NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
दक्षिण अफ़्रीका : अंतिम संस्कार से जुड़ी कंपनियों की हड़ताल जारी
बड़ी कंपनियों का पक्ष लेने वाली नई सरकार के नियमों का विरोध करते हुए अंतिम संस्कार की सेवाएं प्रदान करने वाली छोटी कंपनियों के श्रमिक और नियोक्ता ने सोमवार को हड़ताल शुरू किया था जो आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गई है।
पीपल्स डिस्पैच
16 Sep 2020
दक्षिण अफ़्रीका

3,000 से अधिक छोटे अंतिम संस्कार से जुड़े कर्मचारियों और नियोक्ताओं द्वारा सोमवार को की गई हड़ताल की कार्रवाई तीसरे दिन बुधवार 16 सितंबर को जारी रहेगी। ये बात एक प्रमुख संगठन यूनिफिकेशन टास्क टीम के कोऑर्डिनेटर पीटर मैटलेटले ने की।

ये घोषणा उस समय की गई जब दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग ने अंतिम संस्कार के कार्यों को नियंत्रित करने वाले कुछ नियमों को पलट दिया है।

इससे जुड़े कर्मियों की पहली शिकायत यह है कि स्थानीय अधिकारियों द्वारा इन नियमों और इसकी असंगत व्याख्या "पूंजीवादी एकाधिकार" का पक्ष ले रही है जबकि छोटी कंपनियों को इस कार्य से बाहर कर रही है।

पीटर मैटलेटले के अनुसार, “रंगभेदी शासन के दौरान जो क़ानून थे उन्हें न बदलकर सरकार लंबे समय से हमें इस धंधे से बाहर करती रही है। यह क़ानून पूंजीवादी एकाधिकार का समर्थन करता है, जिससे हमारे लोगों के लिए काम करना मुश्किल हो जाता है।” वे इस कार्य में 3,000 छोटी फर्मों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं।

नेशनल फ्यूनेरल प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन ऑफ साउथ अफ्रीका (एनएएफयूपीए) के अध्यक्ष मुजी ह्लेंगवा ने कहा कि इसके सभी 1,000 सदस्य भी हड़ताल पर हैं।

इन कंपनियों के संचालन के लिए अनुमति के प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी जिसे संबंधित क्षेत्रों की नगरपालिकाओं द्वारा प्रदान किया जाता है। हालांकि, उनके बीच विनियमन की व्याख्या में अंतर रहे हैं।

स्टोरेज सुविधाओं की लागत वहन करने में असमर्थ छोटी कंपनियों को विशेष रूप से टाउनशिप से बड़ी कंपनियों की तुलना में रेफ्रीजेशन की सुविधाएं लीज पर लेनी पड़ती हैं। ग्राउंड अप ने रिपोर्ट किया, "कुछ नगरपालिकाएं इससे सहमत हैं, लेकिन कुछ का मानना है कि यह नियमों के ख़िलाफ़ है और रेफ्रिजरेटर की जगह को लीज पर देने वाले उपक्रमों को प्रमाणपत्र जारी नहीं करता है।"

मैटलेटले ने ज़ोर देकर कहा कि ये कार्य स्वाभाविक रूप से अनुचित है क्योंकि "हमारे सदस्यों की स्थिति यह है कि इनमें से अधिकांश ज़्यादा लागतों की वजह से पूरी तरह से मोर्चरी संचालित करने का जोखिम नहीं उठा सकते हैं। हम चाहते हैं कि ठंडे रुम में बल्क फ्रिज प्रावधान जैसे आउटसोर्स सेवाओं के लिए अनुमति दी जाए।”

स्वास्थ्य विभाग कथित तौर पर उन मोर्चरियों के दबाव में था जो हड़ताल के पहले दिन इकट्ठा न किए गए शवों से परेशान था और अपने पहले बयान से हट गया और कहा कि आउटसोर्सिंग के ख़िलाफ़ कोई प्रतिबंध नहीं था। हालांकि, आयोजकों के अनुसार ये हड़ताल तब तक जारी रखी जाएगी जब तक सरकार उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए कोई ठोस आश्वासन नहीं देती है।

