NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
डीयू खोलने की मांग को लेकर छात्रों की 48 घंटे की भूख हड़ताल, पुलिस ने हिरासत में लिया
महिला दिवस कार्यक्रम में हमले के बाद भी बिना डरे छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को किया प्रदर्शन। छात्रों का कहना है सरकार कोरोना के नाम पर ग़रीब छात्रों से उनका पढ़ाई का हक़ छीन रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Mar 2021
डीयू खोलने की मांग को लेकर छात्रों की 48 घंटे की भूख हड़ताल, पुलिस ने हिरासत में लिया

महिला दिवस 8 मार्च के दिन दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में जिस तरह से हमला हुआ, वह अपने आप में काफ़ी गंभीर है। इस दौरान मज़दूर अधिकारों को लेकर लड़ने वाली कार्यकर्ता नौदीप कौर पर भी हमला हुआ था। आरोप है कि इस हमले के पीछे एबीवीपी से जुड़े कार्यकर्ताओं का हाथ था। इस हमले से न डरते हुए नयी सुबह यानी आज, मंगलवार 9 मार्च को फिर से छात्र-छात्राएं अपने विश्विद्यालय को खोलने के लिए भूख हड़ताल करने के लिए आर्ट्स फैकेल्टी पहुंच गए। लेकिन दिल्ली पुलिस ने छात्रों को हिरासत में ले लिया। उसके बाद भी इन छात्रों ने अपना विरोध जारी रखा और हिरासत में ही भूख हड़ताल जारी रखी। 

एसएफआई यानी स्टूडेंट फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया के दिल्ली राज्य अध्यक्ष सुमित कटारिया के मुताबिक़  उन्हें और अनके साथ 17 अन्य छात्रों को हिरासत में लेकर पुलिस उपायुक्त के ऑफ़िस ले जाया गया। जिसमें महिला छात्र भी शामिल थीं। इन्हें बस में भरकर पुलिस ले गई। 

जानकारी के मुताबिक अलग अलग संगठन के लगभग 50 छात्रों को हिरासत में लिया गया है।

वाम छात्र संगठनों एसएफआई, आइसा, केवाईएस, पिंजरा तोड़, पछास, बीएससीईएम सहित अन्य कई संगठनों ने डीयू को खोलने की मांग को लेकर भूख हड़ताल का आवाह्न किया था। इन छात्र संगठनों का कहना है सरकार कोरोना के नाम पर गरीब छात्रों से उनका पढ़ाई का हक छीन रही है, जब देश में सब कुछ खुल गया है, बड़ी बड़ी चुनावी रैली हो रही हैं तो ऐसे में कैंपस को क्यों बंद कर रखा गया है। 

आपको बता दें कि लगभग एक साल  से  कैंपस बंद हैं। इसको लेकर सरकार की अनदेखी के खिलाफ  छात्र संगठनों का  विरोध था। प्रदर्शनकारियों ने  कहा हमारे साथी  विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, पुस्तकालयों और अन्य कैंपस सुविधाओं को फिर से खुलवाने की मांग को लेकर  एकत्र हुए थे। जब हम वहां पहुंचे तो पुलिस ने ज़बरन हमारे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और बदसलूकी की गई ।  

हिरासत में लिए गए छात्रों ने  कहा कि "छात्र जीवन को दांव पर लगाकर सरकार अपने हितों को आगे बढ़ा रही है। छात्रों को पढ़ने के लिए सामग्री, डेटा पैक, गैजेट्स, पढ़ने के लिए उचित वातावरण के कई मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। पिछड़े सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि की महिला छात्र और छात्राएं दोहरे नुकसान में हैं। "

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सोमवार को महिला दिवस के दिन हुए कार्यक्रम में कथित तौर पर एबीवीपी द्वारा पुलिस की मौजूदगी में किए गए हमले की भी निंदा की और गुस्सा भी जताया। उन्होंने कहा कि यह हमारे कैंपस स्पेस पर हो रहे हमलों के खिलाफ  और जिस तरह  हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन किया जा रहा है उसके खिलाफ एक प्रतिरोध है।

