NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
हज़ारों बांग्लादेशी श्रमिक अपनी नौकरी खोने की कगार पर
हाल के अनुमानों के अनुसार छोटे और मध्यम व्यावसायिक संस्थानों के कम से कम बीस हज़ार कर्मचारी COVID-19 के कारण अपना रोज़गार खो सकते हैं।
पीपल्स डिस्पैच
19 Aug 2020
 बांग्लादेशी श्रमिक

बांग्लादेश में तीन महीने तक लॉकडाउन के लागू रहने के बाद देश में बड़ी संख्या में श्रमिक बेरोज़गार हो गए हैं। श्रमिक संगठनों द्वारा दिए गए हालिया अनुमानों के अनुसार, खुलना शहर में छोटे और मध्यम व्यावसायिक संस्थानों से क़रीब बीस हज़ार श्रमिक अपने रोज़गार खोने के कगार पर हैं।

मार्च से जुलाई महीने के बीच बांग्लादेश में लगभग 20 प्रतिशत व्यवसाय बंद हो चुके हैं। हालांकि, मानवाधिकार समूहों को डर है कि श्रमिकों के लिए मुख्य चिंता यह है कि आने वाले महीनों में यह संख्या तब तक बढ़ सकती है जब तक कि ग्राउंड पर स्थिति में सुधार नहीं दिखता।

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठनों के अनुसार कई अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड "ऑर्डर को रद्द करने, आपूर्तिकर्ताओं को सहमति से कम भुगतान करने, या भुगतान की शर्तों को बढ़ाने के लिए फैक्ट्री सप्लायर्स पर अनुचित शक्तियों का इस्तेमाल करते रहे हैं।" बिजनेस एंड ह्यूमन राइट्स सेंटर की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

फरवरी महीने के बाद से अधिकांश फैशन ब्रांड अपने मुनाफे को हासिल करने में शामिल रहे हैं जिसका बांग्लादेश में कपड़ा श्रमिकों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज (बीआईडीएस) के एक सर्वेक्षण से पता चला है कि कोविड-19 महामारी के कारण देश में 13 प्रतिशत श्रमिक बेरोज़गार हो गए हैं।

श्रम अधिकार समूह ने आगे कहा,“इन फैसलों का वैश्विक फैशन आपूर्ति श्रृंखलाओं में कम से कम 60 मिलियन कपड़ा श्रमिकों पर विनाशकारी प्रभाव है। लाखों श्रमिकों ने अपनी नौकरी खो दी है, कई महीनों तक बिना मज़दूरी के काम किया है, या अपने सामान्य वेतन से कम में काम करने के लिए मजबूर किया गया है- एक राशि जो पहले बुनियादी ज़रुरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

इसी तरह के विचार सोशलिस्ट स्टूडेंट फ्रंट के अंतर्राष्ट्रीय सचिव मनीषा चक्रवर्ती ने व्यक्त किया, उन्होंने कहा, “यह एक विडंबना है कि COVID-19 महामारी के कारण श्रमिकों द्वारा सामना किए गए इस मानवीय संकट के दौरान भी कारखानों के मालिक मुनाफा नहीं भूले। यह केवल पूंजीवाद द्वारा तैयार किए गए उनके नंगी लालच को उजागर करता है।”

ढाका के न्यू मार्केट में मौजूद कई श्रमिक शिकायत कर रहे हैं कि कई दुकान मालिकों ने निकाल दिया है, जबकि अन्य इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि पिछले चार महीनों से उनकी मज़दूरी नहीं दी गई।

महामारी पूरे देश में फैलने के बाद लाखों स्थानीय श्रमिकों को रोज़गार देने वाले अधिकांश व्यवसाय बंद होने के कगार पर आ गए हैं। बांग्लादेश कंप्यूटर एसोसिएशन ऑफ खुलना के महासचिव और बांग्लादेश शॉप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रेजाउल करीम द्वारा सामूहिक छंटनी की आशंका की पुष्टि की गई। उन्होंने कहा कि "जारी आर्थिक संकट अगर लंबे समय तक रहता है तो इसका असर पूरे व्यापार और इससे जुड़े श्रमिकों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा"।

Bangladesh
bangladesh workers
unemployment in bangladesh
COVID 19
corona virus crisis in bangladesh

Related Stories

क्या श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट की तरफ़ बढ़ रहा है बांग्लादेश?

बीड़ी कारोबार शरीर को बर्बाद कर देता है, मगर सवाल यह है बीड़ी मजदूर जाएं तो जाएं कहां?

कोविड-19 : दक्षिण अफ़्रीका ने बनाया अपना कोरोना वायरस टीका

भारत-बांग्लादेश संबंध का मौजूदा दौर

भाजपा का हिंदुत्व वाला एजेंडा पीलीभीत में बांग्लादेशी प्रवासी मतदाताओं से तारतम्य बिठा पाने में विफल साबित हो रहा है

अपने क्षेत्र में असफल हुए हैं दक्षिण एशियाई नेता

त्रिपुरा और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक विरोधी हिंसा की बराबरी करना क्यों बेमानी है?

बांग्लादेश सीख रहा है, हिंदुस्तान सीखे हुए को भूल रहा है

तालिबान से 10 देशों की वार्ता और बांग्लादेश में नफ़रत के ख़िलाफ़ आवाज़ें, दिखाती हैंं राह

बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा और आश्वस्त करती सरकार की ज़िम्मेदार पहल


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
    19 May 2022
    पीआरटीसी के संविदा कर्मचारी अप्रैल का बकाया वेतन जारी करने और नियमित नौकरी की मांग को लेकर लुधियाना में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
  • सोनिया यादव
    कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप
    19 May 2022
    नए पाठ्यक्रम में कई लेखकों के पाठ को सिलेबस से हटा दिया गया है तो वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के भाषण को शामिल किया गया है, जो कर्नाटक में विवाद का नया केंद्र बन गया…
  • sikligar samaj
    न्यूज़क्लिक टीम
    कभी सिख गुरुओं के लिए औज़ार बनाने वाला सिकलीगर समाज आज अपराधियों का जीवन जीने को मजबूर है
    19 May 2022
    मध्य प्रदेश के दक्षिण में महाराष्ट्र से सटे 6 जिले बड़वानी, खरगोन, धार, बुरहानपुर, खंडवा और इंदौर में सिखों की उपजाति "सिकलीगर" समुदाय के 40 हज़ार से ज़्यादा लोग रहते हैं।  इस समुदाय के लोगों को ताले…
  • श्रीधर राममूर्ति
    कोयले की कमी? भारत के पास मौजूद हैं 300 अरब टन के अनुमानित भंडार
    19 May 2022
    भारत को कोयला खदानों के लिए गहन योजना बनाने और प्रभावी प्रबंधन की ज़रूरत है।
  • बी. सिवरामन
    मज़दूर वर्ग को सनस्ट्रोक से बचाएं
    19 May 2022
    सरकारों और श्रम विभागों को नियम बनाना चाहिए कि जहां बाहर काम किया जाता है, वहां एक अस्पताल, नर्सिंग होम या क्लिनिक की व्यवस्था अवश्य हो जहां सनस्ट्रोक वाले कुछ रोगियों को आपातकालीन उपचार प्रदान किया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License