NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल के साथ प्राकृतिक गैस सौदे के ख़िलाफ़ जॉर्डन में समाजसेवियों ने विरोध शुरू किया
दोनों देशों के बीच इस गैस सौदे की जॉर्डन में वर्षों से व्यापक रूप से निंदा की गई है। ट्रेड यूनियनों, एक्टिविस्टों और नेताओं ने इसे "फ़िलिस्तीनी लोगों के साथ विश्वासघात" माना है।
पीपल्स डिस्पैच
04 Jun 2021
इज़रायल के साथ प्राकृतिक गैस सौदे के ख़िलाफ़ जॉर्डन में समाजसेवियों ने विरोध शुरू किया

जॉर्डन में फिलिस्तीन समर्थक बीडीएस एक्टिविस्टों ने 15 वर्षों की अवधि में लगभग 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर के अत्यधिक विवादास्पद जॉर्डन-इज़रायल प्राकृतिक गैस सौदे के खिलाफ विरोध और प्रदर्शन करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान को आरंभ किया है। इस रिपोर्ट को कई मीडिया घरानों ने बुधवार 2 जून को प्रकाशित किया।

इस अभियान ने जॉर्डन के आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे आने वाले शनिवार को रात 10 बजे से रात 11 बजे तक एक घंटे के लिए अपने घरों की इलेक्ट्रिसिटी बंद कर जॉर्डन को इजरायली गैस की आपूर्ति के खिलाफ इस मौन विरोध प्रदर्शन में भाग लें। अभियान को व्यापक रूप से लोकप्रिय बनाने और प्रसारित करने के लिए हैशटैग #pull_theplug का इस्तेमाल करते हुए एक्टिविस्टों का उद्देश्य इस मामले के बारे में जागरूकता बढ़ाना है कि जॉर्डन सरकार किस तरह से इजरायल के साथ व्यापार कर रही है और इसलिए इजरायल के व्यापार को आर्थिक रूप से सहायता कर रही और उसे बढ़ावा दे रही है।

ग्लोबल बॉयकॉट, डायवेस्टमेंट एंड सैंक्शन अभियान के जॉर्डन के समूह ने बहिष्कार/विरोध के इस नवीनतम रूप का समर्थन किया है और जॉर्डन सरकार से इजरायल के साथ इसके गैस सौदे को समाप्त करने की मांग की है।

मूलतः साल 2016 में इन दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित समझौते का जॉर्डन के सभी क्षेत्र के लोगों द्वारा व्यापक रूप से विरोध और निंदा की गई थी। इसे पिछले साल जॉर्डन की संसद में भारी बहुमत से भी खारिज कर दिया गया था। सभी 130 संसद सदस्यों ने इस सौदे को रद्द करने के लिए मतदान किया था। पिछले साल जनवरी 2020 में बड़े पैमाने पर उस समय स्वतःस्फूर्त विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए थे जब जॉर्डन ने प्रायोगिक तौर पर तीन महीने के लिए इजरायली गैस लेना शुरू किया था।

हालिया विरोध गाजा पर जानलेवा इजरायली हवाई हमलों और अल-अक्सा मस्जिद परिसर में फिलिस्तीनियों पर हमलों के बाद शुरु हुआ है जिसे जॉर्डन की एक जॉर्डन वफ़क समिति के माध्यम से इजरायल और जॉर्डन के बीच शांति समझौते के अनुसार देख रेख करना है। भले ही इज़रायल फ़िलिस्तीनी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय उस तरह की बुनियादी ऐतिहासिक समझौते का सम्मान करने में विफल रहा हो फिर भी सरकार अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इज़रायली गैस की आपूर्ति की अनुमति देना जारी रखे हुए है। ऊर्जा जरुरतों का 98 प्रतिशत दूसरे देशों से आयात किए जाते हैं।

Israel
Palestine
Jordan
trade unions

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा


बाकी खबरें

  • लाल बहादुर सिंह
    सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 
    26 Mar 2022
    कारपोरेटपरस्त कृषि-सुधार की जारी सरकारी मुहिम का आईना है उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट। इसे सर्वोच्च न्यायालय ने तो सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन इसके सदस्य घनवट ने स्वयं ही रिपोर्ट को…
  • भरत डोगरा
    जब तक भारत समावेशी रास्ता नहीं अपनाएगा तब तक आर्थिक रिकवरी एक मिथक बनी रहेगी
    26 Mar 2022
    यदि सरकार गरीब समर्थक आर्थिक एजेंड़े को लागू करने में विफल रहती है, तो विपक्ष को गरीब समर्थक एजेंडे के प्रस्ताव को तैयार करने में एकजुट हो जाना चाहिए। क्योंकि असमानता भारत की अर्थव्यवस्था की तरक्की…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,660 नए मामले, संशोधित आंकड़ों के अनुसार 4,100 मरीज़ों की मौत
    26 Mar 2022
    बीते दिन कोरोना से 4,100 मरीज़ों की मौत के मामले सामने आए हैं | जिनमें से महाराष्ट्र में 4,005 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा गया है, और केरल में 79 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा…
  • अफ़ज़ल इमाम
    सामाजिक न्याय का नारा तैयार करेगा नया विकल्प !
    26 Mar 2022
    सामाजिक न्याय के मुद्दे को नए सिरे से और पूरी शिद्दत के साथ राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाने के लिए विपक्षी पार्टियों के भीतर चिंतन भी शुरू हो गया है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीर फाइल्स हेट प्रोजेक्ट: लोगों को कट्टरपंथी बनाने वाला शो?
    26 Mar 2022
    फिल्म द कश्मीर फाइल्स की स्क्रीनिंग से पहले और बाद में मुस्लिम विरोधी नफरत पूरे देश में स्पष्ट रूप से प्रकट हुई है और उनके बहिष्कार, हेट स्पीच, नारे के रूप में सबसे अधिक दिखाई देती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License