South Africa
funeral undertakers
funeral undertaker companies on strike
strike in south africa

Related Stories

गुटनिरपेक्षता आर्थिक रूप से कम विकसित देशों की एक फ़ौरी ज़रूरत

कोविड-19 : दक्षिण अफ़्रीका ने बनाया अपना कोरोना वायरस टीका

ट्रिप्स छूट प्रस्ताव: पेटेंट एकाधिकार पर चर्चा से कन्नी काटते बिग फार्मा

दक्षिण अफ़्रीका के ट्रेड यूनियनिस्ट के हत्यारों की अब तक नहीं हुई गिरफ़्तारी

दक्षिण अफ़्रीका ने इज़रायल को पर्यवेक्षक का दर्जा देने वाले अफ़्रीकी संघ की आलोचना की

स्वाज़ीलैंड में लोकतंत्र-समर्थक शक्तियों पर कार्रवाई जारी

दक्षिण अफ़्रीकी अदालत ने सऊदी अरब और यूएई को हथियारों के निर्यात के परमिट की न्यायिक समीक्षा का आदेश दिया

दक्षिण अफ़्रीकी एयरवेज़ की सहायक कंपनियों ने कर्मियों को वेतन नहीं दिया, यूनियन ने की ऑडिट की मांग

दक्षिण अफ्रीकाः आर्सेलर प्लांट में तीन श्रमिकों की मौत पर यूनियनों ने जांच की मांग की

दक्षिण अफ़्रीका : मैकस्टील में श्रमिकों की छंटनी के ख़िलाफ़ हड़ताल तीसरे दिन भी जारी


बाकी खबरें

  • subhashini
    न्यूज़क्लिक टीम
    UP Elections: जनता के मुद्दे भाजपा के एजेंडे से गायब: सुभाषिनी अली
    23 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल तेज़ी से बदल रहा है, यह मानना है CPI(M) नेता और कानपुर से पूर्व संसद सुभाषिनी अली का। किस तरफ है जनता का झुकाव, क्या हैं चुनावी मुद्दे और किसका है पलड़ा भारी, जानने के…
  • bhasha
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट: पंजाब में दलित डेरे व डेरों पर राजनीतिक खेल
    23 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने पंजाब के लुधियाना से सटे नूरमहल और नकोदर में बसे वाल्मीकि समाज के डेरों की कहानी के संग-संग भाजपा द्वारा डेरों के जरिये खेली गई चुनावी सियासत का…
  • BJP MLA
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव के रंग: कहीं विधायक ने दी धमकी तो कहीं लगाई उठक-बैठक, कई जगह मतदान का बहिष्कार
    23 Feb 2022
    यूपी चुनाव में कई तरह के नज़ारे देखने को मिल रहे हैं। आज चौथे चरण के मतदान के दौरान समाजवादी पार्टी से लेकर भाजपा तक के ट्वीटर एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतों से भरे मिले। कहीं भाजपा नेताओं द्वारा धमकी के…
  • यूपी चुनावः सरकार की अनदेखी से राज्य में होता रहा अवैध बालू खनन 
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः सरकार की अनदेखी से राज्य में होता रहा अवैध बालू खनन 
    23 Feb 2022
    राज्य में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों, एनजीटी की नियमावली और खनिज अधिनियम के निर्देशों की पूरी तरह अनदेखी की जाती रही है। 
  • Ukraine
    एपी
    यूक्रेन संकट और गहराया, यूरोप के रुख से टकराव बढ़ने के आसार
    23 Feb 2022
    विनाशकारी युद्ध से कूटनीतिक तरीके से बाहर निकलने की उम्मीदें दिखाई तो दे रही थीं, लेकिन वे सभी असफल प्रतीत हुईं। रूस के नेता पुतिन को अपने देश के बाहर सैन्य बल का उपयोग करने की हरी झंडी मिल गई और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License