NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सिंह बंधु, तीन अन्य चार दिन की पुलिस हिरासत में, उच्च न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रखा
इस मामले में मलविंदर को शुक्रवार की सुबह, जबकि शिविंदर, गोधवानी, अरोड़ा और सक्सेना को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया।
भाषा
11 Oct 2019
singh brothers
Image courtesy: times of india

दिल्ली की एक अदालत ने आरएफएल गबन मामले में फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटरों मलविंदर सिंह, उनके भाई शिविंदर सिंह और तीन अन्य को शुक्रवार को चार दिन की पुलिस हिरासत में दे दिया। वहीं, मामले में दर्ज प्राथमिकी निरस्त करने के लिये दायर याचिका पर नोटिस जारी करने के सवाल पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि इस पर आदेश बाद में दिया जायेगा।

इन लोगों को रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) के कोष का गबन करने और उसे 2,397 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

धन का अन्य मद में इस्तेमाल करने तथा दूसरी कंपनियों में निवेश करने के आरोपों में गिरफ्तार लोगों में मलविंदर (44) के अलावा उसका भाई शिविंदर (48), रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सुनील गोधवानी (58) तथा आरईएल और आरएफएल में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना शामिल हैं।

इस बीच, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सभी आरोपियों को मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दीपक शेरावत की अदालत में पेश किया। अपराध शाखा ने आरोपियों को छह दिन की पुलिस हिरासत में देने का अनुरोध किया।

मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने आरोपियों को चार दिन की पुलिस हिरासत में दे दिया।

इस मामले में मलविंदर को शुक्रवार की सुबह, जबकि शिविंदर, गोधवानी, अरोड़ा और सक्सेना को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया।

वहीं, दिल्ली उच्च न्यायालय ने आरएफल कोष गबन मामले में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने के लिए मलविंदर सिह की याचिका पर नोटिस जारी करने के सवाल पर सुनवाई पूरी करने के बाद कहा कि इस पर आदेश बाद में दिया जायेगा।

न्यायमूर्ति बृजेश सेठी ने इस याचिका पर सिंह, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और आरएफएल की दलीलें सुनने के बाद कहा कि इस मामले में आदेश बाद में सुनाया जायेगा।

सिंह ने शुक्रवार को अपनी गिरफ्तारी से पहले उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

उन्होंने उच्च न्यायालय में अपनी याचिका में कहा कि कॉरपोरेट मंत्रालय के अधीन आने वाला गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (एसएफआईओ) ही उनके खिलाफ फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के आरोपों की जांच कर सकता है।

सिंह ने कहा कि मामले में आरईएल की शिकायत पर एसएफआईओ पहले ही जांच कर रहा है और इसलिए ईओडब्ल्यू द्वारा जांच नहीं की जा सकती।

ईओडब्ल्यू और आरएफएल ने याचिका के गुण-दोष पर सवाल उठाए, जबकि सिंह ने अदालत से मामले में नोटिस जारी करने और पुलिस द्वारा शुरू की गई कार्यवाही पर रोक लगाने का आग्रह किया।

पुलिस ने मुख्य मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट से यह कहते हुए इन लोगों का रिमांड मांगा कि यह इसलिए जरूरी है क्योंकि वे कथित तौर पर कोष का अन्य मद में इस्तेमाल करने में शामिल थे और इसका पता लगाया जाना है।

इसने आगे कहा कि कथित धोखाधड़ी और कोष गबन मामले में काफी लोग शामिल हैं।

पुलिस ने आग्रह किया कि आरोपियों को उसकी हिरासत में भेजा जाए क्योंकि सह-षड्यंत्रकारियों का पता लगाने के लिए आरोपियों का अन्य अधिकारियों से आमना-सामना कराया जाना है।

अपराध शाखा ने कहा कि यह पता लगाना है कि धन किस तरह इधर-उधर किया गया और जांच अभी शुरुआती चरण में है।

आरोपियों की ओर से पेश वकील ने दिल्ली पुलिस के आवेदन का विरोध किया और कहा कि उनके पुलिस हिरासत की जरूरत नहीं है क्योंकि साक्ष्य दस्तावेजी है।

मलविंदर सिंह के वकील ने अदालत में कहा कि उनका मुवक्किल जांच में शामिल हुआ है और सभी प्रश्नों का उत्तर दिया है जिसके लिए उसकी पुलिस हिरासत की जरूरत नहीं है।