आरोप है कि महिला दिवस के कार्यक्रम का आयोजन  के दौरान SFI, BSCEM और कई अन्य  महिला  कार्यकर्ताओं को  विश्वविद्यालय के भीतर महिला दिवस मनाते हुए बेरहमी से घसीटा गया। इन सबके खिलाफ़ गुस्सा समेटे छात्र मंगलवार को प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। 

एसएफआई दिल्ली राज्य समिति के दिया अनाघा ने कहा कि "छात्र चाहते हैं कि कैंपस फिर से खुल जाएं। छात्रों को ढांचागत सुविधाओं, पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया गया है, जिससे उनके शैक्षिक अनुभव की गुणवत्ता कम रही है। यह बहुत स्पष्ट रूप से कमज़ोर तबके के छात्र समुदाय के हितों के खिलाफ है।”

प्रदर्शनकारियों ने साफ किया सरकार और पुलिस कितना भी दमन करे उनका विरोध इसी तरह बुलंद रहेगा। 

Delhi University
DU Reopen
hunger strike
Student Protests
delhi police
SFI

Related Stories

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

दिल्ली: प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर पुलिस का बल प्रयोग, नाराज़ डॉक्टरों ने काम बंद का किया ऐलान


बाकी खबरें

  • RRB NTPC
    एम.ओबैद
    बिहार आरआरबी-एनटीपीसी छात्र आंदोलनः महागठबंधन माले नेता ने कहा- ये सरकार लोकतंत्र विरोधी है
    28 Jan 2022
    "सरकार चाहती ही है कि देश में रोजगार समाप्त हो। पीएम मोदी और उनके मंत्री और पूर्ववर्ती रेल मंत्री पहले कहते रहे हैं कि देश में निजीकरण ज़रुरी है और रोज़गार तो पकौड़ा तलना है। बीजेपी की पकौड़ा तलने की…
  • bsp
    भाषा
    यूपी में सपा समर्थकों में लाल टोपी का चलन बढ़ा, बिक्री में भी इज़ाफ़ा
    28 Jan 2022
    लखनऊ में प्रचार सामग्री बेचने वाले बता रहे हैं कि रैलियों व जुलूस पर चुनाव आयोग की पाबंदी के कारण बैनर व पोस्टर उतने नहीं बिक रहे जितनी सपा की ‘लाल टोपी’। 
  • Google Airtel
    भाषा
    भारती एयटेल में एक अरब डॉलर का निवेश करेगी गूगल, 1.28 फीसदी हिस्सेदारी भी खरीदेगी
    28 Jan 2022
    इस करार में इक्विटी निवेश के साथ-साथ संभावित वाणिज्यिक समझौतों के लिए एक कोष भी शामिल है, जिसके तहत समझौतों को अगले पांच वर्षों के दौरान पारस्परिक रूप से सहमत शर्तों पर मंजूरी दी जाएगी। गूगल यह निवेश…
  • akhilesh
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिना कारण बताए मेरे हेलीकॉप्‍टर को रोका गया, यह भाजपा की साज़िश : अखिलेश यादव
    28 Jan 2022
    अखिलेश ने आज दोपहर पहले ट्वीट किया कि उनके हेलीकॉप्टर को दिल्ली में रोक कर रखा गया है, फिर करीब 40 मिनट बाद बताया कि वे उड़ान भरने जा रहे हैं। इसे उन्होंने कुछ इन शब्दों में कहा- "हम जीत की ऐतिहासिक…
  • Xiomara
    पीपल्स डिस्पैच
    होंडुरास: राजनीतिक उथल-पुथल के बीच ज़ियोमारा कास्त्रो बनेंगी राष्ट्रपति
    28 Jan 2022
    पारंपरिक रूढ़ीवादी वर्गों द्वारा कास्त्रो के होंडुरास में बदलावों वाले प्रस्तावों को रोकने के लिए कोशिशें की जा रही हैं। ऐसे में कास्त्रो के शपथ ग्रहण से पहले तनाव बढ़ रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License