NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
उत्पीड़न
कानून
राजनीति
एशिया के बाकी
श्रीलंका : राष्ट्रपति ने आपातकाल हटाया
राष्ट्रपति ने देश में बदतर आर्थिक हालात को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर एक अप्रैल को सार्वजनिक आपातकाल की घोषणा की थी। तीन अप्रैल को होने वाले व्यापक विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर आपातकाल लगाया गया था।
भाषा
06 Apr 2022
srilanka

कोलंबो: श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने देश में एक अप्रैल को लगाया गया आपातकाल मंगलवार देर रात हटा दिया।
     
मंगलवार रात को जारी राजपत्रित अधिसूचना संख्या 2274/10 में राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने आपातकालीन नियम अध्यादेश को वापस ले लिया है, जिसके तहत सुरक्षा बलों को देश में किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए व्यापक अधिकार दिए गए थे।
     
राष्ट्रपति ने देश में बदतर आर्थिक हालात को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर एक अप्रैल को सार्वजनिक आपातकाल की घोषणा की थी। तीन अप्रैल को होने वाले व्यापक विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर आपातकाल लगाया गया था। 
    
इसके बाद सरकार ने पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया था। कर्फ्यू और आपातकाल के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रहे। इस दौरान नाराज प्रदर्शनकारियों ने सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेताओं के आवास का घेराव कर सरकार से आर्थिक संकट को हल करने का आग्रह किया था। 
     
विरोध प्रदर्शनों के हिंसक होने से कई लोग घायल हो गए और वाहनों में आग लगा दी गई। राष्ट्रपति के आवास के पास लगे बैरिकेड गिराए जाने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारे की। इसके बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और कोलंबो शहर के अधिकतर हिस्सों में कुछ समय के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया।
    
श्रीलंका में विदेशी मुद्रा की कमी के कारण ईंधन और रसोई गैस जैसे आवश्यक सामान की किल्लत हो गई है। प्रतिदिन 12 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है।
    


बाकी खबरें

  • UN WFP and USAID
    पीपल्स डिस्पैच
    इथियोपिया में पश्चिमी हस्तक्षेप की ज़मीन तैयार करने मानवीय संकट का इस्तेमाल कर रहे हैं UN WFP और USAID
    16 Dec 2021
    हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका टीवी के संपादक एलियास अमारे ने पीपल्स डिस्पैच से इथियोपिया में हालिया सैन्य घटनाक्रमों, टीपीएलएफ़ को हुए नुकसान और अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों के घालमेल पर बात की।
  • urmilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    पीएम मोदी का काशी-अभियान, क्या कहता है संविधान!
    16 Dec 2021
    प्रधानमंत्री मोदी ने सन् 2014 के संसदीय चुनाव में भ्रष्टाचार मुक्त भारत और विकास की बातें ज्यादा की थीं. लेकिन अब उनका और उनकी पार्टी का ज्यादा जोर धार्मिकता और ध्रुवीकरण के मुद्दों पर है. पिछले साल…
  • मोदी संसद में देश के सवालों का जवाब कब देंगे ?
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    मोदी संसद में देश के सवालों का जवाब कब देंगे ?
    15 Dec 2021
    वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा आज पूछ रहे हैं कि लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान किसानों को जान-बूझकर रौंदने की SIT रिपोर्ट पर आखिर प्रधानमंत्री कब तक चुप रहेंगे , और साथ ही बात कर रहे हैं…
  • उत्तर प्रदेश का चुनाव मंथन, काशी से लखीमपुर खीरी तक दांव-पर-दांव
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    उत्तर प्रदेश का चुनाव मंथन, काशी से लखीमपुर खीरी तक दांव-पर-दांव
    15 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लकदक काशी इवेंट यात्रा और लखीमपुर खीरी में एसआईटी द्वारा गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा पर इरादतन हत्या का…
  •  लखीमपुर हिंसाः SIT रिपोर्ट सही, कब तक दागी मंत्री को बचाएगी सरकार- अशोक
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    लखीमपुर हिंसाः SIT रिपोर्ट सही, कब तक दागी मंत्री को बचाएगी सरकार- अशोक
    15 Dec 2021
    लखीमपुर हिंसा मामले में SIT की रिपोर्ट ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य साज़िशकर्ता बताया है. ऑल इंडिया किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License