NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
तेलंगाना पॉवर प्लांट में लगी भीषण आग में 9 लोगों की जान गई, 15 घायल
लॉकडाउन के बाद से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में औद्योगिक दुर्घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है। यहां बचाव दल को शवों को बरामद करने में 17 घंटे तक का वक्त लग गया।
पृथ्वीराज रूपावत
22 Aug 2020
Fire
चित्र साभार: पीटीआई

हैदराबाद: तेलंगाना राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (टीएस गेंको) का पनबिजली संयंत्र जो नागरकुर्नूल जिले के श्रीसैलम में स्थित है, में भीषण अग्निकाण्ड के कारण नौ लोगों की मौत हो गई है और 15 अन्य लोग घायल हुए हैं। यह अग्निकाण्ड बृहस्पतिवार रात करीब 10:30 बजे के आसपास हुआ।

आग की लपटें इतनी भीषण थी कि बचाव दल को शवों को भूमिगत सुरंग से बरामद करने में 17 घंटों से भी ज्यादा का वक्त लग गया था। इस खबर को लिखते समय तक संयंत्र के टरबाइन और ट्रांसफार्मर के भीतर लगी आग को बुझाया नहीं जा सका था।

दुर्घटना के कारणों का पता अभी तक नहीं लग सका है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने इस दुर्घटना की जाँच के लिय आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) से कराने के आदेश दिए हैं।

लॉकडाउन के बाद से ही तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में औद्योगिक दुर्घटनाओं का ताँता सा लगा हुआ है, जिसमें एलजी पॉलीमर में गैस रिसाव भी शामिल है, जिसमें 15 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। इस बीच अकेले आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम शहर में हुई चार दुर्घटनाओं में कुल मिलाकर 29 लोगों की जान जा चुकी है।

इन दुर्घटनाओं की जाँच के सिलसिले में देखने में आया है कि प्रबन्धन की ओर से आवश्यक सुरक्षा उपायों के गैर-अनुपालन इसके पीछे की आम वजह रही है।

एक अन्य दुर्घटना में आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में एक निजी कृषि उत्पाद निर्माता फर्म से जुड़ी एक डेयरी में बृहस्पतिवार देर रात को अमोनियम गैस रिसाव के चलते 20 श्रमिकों, जिनमें से अधिकतर महिलाएं थीं, को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है।

लॉकडाउन के बाद से आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में औद्योगिक दुर्घटनाओं के आंकड़े

 टीएस-गेंको जलविद्युत् संयंत्र में हताहतों की संख्या

केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की टीमों ने शवों को संयंत्र की सुरंगों के निकास द्वार से बरामद किया, जबकि राष्ट्रीय आपदा नियन्त्रण बल (एनडीआरएफ) के सदस्यों को, जिन्होंने इस बचाव अभियान की शुरुआत की थी, ने संयंत्र में प्रवेश के कई असफल प्रयास किये थे। बचाव दल के कई सदस्यों को घुटन का सामना करना पड़ा था क्योंकि सुरंग के भीतर धुआं भर चुका था और उन्हें गेंको अस्पताल भेजना पड़ा।

मृतकों में डिप्टी इंजीनियर श्रीनिवास गौड़ और सहायक अभियंता सुरेंदर नायक, मोहन कुमार वेंकट राव, सुषमा और फातिमा, प्लांट अटेंडर में एत्तेम रामबाबू और किरण के साथ-साथ एक निजी कम्पनी अमरा राजा बैटरीज लिमिटेड के दो तकनीशियन- महेश और विनेश शामिल हैं। 

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आग ने जोर इसलिए भी पकड़ा क्योंकि एग्जॉस्ट फैन काम नहीं कर रहे थे, जिसकी वजह से भूमिगत सुरंगों के भीतर आग तेज हो गई और धुआं भर गया था। दुर्घटना के समय कैद की गई वीडियो को देखने से पता चलता है कि कर्मचारियों ने शुरू-शुरू में तो पोर्टेबल अग्निशामकों की मदद से आग बुझाने की कोशिशें की थीं, लेकिन वे सब बेकार गईं। ऐसी खबर है कि कई विस्फोटों के बाद जाकर आग ने जोर पकड़ा था।

