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पड़ताल: क्या टिकैत वाकई मीडिया को धमकी दे रहे हैं!
किसानों के सफल भारत बंद से बौखलाए बड़े-बड़े एडिटर क्या इतने व्याकुल हैं कि फ़ेक वीडियो साझा करने में भी रत्ती भर नहीं झिझकते।
राज कुमार
29 Sep 2021
Rakesh tikait
वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट

गोदी मीडिया शुरू से ही किसान आंदोलन को बदनाम करने की हर प्रकार की कोशिशें कर रहा है। पूछा जाना चाहिए कि किसानों के सफल भारत बंद से बौखलाए बड़े-बड़े एडिटर क्या इतने व्याकुल हैं कि फ़ेक वीडियो साझा करने में भी रत्ती भर नहीं झिझकते।

मंगलवार यानी 28 सितंबर को ज़ी न्यूज़ के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी ने किसान नेता राकेश टिकैत का एक वीडियो ट्वीट किया है (आर्काइव लिंक)। सुधीर चौधरी ने वीडियो के साथ अपने ट्वीट में लिखा है कि-“राकेश टिकैत का अगला टारगेट मीडिया हाउस हैं। ज़ी न्यूज़ ने सच दिखाया तो ये धमकी? नहीं तो?” इस वीडियो को ख़बर लिखे जाने तक 10 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। 4,632 लोगों ने सुधीर चौधरी के इस ट्वीट को रिट्वीट किया है और  14 हज़ार लोगों ने लाइक किया है। सुधीर चौधरी के अलावा भी ये वीडियो काफी साझा किया जा रहा है।

सुधीर चौधरी द्वारा साझा किये गये 12 सेकेंड के इस वीडियो क्लिप में राकेश टिकैत मीडिया के सामने कह रहे हैं “अगला टारगेट मीडिया है। आपको बचना है तो साथ देदो। नहीं तो आप भी गये।”

ज़ी न्यूज़ और रिपब्लिक भारत की वेबसाइट पर भी ऐसी ही ख़बर लगाई गई है। बहुत सारी जगह छत्तीसगढ़ महापंचायत के हवाले से ये ख़बर छप रही है कि राकेश टिकैत ने मीडिया को धमकी दी है। राकेश टिकैत की ये 12 सेंकेड की वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल है। अब सवाल उठता है कि क्या राकेश टिकैत सचमुच ज़ी न्यूज़ या मीडिया को धमकी दे रहे हैं। आइये पड़ताल करते हैं।


जांच-पड़ताल

इस वीडियो की खोजबीन करने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। क्योंकि ये काफी ताज़ा 28 सितंबर का वीडियो है। राकेश टिकैत छत्तीसगढ़ में किसान महापंचात में हिस्सा लेने गये थे। उस समय पत्रकारों के साथ सवाल-जवाब के दौरान का ये वीडियो है। एएनआई ने दोपहर 1 बजकर 54 मिनट पर इस वीडियो को ट्वीट किया है। सुधीर चौधरी समेत तकरीबन सभी लोगों ने इसी वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके इसे गलत दावे के साथ साझा किया है।

एएनआई द्वारा ट्वीट किया गया राकेश टिकैत का वीडियो 43 सेकेंड का है। इस ओरिजनल वीडियो में राकेश टिकैत कह रहे हैं कि“...मेन तो दिल्ली सरकार को देख लो जिसने कानून बनाकर आधा देश बेच दिया है। मध्य प्रदेश की 182 मंडिया बेचनी निकाल दी। छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं रहने का। अब तो ये है कि सब लोग साथ दो। अगला टारगेट मीडिया हाउस है। आपको बचना है तो साथ देदो नहीं तो आप भी गये।”

वीडियो में राकेश टिकैत मीडिया हाउस को धमकी नहीं दे रहे हैं बल्कि अपनी तरफ से सचेत कर रहे हैं कि सरकार का अगला टारगेट मीडिया हाउस है और अगर आपको बचना है तो हमारा साथ देना चाहिये।

इसी वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके उसके एक हिस्से को सुधीर चौधरी ने दोपहर 2 बजकर 14 मिनट पर ट्वीट किया है। गोदी मीडिया लगातार ऐसी ओछी हरकत कर रहा है। ये कोई अकेला मामला नहीं है। सुधीर चौधरी ज़ी न्यूज़ के एडिटर इन चीफ हैं। ख़बरें उनका पेशा है, तो ऐसा नहीं मानना चाहिये कि सुधीर चौधरी से गलती से कोई आधा-अधूरा छेड़छाड़ किया गया वीडियो साझा हो गया हो। ये होशो-हवास में जानबूझकर किया गया हैं। ये कोई पहला मौका नहीं है जब सुधीर चौधरी ने फ़र्ज़ी वीडियो या फ़र्ज़ी ख़बर साझा की है।

सुधीर चौधरी द्वारा साझा किया गया वीडियो और दावा सही नहीं है। वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके सुधीर चौधरी ने साझा किया है। कायदे से सुधीर चौधरी को वीडियो हटाना चाहिये और माफी मांगनी चाहिये।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार और ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

 

rakesh tikait
Sudhir Chaudhury
kisan andolan
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fake propaganda
Fake nationalism

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