NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कृषि
भारत
राजनीति
कृषि कानूनों को ख़ारिज करने के लिए 23 दिसंबर को केरल विधानसभा का विशेष सत्र
राज्य के वित्त मंत्री थॉमस आइजक ने ट्वीट किया किया कि केरल किसानों के संघर्ष में उनके साथ है और इस सत्र में इन कानूनों पर चर्चा करके उन्हें ख़ारिज किया जाएगा।
भाषा
21 Dec 2020
Kerala Legislative
फाइल फोटो

तिरुवनंतपुरम: केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों पर चर्चा करने और उनके विरूद्ध प्रस्ताव पारित करने के लिए बुधवार को केरल विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। इन तीनों कानूनों को वापस लिये जाने पर जोर देते हुए दिल्ली की सीमाओं पर देश के विभिन्न राज्यों के किसान करीब एक महीने से डेरा डाल हुए हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सोमवार को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य की माकपा नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने इन कानूनों पर चर्चा के लिये विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया।

राज्य के वित्त मंत्री थॉमस आइजक ने ट्वीट किया किया कि केरल किसानों के संघर्ष में उनके साथ है और इस सत्र में इन कानूनों पर चर्चा करके उन्हें खारिज किया जाएगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘ मंत्रिमंडल ने राज्यपाल को 23 दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की सिफारिश करने का निर्णय लिया है। यह सत्र तीन कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए बुलाया जा रहा है, जिनके विरूद्ध किसानों ने देशव्यापी आंदोलन कर रखा है।’’

विधानसभा सूत्रों ने बताया कि इस संक्षिप्त सत्र में केंद्र द्वारा बनाये गये तीन कृषि कानूनों पर चर्चा की जाएगी और उनके विरूद्ध प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

इस चर्चा में बस संबंधित दलों के नेता ही हिस्सा लेंगे।

आइजक ने ट्वीट किया, ‘‘ केरल मंत्रिमंडल ने निर्धारित सत्र से पहले कृषि कानूनों पर चर्चा करने और उसे खारिज करने के लिए 23 दिसंबर को विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। किसानों के इस संघर्ष में केरल पूरी तरह उनके साथ है।’’

दिल्ली से लगी विभिन्न सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान बीते करीब चार हफ्ते से प्रदर्शन कर रहे हैं और नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि केन्द्र सरकार जहां तीनों कृषि कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं आंदोलनकारी किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े औद्योगिक घरानों पर निर्भर हो जाएंगे।

Farm bills 2020
Kerala Legislative
Pinrayi Vijayan
MSP

Related Stories

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

अगर फ़्लाइट, कैब और ट्रेन का किराया डायनामिक हो सकता है, तो फिर खेती की एमएसपी डायनामिक क्यों नहीं हो सकती?

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?

सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

उत्तर प्रदेश चुनाव : डबल इंजन की सरकार में एमएसपी से सबसे ज़्यादा वंचित हैं किसान

उप्र चुनाव: उर्वरकों की कमी, एमएसपी पर 'खोखला' वादा घटा सकता है भाजपा का जनाधार

कृषि बजट में कटौती करके, ‘किसान आंदोलन’ का बदला ले रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान


बाकी खबरें

  • शशि शेखर
    कांग्रेस का कार्ड, अखिलेश की तस्वीर, लेकिन लाभार्थी सिर्फ़ भाजपा के साथ?
    23 Mar 2022
    मोदी सरकार ने जिस राशन को गरीबों के लिए फ्री किया है, वह राशन पहले से लगभग न के बराबर मूल्य पर गरीबों को मिल रहा था। तो क्या वजह रही कि लाभार्थी समूह सिर्फ़ भाजपा के साथ गया।
  • bhagat singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है
    23 Mar 2022
    आज शहीद दिवस है। आज़ादी के मतवाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान का दिन। आज ही के दिन 23 मार्च 1931 को इन तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेज़ सरकार ने फांसी दी थी। इन क्रांतिकारियोें को याद करते…
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़
    23 Mar 2022
    देश के पहले प्रधानमंत्री ने सांप्रदायिक भावनाओं को शांत करने का काम किया था जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री धार्मिक नफ़रत को भड़का रहे हैं।
  • Mathura
    मौहम्मद अली, शिवानी
    मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर
    23 Mar 2022
    मथुरा के जैंत क्षेत्र में कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इसके अलावा मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके में आए दिन काफ़ी लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा…
  • toffee
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: विषाक्त टॉफी खाने से चार बच्चों की मौत
    23 Mar 2022
    ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License