NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
सिंगापुर के विशेषज्ञों को 2022 में ‘ओमीक्रोन’ के सबसे अधिक मामले सामने आने की आशंका
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 वैश्विक महामारी को अगले साल खत्म करने के लिए विश्व से एक साथ आने का आह्वान किया है।
भाषा
24 Dec 2021
covid
Image courtesy : Reuters

सिंगापुर: कोरोना वायरस के नए एवं अधिक संक्रामक स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के 2022 में सबसे अधिक मामले सामने आ सकते हैं। वहीं, वायरस के ‘डेल्टा’ स्वरूप की तुलना में यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को अधिक मात दे रहा है। सिंगापुर के विशेषज्ञों का ऐसा मानना है।
     
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोविड-19 वैश्विक महामारी को अगले साल खत्म करने के लिए विश्व से एक साथ आने का आह्वान किया है।
     
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक तेद्रोस अदहानोम ग्रेबेयेसस ने सोमवार को जिनेवा में पत्रकारों से कहा था, ‘‘ 2022 वह वर्ष होगा, जब हम वैश्विक महामारी को पूरी तरह खत्म कर देंगे।’’
     
इसके विपरीत, सिंगापुर के विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप कितना खतरनाक है। साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कब खत्म होगी, इसका पूर्वानुमान लगाने की कोशिश करना ‘‘निरर्थक’’ है।
     
जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं एसोसिएट प्रोफेसर नताशा हॉवर्ड ने कहा, ‘‘ ऐसा प्रतीत होता है कि 2022 में विश्व में ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप के सबसे अधिक मामले सामने आएंगे।’’
     
उन्होंने कहा कि ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप अधिक संक्रामक है और ‘डेल्टा’ स्वरूप की तुलना में यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को अधिक मात दे रहा है।
     
हॉवर्ड ने कहा, ‘‘ ‘ओमीक्रोन’ के अधिक फैलने से, संक्रमण के मामले और अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इसके प्रभाव अब भी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन इससे पता चलता है कि वैश्विक महामारी पर अभी तक काबू नहीं पाया गया है और कोविड-19 रोधी टीके लगवाने तथा उसकी ‘बूस्टर’ खुराक के विश्व में हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचने तक, नए स्वरूपों के सामने आने की आशंका बनी रहेगी।’’
     
इस बीच, सिंगापुर में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 322 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 2,77,042 हो गए। इन 322 नए मामलों में से 89 लोग ऐसे हैं जो दूसरे देशों से यहां आए हैं। वहीं, दो और मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 820 हो गई।

COVID-19
Omicron
Omicron variant

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License