NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सूडानी सरकार और अधिकांश विद्रोही सैनिकों ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया
कुछ विद्रोही गुटों ने सरकार की धर्मनिरपेक्षता के प्रति प्रतिबद्धता की कमी और सरकार समर्थक मिलिशिया के निरस्त्रीकरण को शांति वार्ता से हटने का कारण बताया है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Sep 2020
सूडानी सरकार और अधिकांश विद्रोही सैनिकों ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया

सूडान की ट्रांजिशनल सरकार और सूडानी रिवोल्यूशनरी फ्रंट (एसआरएप) के प्रतिनिधित्व वाली प्रमुख सशस्त्र विद्रोही सेनाओं के अधिकांश सदस्यों में आखिरकार एक शांति समझौता हो गया। औपचारिक हस्ताक्षर समारोह दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा में मंगलवार 31 अगस्त को आयोजित किया गया था।

एसआरएफ विभिन्न विद्रोही समूहों का एक प्रमुख संगठन है जो दारफुर के पश्चिमी क्षेत्र और 'टू एरियाज' के नाम से प्रख्यात ब्लू नाइल और दक्षिण कोर्डोफन के दक्षिणी क्षेत्रों में सक्रिय है।

एसआरएफ का गठन साल 2011 में एक गठबंधन के रूप में किया गया था जिसमें सूडान पीपल्स लिबरेशन मूवमेंट-नॉर्थ (एसपीएलएम-एन) शामिल था जो उक्त 'टू एरियाज' में सक्रिय है और इसके सैनिक दारफुर में हैं। इस गठबंधन में जस्टिस एंड इक्वलिटी मूवमेंट (जेईएम), अब्देलवहिद अल नूर के नेतृत्व वाला सूडान लिबरेशन मूवमेंट (एसएलएम-एडब्ल्यू) गुट और मिन्नी मिनावी के नेतृत्व वाला (SLM-MM) एक और गुट शामिल है।

इनमें से एसएलएम-एडब्ल्यू इस समझौते का हिस्सा नहीं है और वार्ता में हिस्सा लेने से उस समय तक के लिए इनकार कर दिया है जब तक कि एक नागरिक सरकार स्थापित नहीं होती है और दारफुर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल नहीं होती है। 'टू एरियाज' में मल्लिक आगर के नेतृत्व में एसपीएलएम-एन इस समझौते के प्रमुख दल के रूप में है। इस समूह के लड़ाके को 39 महीनों की अवधि के लिए सेना में शामिल किया जाएगा।

आगर की अगुवाई वाली एसपीएलएम-एन ”ब्लू प्रांत के लिए गवर्नर और दक्षिण कोर्डोफन तथा पश्चिम कोर्डोफन प्रांतों के लिए डिप्टी गवर्नर को नामित करेगी। इसके अलावा, इसे 30% कार्यकारी और विधायी निकाय मिलेंगे। इन टू एरियाज को स्व-शासन का अधिकार होगा और विधायिका का अधिकार होगा।"

ईसाइयों की बड़ी आबादी वाले इस क्षेत्र में ईसाइयों के अधिकारों की रक्षा के लिए इस समझौते में धार्मिक स्वतंत्रता के लिए एक राष्ट्रीय आयोग की स्थापना का प्रावधान है।

इस समझौते में यह भी कहा गया है कि 10 वर्षों की अवधि के लिए इन राज्यों में इकट्ठा किए गए धन का 40% 'टू एरियाज' के लिए आरक्षित होगा जहां वर्तमान गृह युद्ध साल 2011 से जारी है।

दारफुर में साल 2003 से चल रहे गृह युद्ध में 300,000 लोगों की जान जाने और 2.5 मिलियन लोगों के विस्थापित होने का अनुमान है, कुछ छोटे समूहों के साथ एसएलएम- मिन्नावी और जेईएम इस समझौते की प्रमुख पार्टी हैं जो पुनर्वास के लिए रास्ता बनाता है आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति (आईडीपी) के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।