सिंह ने अदालत को बताया कि उसने यह कहते हुए उच्च न्यायालय में हलफनामा दिया है कि धन उसके पास नहीं है।

उसने पुलिस के अनुरोध का विरोध किया और कहा कि उसे आसान निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अपनी पैरवी खुद कर रहे उसके भाई शिविंदर ने अनुरोध का विरोध नहीं किया।

शिविंदर ने अदालत से कहा कि वह स्वयं में एक पीड़ित है और जांच में सहयोग करने को तैयार है।

आरएफएल आरईएल की अनुषंगी इकाई है। मलविंदर और शिविंदर पूर्व में आरईएल के प्रवर्तक थे।

पुलिस ने कहा था कि मलिवंदर के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था क्योंकि वह फरार था।

आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त ओपी मिश्रा ने इससे पहले संवाददाताओं को बताया कि मलविंदर को गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात लुधियाना में हिरासत में लिया गया था और ईओडब्ल्यू टीम द्वारा यहां लाए जाने के बाद उसे सुबह औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।

ईओडब्ल्यू ने आरएफएल के मनप्रीत सिंह सूरी से शिविंदर, गोधवानी और अन्य के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद मार्च में प्राथमिकी दर्ज की थी।

शिकायत में कहा गया था कि आरोपियों ने कंपनी का प्रबंधन कार्य करते हुए रिण लिया, लेकिन संबंधित धन का निवेश अन्य कंपनियों में कर दिया।

मिश्रा ने कहा, ‘‘इन लोगों ने वित्तीय मजबूती नहीं रखने वाली कंपनियों को ऋण देकर आरएफएल की वित्तीय स्थिति कथित रूप से खराब कर दी। जिन कंपनियों को ऋण दिया गया, उन्होंने जानबूझकर धन वापस नहीं किया और इससे आरएफएल को 2,397 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा।’’

Singh bothers in police custody
RFL Drone Cases
Religare Finvest Limited
Justice Brijesh Sethi
EOW

Related Stories

पीएमसी बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक थॉमस17 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में


बाकी खबरें

  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : ‘भाषाई अतिक्रमण’ के खिलाफ सड़कों पर उतरा जनसैलाब, मगही-भोजपुरी-अंगिका को स्थानीय भाषा का दर्जा देने का किया विरोध
    02 Feb 2022
    पिछले दिनों झारखंड सरकार के कर्मचारी चयन आयोग द्वारा प्रदेश के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों की नियुक्तियों के लिए भोजपुरी, मगही व अंगिका भाषा को धनबाद और बोकारो जिला की स्थानीय भाषा का दर्जा…
  • ukraine
    पीपल्स डिस्पैच
    युद्धोन्माद फैलाना बंद करो कि यूक्रेन बारूद के ढेर पर बैठा है
    02 Feb 2022
    मॉर्निंग स्टार के संपादक बेन चाकों लिखते हैं सैन्य अस्थिरता बेहद जोखिम भरी होती है। डोंबास में नव-नाजियों, भाड़े के लड़ाकों और बंदूक का मनोरंजन पसंद करने वाले युद्ध पर्यटकों का जमावड़ा लगा हुआ है।…
  • left candidates
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: मज़बूत विपक्ष के उद्देश्य से चुनावी रण में डटे हैं वामदल
    02 Feb 2022
    “…वामदलों ने ये चुनौती ली है कि लूट-खसोट और उन्माद की राजनीति के खिलाफ एक ध्रुव बनना चाहिए। ये ध्रुव भले ही छोटा ही क्यों न हो, लेकिन इस राजनीतिक शून्यता को खत्म करना चाहिए। इस लिहाज से वामदलों का…
  • health budget
    विकास भदौरिया
    महामारी से नहीं ली सीख, दावों के विपरीत स्वास्थ्य बजट में कटौती नज़र आ रही है
    02 Feb 2022
    कल से पूरे देश में लोकसभा में पेश हुए 2022-2023 बजट की चर्चा हो रही है। एक ओर बेरोज़गारी और गरीबी से त्रस्त देश की आम जनता की सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं हैं, तो
  • 5 election state
    रवि शंकर दुबे
    बजट 2022: क्या मिला चुनावी राज्यों को, क्यों खुश नहीं हैं आम जन
    02 Feb 2022
    पूरा देश भारत सरकार के आम बजट पर ध्यान लगाए बैठा था, खास कर चुनावी राज्यों के लोग। लेकिन सरकार का ये बजट कल्पना मात्र से ज्यादा नहीं दिखता।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License