NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईजिप्ट की आयरन एंड स्टील कंपनी बेचने का विरोध करने पर कर्मचारियों से सख़्ती
सैकड़ों कर्मचारियों ने बेहतर मुआवज़े और अधिक सेवरेंस पैकेज की मांग की और सरकार के कम और अपर्याप्त पेशकश के ख़िलाफ़ भी विरोध प्रदर्शन किया।
पीपल्स डिस्पैच
01 Jun 2021
ईजिप्ट की आयरन एंड स्टील कंपनी बेचने का विरोध करने पर कर्मचारियों से सख़्ती

ईजिप्ट की आयरन एंड स्टील कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों ने पिछले रविवार को हुए प्रदर्शनों में हिस्सा लिया क्योंकि कंपनी ने कुछ प्लांटों में उत्पादन रोककर बेचने का फैसला किया है। माडा मासर ने सोमवार 31 मई में एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी।

संगठन के ट्रेड यूनियन कमेटी के अनुसार विरोध करने वाले 500 के करीब कर्मचारियों को ईजिप्ट के सुरक्षा बलों का सामना करना पड़ा जिन्होंने विरोध प्रदर्शन को तितर बितर करने के लिए अत्यधिक बलों का इस्तेमाल किया। कंपनी के मुख्यालय के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन स्थल से दूर भगाने की कोशिश कर रहे सुरक्षा कर्मियों को प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का पीछा करते देखा गया। रिहा होने से पहले 2 घंटे तक 10 कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया और हिरासत में लिया गया।

माडा मासर ने रिपोर्ट में बताया कि क्योंकि यह एक ऐसा अचानक हुआ प्रदर्शन था इसलिए कर्मचारियों के ये स्वतःस्फूर्त विरोध प्रदर्शन जनवरी 2021 में कंपनी को बेचने करने के निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले 4,000 कर्मचारियों की तुलना में छोटा था। रिपोर्ट में कहा गया कि मुख्य द्वार के सामने कई दिनों से बड़े पैमाने पर धरना हो रहा है।

रविवार को यह फैसला तब आया जब राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी की सरकार और ट्रेड यूनियन कमेटी के बीच करीब 8,000 कर्मचारियों के सेवरेंस पैकेज (severance package) को लेकर बातचीत अभी भी चल रही है। इन वार्ताओं में पैकेज के हिस्से के रूप में मासिक भुगतान, सेवा के अंत में मुआवजा और स्वास्थ्य बीमा लाभ महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल कर्मचारियों को ईजिप्टियन पब्लिक इंटरप्राइजेज मिनिस्ट्री द्वारा लगभग 250000 ईजिप्टियन पाउंड (एलई) के करीब न्यूनतम मुआवजे की पेशकश की गई है।

जनवरी में ईजिप्ट के 77 वर्ष के ईजिप्टियन इंडस्ट्रियल पावरहाउस को बेचने के निर्णय से श्रमिक संघों, व्यापार संगठनों में घोर नाराजगी, आलोचना और विरोध को जन्म दिया और इसने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया। यह ईजिप्ट में सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक था जिसमें 14,000 या इससे अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे। रिपोर्टों में इशारा किया गयाहै कि लिक्विडेशन और ओवरहाल के बाद नई खनन और उत्खनन कंपनी केवल 400 कर्मचारियों को रोजगार देगी। कई अन्य बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को भी हाल के दिनों में लिक्विडेट कर दिया गया है। इनमें नेशनल सीमेंट कंपनी और ईजिप्टियन नेविगेशन कंपनी शामिल हैं जबकि कई अन्य कंपनियों को भी आंशिक या पूर्ण निजीकरण के लिए लक्षित किया गया है।

egypt
Egyptian Iron and Steel Company
trade unions

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 

सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल

केंद्रीय बजट-2022: मजदूर संगठनों ने कहा- ये कॉर्पोरेटों के लिए तोहफ़ा है

2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल

निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल

दिल्ली में मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ हड़ताल की

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’

वेतन संशोधन समझौते: तमिलनाडु के मज़दूरों ने जीतीं अहम लड़ाइयां 

“27 सितम्बर के भारत बंद को बिहार के किसान-मज़दूर बनाएंगे ऐतिहासिक”


बाकी खबरें

  • election
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव के मिथक और उनकी हक़ीक़त
    14 Mar 2022
    क्या ये कल्याणकारी योजनाएं थीं? या हिंदुत्व था? और बीजेपी ने चुनावों पर कितना पैसा ख़र्च किया?
  • Plural Democracy
    सहबा हुसैन
    दबाये जाने की तमाम कोशिशों के बावजूद भारत का बहुलतावादी लोकतंत्र बचा रहेगा: ज़ोया हसन
    14 Mar 2022
    जानी-मानी राजनीतिक वैज्ञानिक ज़ोया हसन का कहना है कि पिछले कुछ सालों से कई समूहों और सार्वजनिक विरोधों से बड़े पैमाने पर जो प्रतिक्रियायें सामने आयी हैं, वे बहुमत के शासन की कमी और हमारे लोकतंत्र को…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में लगातार कम हो रहा कोरोना, पिछले 24 घंटों में 2,503 नए मामले सामने आए
    14 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.08 फ़ीसदी यानी 36 हज़ार 168 हो गयी है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव : 70 सालों से चल रहे चुनावों में कैसे भाग लिया है जनता ने?
    13 Mar 2022
    हाल ही में 5 राज्यों में #Elections ख़त्म हुए हैं। आखिर कैसे देश में हो रहे हैं चुनाव? क्या है जनता की भागीदारी ? इन्ही सवालों का जवाब ढूंढ रहे हैं नीलांजन और सलिल मिश्रा
  • bjp
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या BJP के अलावा कोई विकल्प नहीं ?
    13 Mar 2022
    Point of View के इस एपिसोड में पत्रकार Neelu Vyas ने experts से पांच राज्यों के चुनाव के बाद की स्थिति के बारे में चर्चा की | क्या BJP के सिवा जनता के पास कोई विकल्प नहीं है? क्या Narendra Modi की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License