दारफुर और टू एरियाज के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में अधिकांश आबादी ग़ैर-अरब अल्पसंख्यकों की है जिन्होंने कथित तानाशाही, आर्थिक और राजनीतिक भेदभाव के ख़िलाफ़ सशस्त्र विद्रोह का सहारा लिया जिन्होंने पूर्व तानाशाह उमर अल-बशीर के इस्लामिक शासन के दौरान सामना किया था।

बशीर को नागरिक विरोध के चलते सत्ता से बेदखल कर दिया गया। ये विरोध दिसंबर 2018 में हुआ था और अगस्त 2019 में ट्रांजिशनल सरकार के गठन का रास्ता बना। इस सरकार के सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक था, गृह युद्धों को समाप्त करने के लिए विद्रोही बलों के साथ एक शांति समझौते पर बातचीत करना।

Sudan
Sudanese Government
Secularism
SRAP
SLM-MM
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

ज्ञानवापी कांड एडीएम जबलपुर की याद क्यों दिलाता है

पीएम मोदी को नेहरू से इतनी दिक़्क़त क्यों है?

लता के अंतिम संस्कार में शाहरुख़, शिवकुमार की अंत्येष्टि में ज़ाकिर की तस्वीरें, कुछ लोगों को क्यों चुभती हैं?

पश्चिम दारफ़ुर में नरसंहार: सूडान की मिलिटरी जुंटा का खनिज समृद्ध भूमि को जनहीन करने का अभियान

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

विधानसभा चुनाव: एक ख़ास विचारधारा के ‘मानसिक कब्ज़े’ की पुष्टि करते परिणाम 

अयोध्या: राजनीति के कारण उपेक्षा का शिकार धर्मनिरपेक्ष ऐतिहासिक इमारतें


बाकी खबरें

  • प्रियंका शंकर
    रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नॉर्वे में नाटो का सैन्य अभ्यास कितना महत्वपूर्ण?
    19 Mar 2022
    हालांकि यूक्रेन में युद्ध जारी है, और नाटो ने नॉर्वे में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जो अभ्यास ठंडे इलाके में नाटो सैनिकों के युद्ध कौशल और नॉर्वे के सैन्य सुदृढीकरण के प्रबंधन की जांच करने के…
  • हर्षवर्धन
    क्रांतिदूत अज़ीमुल्ला जिन्होंने 'मादरे वतन भारत की जय' का नारा बुलंद किया था
    19 Mar 2022
    अज़ीमुल्ला ख़ान की 1857 के विद्रोह में भूमिका मात्र सैन्य और राजनीतिक मामलों तक ही सिमित नहीं थी, वो उस विद्रोह के एक महत्वपूर्ण विचारक भी थे।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: महंगाई-बेरोजगारी पर भारी पड़ी ‘नमक पॉलिटिक्स’
    19 Mar 2022
    तारा को महंगाई परेशान कर रही है तो बेरोजगारी का दर्द भी सता रहा है। वह कहती हैं, "सिर्फ मुफ्त में मिलने वाले सरकारी नमक का हक अदा करने के लिए हमने भाजपा को वोट दिया है। सरकार हमें मुफ्त में चावल-दाल…
  • इंदिरा जयसिंह
    नारीवादी वकालत: स्वतंत्रता आंदोलन का दूसरा पहलू
    19 Mar 2022
    हो सकता है कि भारत में वकालत का पेशा एक ऐसी पितृसत्तात्मक संस्कृति में डूबा हुआ हो, जिसमें महिलाओं को बाहर रखा जाता है, लेकिन संवैधानिक अदालतें एक ऐसी जगह होने की गुंज़ाइश बनाती हैं, जहां क़ानून को…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!
    19 Mar 2022
    मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित कर दिया गया। माकपा ने इसके लिए शिवराज सरकार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License