NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
दक्षिण कोरिया : कोरोना वायरस महामारी के बीच वामपंथी गठबंधन की संसदीय चुनाव में भारी बहुमत से जीत
वर्तमान राष्ट्रपति मून जे-इन का समर्थन करने वाले गठबंधन की भारी जीत को कोरोना वायरस प्रकोप से निपटने के लिए सरकार के प्रयासों को लेकर एक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
16 Apr 2020
दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया की नेशनल असेंबली के लिए कल हुए चुनाव के अंतिम नतीजे आज यानी 16 अप्रैल को घोषित कर दिए गए। कोरोना वायरस की महामारी के बीच ये चुनाव हुए। इस चुनाव में सत्तासीन राष्ट्रपति मून जेई-इन को समर्थन करने वाली डेमोक्रेटिक पार्टी और टूगेदर सिटिजन पार्टी की उदार-प्रगतिशील सत्तारूढ़ गठबंधन ने भारी बहुमत हासिल की जो कि 1987 में उदार लोकतंत्र में प्रवेश कर रहे देश में किसी भी राजनीतिक गठबंधन की तुलना में बड़ी जीत है।

कोरोना वायरस के प्रकोप के बावजूद मतदान में 8.2% की बड़ी वृद्धि दर्ज हुई। इस महामारी के चलते देश में 10,000 से अधिक लोग संक्रमित हैं। 66% से अधिक पंजीकृत मतदाता मतदान करने के लिए अपने घरों से बाहर निकले। इस गठबंधन ने संसद की कुल 300 सीटों में से 180 सीट पर जीत हासिल की जो कि 2016 में हुए चुनावों की तुलना में गठबंधन को 35 सीटों की वृद्धि हुई। इस गठबंधन को 2016 में मिले 25.5% मतों की तुलना में 33.4% वोट मिला है जो कि लगभग 8% अधिक है।

नवगठित राउट विंग यूनाइटेड फ्यूचर पार्टी ने केवल 84 सीटों पर जीत हासिल की जबकि इसके गठबंधन सहयोगी फ्यूचर कोरिया पार्टी 19 सीट ही जीत पाई। यूनाइटेड फ्यूचर पार्टी का गठन साएनुरी पार्टी या लिबरल कोरिया पार्टी के एक बड़े विभाजन से हुआ था, जिसका नेतृत्व पूर्व राष्ट्रपति पार्क गुएन-हाइ द्वारा किया गया था। ये पूर्व सैन्य तानाशाह पार्क चुंग-ही की बेटी भी थी और इन पर महाभियाोग भी लगाया गया था।

2016 के राजनीतिक घोटाले के चलते साएनुरी के ज़्यादातर सदस्यों ने साल 2017 में अलग हो कर विभिन्न पार्टियों का गठन किया और इसी के परिणामस्वरुप रूढ़िवादी यूनाइटेड फ्यूचर पार्टी का गठन हुआ। इस दक्षिणपंथी गठबंधन को सीटों और वोटों की बहुमत थी और 2017 तक नेशनल असेंबली पर हावी रहा।

यूनाइटेड फ्यूचर के नेता ह्वांग क्यो-अन ने डेमोक्रेटिक पार्टी के चुंग से-क्युन से अपनी सीट हार गए। क्युन दक्षिण कोरिया के मौजूदा प्रधानमंत्री हैं।

इस परिणाम को COVID-19 के प्रकोप के दौरान सरकार द्वारा किए गए कार्यों को लेकर एक निर्णय के रूप में देखा जाता है। दक्षिण कोरिया उन देशों में शामिल है जहां बुजुर्गों की बड़ी संख्या होने के बावजूद मृत्यु दर कम है। दक्षिण कोरिया में COVID -19 संक्रमण के चलते मृत्यु दर लगभग 2% है। यह उन कुछ देशों में से एक है जहां हर एक मिलियन पर 10,000 से अधिक जांच किए गए है, जिससे अधिक से अधिक संक्रमणों का पता लगाने और उसे रोकने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Coronavirus
COVID-19
South Korea
Left-wing coalition wins
Parliamentary elections

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License