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न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ का वक्तव्य
"ईडी की तरफ़ से चल रही उस जांच को लेकर की गयी चुनिंदा लीक, जिसे पहले ही अदालत के सामने चुनौती मिली हुई है, उसकी ख़ुद की जांच और कार्यप्रणाली में निहित कमज़ोरी को दर्शाता है ,जिसे अदालत में ले जाया जाएगा।"
18 Jul 2021
press
प्रतीकात्मक फ़ोटो

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भीतरी स्रोत के हवाले से मीडिया रिपोर्ट बताती है कि न्यूज़क्लिक के ख़िलाफ़ मीडिया में बदनाम करने का एक अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान न्यूज़क्लिक में किये गये प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और सामान्य बैंकिंग प्रणालियों के ज़रिये कुछ लोगों या संगठनों के समूह द्वारा नियंत्रित या प्रबंधित पैसे के हस्तांतरण से हासिल होने वाली रक़म के सिलसिले में है। न्यूज़क्लिक को जो राशि प्राप्त हुई है, उसका दोनों ही तरह, यानी अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थाओं और फ़ाउंडेशनों और भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में इस तरह के लेनदेन को नियंत्रित करने वाले नियमों और विनियमों के अनुसार भारत के अधिकारियों के सामने रख दिया गया है।

ईडी की तरफ़ से चल रही उस जांच को लेकर की गयी चुनिंदा लीक, जिसे पहले ही अदालत के सामने चुनौती मिली हुई है, उसकी ख़ुद की जांच और उस कार्यप्रणाली में निहित कमज़ोरी को दर्शाता है ,जिसे अदालत में ले जाया जाएगा। चूंकि मामला पहले से ही अदालतों में है, लिहाज़ न्यूज़क्लिक यह नहीं मानता कि मीडिया ट्रायल में उसे भाग लेना चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्तारूढ़ दल भाजपा भी इस तरह के बेबुनियाद आरोपों को हवा देना मुनासिब समझती है।

हमारे पास इन मामलों पर उचित क़ानूनी कार्रवाई शुरू करने का अधिकार सुरक्षित है। न्यूज़क्लिक अपने पत्रकारीय कर्तव्यों का पालन करना जारी रखेगा, जैसा कि वह करता रहा है और इन हमलों के सामने नहीं झुकेगा।

प्रबीर पुरकायस्थ

Editor-in-Chief, Newsclick

 

freedom of expression
Freedom of Press
Newsclick ED Raid
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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License