CAA
NRC
Wajahat Habibullah

Related Stories

शाहीन बाग से खरगोन : मुस्लिम महिलाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष !

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?

सुप्रीम कोर्ट को दिखाने के लिए बैरिकेड हटा रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा

बाहरी साज़िशों और अंदरूनी चुनौतियों से जूझता किसान आंदोलन अपनी शोकांतिका (obituary) लिखने वालों को फिर निराश करेगा

लखीमपुर खीरी : किसान-आंदोलन की यात्रा का अहम मोड़

अगर मामला कोर्ट में है, तब क्या उसके विरोध का अधिकार खत्म हो जाता है? 

कार्टून क्लिक: किसानों का गला किसने घोंटा!


बाकी खबरें

  • नाइश हसन
    मेरे मुसलमान होने की पीड़ा...!
    18 Apr 2022
    जब तक आप कोई घाव न दिखा पाएं तब तक आप की पीड़ा को बहुत कम आंकता है ये समाज, लेकिन कुछ तकलीफ़ों में हम आप कोई घाव नहीं दिखा सकते फिर भी भीतर की दुनिया के हज़ार टुकड़े हो चुके होते हैं।
  • लाल बहादुर सिंह
    किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़
    18 Apr 2022
    किसानों पर कारपोरेटपरस्त  'सुधारों ' के अगले डोज़ की तलवार लटक रही है। जाहिर है, हाल ही में हुए UP व अन्य विधानसभा चुनावों की तरह आने वाले चुनाव भी भाजपा अगर जीती तो कृषि के कारपोरेटीकरण को रोकना…
  • सुबोध वर्मा
    भारत की राष्ट्रीय संपत्तियों का अधिग्रहण कौन कर रहा है?
    18 Apr 2022
    कुछ वैश्विक पेंशन फंड़, जिनका मक़सद जल्द और स्थिर लाभ कमाना है,  ने कथित तौर पर लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति को लीज़ पर ले लिया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,183 नए मामले, 214 मरीज़ों की मौत हुई
    18 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 517 नए मामले सामने आए है |
  • भाषा
    दिल्ली में सीएनजी में सब्सिडी की मांग को लेकर ऑटो, टैक्सी संगठनों की हड़ताल
    18 Apr 2022
    दिल्ली में ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों के विभिन्न संगठन ईंधन की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर सीएनजी में सब्सिडी और भाढ़े की दरों में बदलाव की मांग को लेकर सोमवार को हड़ताल पर हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License