NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कोविड-19
अंतरराष्ट्रीय
दक्षिण अफ्रीकाः COVID-19 फंड की चोरी और अवैध बेदख़ली के ख़िलाफ़ झोपड़ीवासियों की विरोध रैली
वे न केवल त्वरित जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं बल्कि चोरी किए गए धन की वसूली और लोगों को इसके पुनर्वितरण की भी मांग कर रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
19 Oct 2020
दक्षिण अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका के झोंपड़ी वासियों का आंदोलन 'अबाहाली बेसमजोंडोलो' क्वाज़ुलु-नटाल में COVID-19 फंड में करोड़ों की चोरी का विरोध करने के लिए डरबन शहर में एक मार्च का आयोजन कर रहा है। इस प्रांत की पहचान देश के दूसरे सबसे भ्रष्ट प्रांत के रूप में की गई है।

अबाहाली के सदस्य जो देश में आवास के अधिकारों के लिए संघर्ष में सबसे आगे रहे हैं। वे आज सोमवार 19 अक्टूबर को सुबह किंग दीनुजुलु पार्क में इकट्ठा होकर और डरबन सिटी हॉल की तरफ मार्च करेंगे। यहां वे प्रांत के प्रमुख सिहले ज़िकलाला और इसके कार्यकारी परिषद के सदस्य सिप्हो ह्लोमुका को एक ज्ञापन सौंपेंगे।

इस ज्ञापन में न केवल त्वरित जांच और दोषियों की गिरफ़्तारी की मांग की गई बल्कि चोरी किए गए धन की वसूली और लोगों को इसके पुनर्वितरण की भी मांग की गई है जिनके संरक्षण के लिए मूल रूप से धन आवंटित किया गया था।

महामारी के दौरान बस्तियों से अवैध रूप से निकाले गए परिवारों के पुनर्वास, उनके झोंपड़ियों को नष्ट करने के मुआवजे और इसको नष्ट करने में शामिल अधिकारियों पर मुक़दमा चलाने की अबाहाली मांग करता है।

इस आंदोलन के सदस्य जो शहरी ग़रीबों को घर बनाने के लिए अप्रयुक्त भूमि पर कब्जा करके और मकान बनाने के लिए आवास के अधिकारों को आगे बढ़ाते रहे हैं वे साल 2005 में इसकी स्थापना के बाद से इस तरह के विध्वंस का शिकार होते रहे हैं।

लॉकडाउन के दौरान बेदखली के ख़िलाफ़ स्थगन के बावजूद 'eThekwini' नगर पालिका निजी सुरक्षा कंपनियों का इस्तेमाल करके हिंसक तरीके से तोड़ फोड़ करती रही है। इसके कर्मी अक्सर गोलियां चलाते हैं जिससे कई लोग घायल हुए।

कई बार, निर्माण सामग्री  जैसे तिरपाल आदि को झोंपड़ियों को फिर से बनाने से रोकने के लिए नष्ट करने के बाद जला दी जाती है। कई परिवारों को सड़क के किनारे छोड़ दिया गया है जहां से उन्हें 'घर में रहने के आदेश' का उल्लंघन करने के लिए गिरफ़्तार किया गया है।

यह झोंपड़ियों में रहने वाले वही लोग हैं जो फंड की चोरी से भी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं क्योंकि वे ऐसे वर्ग हैं जो महामारी की चपेट में सबसे अधिक हैं।

हालांकि इस समाज को ज़िंदगी गुज़ारने की भयावह और खतरनाक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, eThekwini की जल और स्वच्छता इकाई की जांच टेंडर फ्रॉड को लेकर की जा रही है जहां 700 मिलियन तक की कथित तौर पर ओवरप्राइस्ड टेंडर और अनडिलिवर्ड गुड्स के माध्यम से कथित तौर पर चोरी की गई है।

South Africa
COVID-19
Covid fund
Slum protest rally
Lockdown

Related Stories

दक्षिण अफ्रीका में सिबन्ये स्टिलवाटर्स की सोने की खदानों में श्रमिक 70 दिनों से अधिक समय से हड़ताल पर हैं 

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर से मिल रहा समर्थन

यूपी: शाहजहांपुर में प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीटा, यूनियन ने दी टीकाकरण अभियान के बहिष्कार की धमकी

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक


बाकी खबरें

  • poverty
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    जनादेश-2022: रोटी बनाम स्वाधीनता या रोटी और स्वाधीनता
    11 Mar 2022
    राष्ट्रवाद और विकास के आख्यान के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं ने रोटी और स्वाधीनता के विमर्श को रोटी बनाम स्वाधीनता बना दिया है।
  • farmer
    सुरेश गरीमेल्ला
    सरकारी इंकार से पैदा हुआ है उर्वरक संकट 
    11 Mar 2022
    मौजूदा संकट की जड़ें पिछले दो दशकों के दौरान अपनाई गई गलत नीतियों में हैं, जिन्होंने सरकारी कंपनियों के नेतृत्व में उर्वरकों के घरेलू उत्पादन पर ध्यान नहीं दिया और आयात व निजी क्षेत्र द्वारा उत्पादन…
  • सोनिया यादव
    पंजाब : कांग्रेस की हार और ‘आप’ की जीत के मायने
    11 Mar 2022
    कांग्रेस को जो नुक़सान हुआ, उसका लगभग सीधा लाभ 'आप' को मिला। मौजूदा वक़्त में पंजाब के लोगों में नाराज़गी थी और इस कारण लोगों ने बदलाव को ही विकल्प मानते हुए आम आदमी पार्टी पर भरोसा किया है।
  • विजय विनीत
    यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में विपक्ष के पास मुद्दों की भरमार रहने के बावजूद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव मोदी-योगी का जादू बेअसर नहीं कर सके। बार-बार टिकटों की अदला-बदली और लचर रणनीति ने स
  • LOOSERES
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: कई दिग्गजों को देखना पड़ा हार का मुंह, डिप्टी सीएम तक नहीं बचा सके अपनी सीट
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की वापसी हो गई है, हालांकि इस प्रचंड जीत के बावजूद कई दिग्गज नेता अपनी सीट नहीं बचा पाए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License