NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल में उच्च सुरक्षा वाले जेल से छह फ़िलिस्तीनी क़ैदी फ़रार
शौचालय के नीचे एक सुरंग बनाकर उत्तरी इज़रायल की गिलबो जेल से बाहर निकलने में छह क़ैदी कामयाब रहे।
पीपल्स डिस्पैच
07 Sep 2021
इज़रायल में उच्च सुरक्षा वाले जेल से छह फ़िलिस्तीनी क़ैदी फ़रार

उत्तरी इज़रायल में वहां की सबसे सुरक्षित जेल में रखे गए छह फिलिस्तीनी कैदी जेल की दीवारों के बाहर अपने साझा सेल के अंदर से एक सुरंग बनाकर भागने में सफल रहे। सोमवार 6 सितंबर को प्रकाशित कई रिपोर्टों में इसका उल्लेख किया गया है।

इन छह कैदियों की पहचान 46 वर्षीय जकारिये जुबैदी, मोनादेल याकूब नाफेत (26 वर्ष), याकूब कासिम (39 वर्ष), याकूब महमूद कादरी(49 वर्ष), अयहम नायेफ कामामजी(35 वर्ष) और महमूद अब्दुल्ला अरदा (46वर्ष) के रूप में हुई। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार इन छह कैदियों में से 4 कैदी उम्रकैद की सजा काट रहे थे।

पुलिस, सेना, विशेष बलों से बने इजरायली सुरक्षा बलों ने खोजी कुत्तों और हवाई निगरानी के जरिए इजरायल और कब्जे वाले वेस्ट बैंक के साथ-साथ जॉर्डन के साथ सीमा पर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

फिलिस्तीनी, आम लोग और राजनेताओं जैसे लोग सोशल मीडिया पर और प्रेस को दिए बयानों में इन कैदियों के भागने को लेकर खुशी मना रहे हैं। उन्होंने इसे "एक बहादुर और वीरतापूर्ण कार्य" बताया है और "इजरायल सेना को करारा जवाब" बताया है। कई लोग उनकी सुरक्षा के लिए दुआ भी कर रहे थे और उम्मीद कर रहे थे कि वे पकड़े नहीं जाएंगे।

जुबैदी नाम के एक कैदी जेनिन में स्थित फतह पार्टी के अल अक्सा मार्टियर्स ब्रिगेड के पूर्व कमांडर थे। अन्य पांच कैदी फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद प्रतिरोध समूह के सदस्य थे। इनमें से चार इस सदी की शुरुआत में फिलिस्तीनी इंतिफादा के दौरान इजरायली नागरिकों पर कथित हमलों के लिए उम्रकैद की सजा काट रहे थे और 90 के दशक/2000 के दशक की शुरुआत से जेल में थे। अन्य दो कैदी जुबैदी और नाफेत को 2019 में गिरफ्तार किया गया और हिरासत में रखा गया और उन पर अभी भी मुकदमा नहीं चला है और सजा नहीं दिया गया है।

गाजा स्थित फिलिस्तीनी प्रतिरोध समूह हमास के प्रवक्ता फवजी बरहम ने एक बयान में पलायन की सराहना करते हुए कहा, "यह हमारे वीर कैदियों की इच्छा और दृढ़ संकल्प की जीत है और ज़ियोनिस्ट सुरक्षा प्रणाली के लिए एक वास्तविक चुनौती है जो दुनिया में सबसे अच्छा होने का दावा करता है। ज़ियोनिस्ट दुश्मन कभी नहीं जीतेगा, चाहे उसके पास कितनी भी शक्ति क्यों न हो। कब्जा करने वाले से आजादी की लड़ाई जारी है।"

Israel
Palestine
Gaza

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जेएनयू में फिर हिंसा: एबीवीपी पर नॉनवेज के नाम पर छात्रों और मेस कर्मचारियों पर हमले का आरोप
    11 Apr 2022
    जेएनयू छात्र संघ ने एक बयान में कहा, “घृणा और विभाजनकारी एजेंडे की अपनी राजनीति का पूर्ण प्रदर्शन करते हुए एबीवीपी के गुंडों ने कावेरी छात्रावास में हिंसक माहौल बनाया है। वे मेस कमेटी को रात के खाने…
  • लाल बहादुर सिंह
    JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई
    11 Apr 2022
    जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र खाने के लिए नहीं, सांस्कृतिक विविधता के अनुरूप नागरिकों की जीने की आज़ादी और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं।
  • अभिवाद
    सीताराम येचुरी फिर से चुने गए माकपा के महासचिव
    11 Apr 2022
    23वीं पार्टी कांग्रेस ने केरल से केंद्रीय समिति सदस्य एम सी जोसेफिन की मृत्यु पर भी गहरा शोक व्यक्त किया है, जिनकी कांग्रेस में भाग लेने के दौरान हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई।
  • एम. के. भद्रकुमार
    यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता
    11 Apr 2022
    माना जाता है कि हूती आज से सात साल पहले के मुक़ाबले तेहरान के कहीं ज़्यादा क़रीब है। ऐसे में इस बात की ज़रूरत है कि अमेरिका ईरान से बातचीत करे।
  • भाषा
    हिंदुत्व एजेंडे से उत्पन्न चुनौती का मुकाबला करने को तैयार है वाम: येचुरी
    11 Apr 2022
    सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए येचुरी ने सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट करने और माकपा की ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने केंद्र में भाजपा व उसकी सरकार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License