NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
भारत
राजनीति
अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति और मकान किराए के 525 करोड़ रुपए दबाए बैठी है शिवराज सरकार: माकपा
माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार की ओर से 2.80 लाख अनुसूचित जाति के छात्रों के खाते में पहुंचने वाली 425 करोड़ की छात्रवृत्ति, मात्र 206 छात्रों के खाते में पहुंची है। जिससे आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर तबकों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में भी दिक्कत आ रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Mar 2022
cpim

मध्य प्रदेश में पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति व जनजाति के हजारों विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं के तहत् छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है। साल बीत चुका है और अब नया साल शुरू हो गया है, लेकिन अब भी छात्रवृत्ति का इंतजार ख़त्म नही हुआ है। कई छात्रों का दावा है उन्हे डेढ़ साल से अधिक से छात्रवृति नही मिली है । 

कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ विद्यार्थियों का कहना है कि शासन की योजना है कि बाहर के शहरों से पढ़ने आए विद्यार्थी होस्टल के अभाव में किराये का मकान लेकर रहते हैं तो उन्हें आवास योजना के तहत् किराया दिया जाता है। आवास योजना का पैसा भी न आने के कारण मकान मालिकों को किराया नहीं चुका पा रहे हैं।

विपक्षी वाम पंथी दल भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है-भाजपा की शिवराज सिंह चौहान सरकार का मनुवादी चेहरा एक बार फिर बेनकाब हुआ है। वह अनुसूचित जाति से संबंधित छात्रों की छात्रवृत्ति और मकान किराए का 525 करोड़ रुपए दबाए बैठी है। यह सिर्फ उन्हें इस राशि से वंचित करने की साजिश नहीं है, बल्कि इस बहाने शिक्षा से वंचित करने की सोची समझी योजना का हिस्सा है।

पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार की ओर से 2.80 लाख अनुसूचित जाति के छात्रों के खाते में पहुंचने वाली 425 करोड़ की छात्रवृत्ति मात्र 206 छात्रों के खाते में पहुंची है। जिससे इन आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर तबकों को अपना पढ़ाई जारी रखने में भी दिक्कत आ रही है।

माकपा नेता ने कहा है कि इतना ही नहीं सरकार ने साल भर से 80 हजार से अधिक इन्ही तबकों के छात्रों का मकान किराया भी नहीं दिया है। उल्लेखनीय है कि जो छात्र मैट्रिक करने के बाद सरकारी या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान में पढ़ाई करते हैं, उन्हें यदि सरकारी छात्रावास में आवास की सुविधा नहीं मिलती है तो सरकार की ओर से मकान किराया देने का प्रावधान है। यह किराया संभागीय मुख्यालय पर 2000 रुपए प्रतिमाह, जिला मुख्यालय पर 1250 रुपए प्रतिमाह और तहसील मुख्यालय पर 1000 रुपए प्रतिमाह है। यह राशि भी 100 करोड़ रुपए है, जो छात्रों को नहीं मिली है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने उक्त राशि को तुरंत पात्र छात्रों के खाते में पहुंचाने की मांग की है, ताकि वे अपना अध्ययन जारी रख सकें।

ये भी पढ़ें: मध्य प्रदेश: 22% आबादी वाले आदिवासी बार-बार विस्थापित होने को क्यों हैं मजबूर

Madhya Pradesh
Scheduled caste students
Shivraj Singh Chauhan
BJP
CPIM
Communist Party of India–Marxist

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

सवर्णों के साथ मिलकर मलाई खाने की चाहत बहुजनों की राजनीति को खत्म कर देगी

मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में सैलून वाले आज भी नहीं काटते दलितों के बाल!

जहांगीरपुरी— बुलडोज़र ने तो ज़िंदगी की पटरी ही ध्वस्त कर दी

एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे

अमित शाह का शाही दौरा और आदिवासी मुद्दे


बाकी खबरें

  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : रुद्रप्रयाग में दस साल पहले प्रस्तावित सैनिक स्कूल अभी तक नहीं बना, ज़मीन देने वाले किसान नाराज़!
    08 Feb 2022
    रुद्रप्रयाग विधानसभा के जखोली विकासखंड के थाती-बड़मा गांव में 2013 में सैनिक स्कूल प्रस्तावित किया गया था मगर आज तक यहाँ सरकार स्कूल नहीं बनवा पाई है। पढ़िये न्यूज़क्लिक संवाददाता मुकुंद झा की यह…
  • Media
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ‘केंद्रीय मीडिया प्रत्यायन दिशा-निर्देश-2022’ : स्वतंत्र मीडिया पर लगाम की एक और कोशिश?
    08 Feb 2022
    यह सरकारी दिशा-निर्देश ऊपर से जितने अच्छे या ज़रूरी दिखते हैं, क्या वास्तव में भी ऐसा है? ‘‘सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता’’ या ‘जन व्यवस्था’ जितने आवश्यक शब्द हैं, इन्हें लागू करने की नीति या…
  • union budget
    सी. सरतचंद
    अंतर्राष्ट्रीय वित्त और 2022-23 के केंद्रीय बजट का संकुचनकारी समष्टि अर्थशास्त्र
    08 Feb 2022
    केंद्र सरकार आखिरकार केंद्रीय बजट में ठहरे/गिरते सरकारी राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय में स्पष्ट वृद्धि के बीच में अंतर क्यों कर रही है?
  • jammu and kashmir
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर : क्षेत्रीय दलों ने परिसीमन आयोग के प्रस्ताव पर जताई नाराज़गी, प्रस्ताव को बताया जनता को शक्तिहीन करने का ज़रिया
    08 Feb 2022
    महबूबा मुफ़्ती का कहना है कि बीजेपी गांधी के भारत को गोडसे के भारत में बदलना चाहती है। इस लक्ष्य के लिए जम्मू-कश्मीर को प्रयोगशाला के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • BJP Manifesto
    रवि शंकर दुबे
    भाजपा ने जारी किया ‘संकल्प पत्र’: पुराने वादे भुलाकर नए वादों की लिस्ट पकड़ाई
    08 Feb 2022
    पहले दौर के मतदान से दो दिन पहले भाजपा ने यूपी में अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। साल 2017 में जारी अपने घोषणा पत्र में किए हुए ज्यादातर वादों को पार्टी धरातल पर नहीं उतार सकी, जिनमें कुछ वादे तो…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License