एक अधिकारी के हवाले से खबर है कि “प्रोजेक्ट ईकाई का संचालन कई स्तरों पर चल रहा है। जो लोग कण्ट्रोल रूम में मौजूद थे, वे किसी तरह निकल पाने में कामयाब रहे। लेकिन जो लोग निचले तल पर थे, वे धुएं की वजह से बाहर निकल पाने में कामयाब नहीं हो सके। बिजली भी बंद कर देने की वजह से बचाव कार्य और बचने के प्रयासों में बाधा पहुँची है।”

संयंत्र के मुख्य अभियंता प्रभाकर राव को संदेह है कि अभियंताओं की मौत की वजह दम घुटने की वजह से हुई है।

तेलंगाना राज्य के ऊर्जा मंत्री जी जगदीश्वर रेड्डी जोकि दुर्घटना के कुछ ही घंटों के भीतर प्लांट पहुँच चुके थे, ने बचाव कार्यों की देखरेख की। मीडिया से अपनी बातचीत में रेड्डी का कहना था: “आग दुर्घटना की वजह से चार पैनल क्षतिग्रस्त हो चुके थे। जल्द ही यूनिट के भीतर धुआं पूरी तरह से फ़ैल चुका था। हालाँकि कारखाने में मौजूद कर्मचारियों ने बिजली की आपूर्ति बंद कर दी थी, लेकिन धुएं की वजह से वे आगे बढ़कर राहत अभियान को नहीं चलाया जा सका थ। वहीं घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया था।”

संयंत्र का दौरा करने वाले सीपीआई (एम) नेता जुलाकांति रंगा रेड्डी ने कहा कि एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति से इस दुर्घटना की जाँच कराई जानी चाहिए, और मृतकों के परिवार वालों को मुआवजे के तौर पर 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जानी चाहिए। सरकार द्वारा उपक्रम को आउटसोर्स किये जाने पर ऊँगली उठाते हुए उनका कहना था कि “टीएस गेंको जैसी सरकारी ईकाई को निजी कम्पनियों के हाथों आउटसोर्स क्यों किया जा रहा है?”

 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल ख़बर को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें-

9 Dead in Telangana Power Plant Blaze, Rescue Teams Take 17 Hours to Recover Bodies

 

Srisailam Power Plant
TS Genco
Telangana Accident
Industrial accidents
Srisailam Left Bank underground hydel station

Related Stories

तमिलनाडु: नेवेली पावर प्लांट हादसे में छह लोगों की मौत, इनका जिम्मेदार कौन?


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    फादर स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत 'हमेशा के लिए दाग': संयुक्त राष्ट्र समूह
    21 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र वर्किंग ग्रुप ने मनमानी हिरासत पर भारत सरकार से उन परिस्थितियों की प्रभावी जांच करने को कहा जिनके कारण फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु हुई थी
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    कांग्रेस का असल संकट और 'आप' के भगत अम्बेडकर
    20 Mar 2022
    कांग्रेस का असल संकट क्या है? 18 और 23 असंतुष्ट नेताओं के ग्रुप वैचारिक दबाव-समूह हैं या चुनावी राजनीति में अपने-अपने स्वार्थ के अखाड़ेबाज? पंजाब में अपनी शानदार चुनावी सफलता के बाद आम आदमी पार्टी(आप…
  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या लाभार्थी थे भाजपा की जीत की वज़ह?
    20 Mar 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में नीलांजन बात करते हैं समाजशास्त्री हिलाल अहमद से. वे बात करते हैं देश के बदलते चरित्र की.
  • Kanwal Bharti
    राज वाल्मीकि
    भेदभाव का सवाल व्यक्ति की पढ़ाई-लिखाई, धन और पद से नहीं बल्कि जाति से जुड़ा है : कंवल भारती 
    20 Mar 2022
    आपने 2022 में दलित साहित्य के समक्ष चुनौतियों की बात पूछी है, तो मैं कहूँगा कि यह चुनौती अब ज्यादा बड़ी है। हालांकि स्थापना का संघर्ष अब नहीं है, परन्तु विकास और दिशा की चुनौती अभी भी है।
  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक
    20 Mar 2022
    हर हफ़्ते की ज़रूरी ख़बरों को एक पिटारे में एक बार फिर लेकर हाज़िर हैं अनिल जैन
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License