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शांति वार्ता के बीच काबुल में फिर आत्मघाती हमला
तालिबान ने अपने बयान में पहले कहा है कि ये विद्रोही समूह अमेरिका के साथ शांति वार्ता जारी रखने के प्रयास के मद्देनजर शहरी केंद्रों पर हमला नहीं करेगा।
पीपल्स डिस्पैच
11 Feb 2020
taliban attack

कतर में विद्रोही तालिबान और अमेरिकी अधिकारियों में चल रही बातचीत और शांति वार्ता के बीच एक बड़े हमले के जरिए अफगानिस्तान की राजधानी काबुल को 11 फरवरी को निशाना बनाया जिसमें कम से कम पांच लोग मारे गए। शहर में ये आत्मघाती हमला तीन महीने तक लगभग 'शांत' रहने के बाद हुआ है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन आत्मघाती हमलावरों ने मार्शल फ़ाहिम मिलिट्री अकादमी के गेट पर विस्फोट किया। इस अकादमी को रक्षा मंत्रालय चलाता है। दो नागरिकों के साथ अफगानिस्तान के तीन सैन्यकर्मियों ने इस विस्फोट में अपनी जान गंवा दी है जबकि इस विस्फोट में एक दर्जन अन्य लोग घायल हो गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि ये विस्फोट इतना तेज़ था कि इसने उनके घरों को हिला दिया। एक निवासी ने एएफपी को बताया कि "विस्फोट के बाद हमने गोलियों की आवाज सुनी और एंबुलेंस को घटनास्थल पर आने जाने की आवाज सुनी।"

किसी भी विद्रोही समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। तालिबान ने अपने बयान में पहले कहा है कि ये विद्रोही समूह अमेरिका के साथ शांति वार्ता जारी रखने के प्रयास के मद्देनजर शहरी केंद्रों पर हमला नहीं करेगा। अमेरिका की अगुवाई में 2001 में देश पर नाटो के आक्रमण के समय से यह देश के बड़े हिस्सों में अमेरिका और अफगान सेना के साथ लड़ाई कर रहा है और नागरिक और सैन्य दोनों स्थानों पर कई हमले किए हैं।

पिछले हफ्ते अमेरिकी सचिव माइक पोम्पियो की टिप्पणी युद्ध को समाप्त करने के लिए इच्छा और क्षमता दोनों की कमी के लिए तालिबान पर आरोप लगाते हुए प्रतिक्रिया में प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने अमेरिकी सरकार पर शांति समझौते को विफल करने का आरोप लगाया।

क़तर के दोहा में साल भर से चली आ रही बातचीत के बावजूद अमेरिका और तालिबान के बीच शांति वार्ता में कई असफलताएं देखी गई हैं। ये असफलताएं तब सामने आईं जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तालिबान पर हिंसा का आरोप लगाकर इस वार्ता को समाप्त कर दिया था। पिछले महीने वार्ता फिर से शुरू हुई। हालांकि, तालिबान ने राष्ट्रपति अशरफ गनी के नेतृत्व वाली सरकार के साथ शामिल होने से इनकार कर दिया है।

देश में 140000 से अधिक यूएस और लगभग 170000 नाटो सैनिक हैं।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

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