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सिंघु बॉर्डर:  स्थानीय लोगों के नाम पर गुंडागर्दी, किसानों पर पथराव, पुलिस पर भी उठे सवाल
ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर नाकामी के बाद सिंघु बॉर्डर पर गड़बड़ फ़ैलाने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं। किसानों का कहना है कि जनता के नाम पर अब सरकार और भारतीय जनता पार्टी द्वारा गुंडों को आगे किया जा रहा है, लेकिन वे पूरी मज़बूती और शांति से डटे हैं और डटे रहेंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Jan 2021
सिंघु बॉर्डर

नयी दिल्ली: सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों और खुद को स्थानीय निवासी बता रहे लोगों के बड़े समूह के बीच आज, शुक्रवार दोपहर झड़पें हो गईं। भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा तथा आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

आपको बता दें कि तमाम विरोध के बाद ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर किसान मोर्चा और मज़बूत हो गया है। लेकिन इसी दौरान सिंघु बॉर्डर पर गड़बड़ फ़ैलाने की कोशिश तेज़ हो गई हैं। किसानों का कहना है कि जनता के नाम पर अब सरकार और भारतीय जनता पार्टी द्वारा गुंडों को आगे किया जा रहा है, लेकिन वे पूरी मज़बूती और शांति से डटे हैं और डटे रहेंगे। किसानों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

स्थानीय लोगों के नाम पर सिंघु बॉर्डर पर जुटे लोग मांग कर रहे थे कि किसान सिंघु सीमा पर प्रदर्शन स्थल को खाली करें। उनके मुताबिक गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया।

उधर, अधिकारियों ने बताया कि सिंघु बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर आंदोलनकारी किसानों और स्थानीय लोगों के बीच हुई झड़प के दौरान दिल्ली पुलिस के एक थाना प्रभारी (एसएचओ) घायल हुए हैं।

उत्तेजित लोगों का यह समूह हाथों में डंडे लिए प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा और किसानों के खिलाफ नारे लगाते हुए उनके वहां से जाने की मांग करने लगा। इन लोगों ने किसानों पर पथराव भी किया। जिसका किसानों की तरफ़ से भी जवाब दिया गया। 

किसानों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। किसानों का कहना है कि पुलिस ने उपद्रवियों को आराम से उनके धरना स्थल तक आने दिया। उपद्रवियों ने उनके धरना स्थल पर तोड़फोड़ भी मचाई और पथराव किया, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही। जब स्थिति ज़्यादा बिगड़ने लगी और किसानों की तरफ़ से भी जवाब दिया जाने लगा तभी पुलिस एक्शन में आई।

(समाचार एजेंसी भाषा के कुछ इनपुट के साथ)

Singhu Border
Violence on Singhu Border
Attack on Farmers
Attack on Police
farmers protest update

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