NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
“बाहर निकलो डरना छोड़ो...ज़िंदा हो तो मरना छोड़ो”
‘इतवार की कविता’ में आज पढ़ते हैं हमारे दौर के अहम शायर अशोक रावत की दो ग़ज़लें।
अशोक रावत
16 Feb 2020
Shaheen Bagh

ग़ज़ल

1.

बाहर निकलो डरना छोड़ो,
ज़िंदा हो तो मरना छोड़ो.

 

बात हमारी सुननी होगी,
कैसे अनशन धरना छोड़ो.

 

या तो साथ निभाओ दिल से,
नाटक करना वरना छोड़ो.

 

लड़ना सीखो इस दुनिया से,
छुप कर आहें भरना छोड़ो.

 

हिम्मत से माँगो हक़ अपना,
रोना और बिफरना छोड़ो.

 

पूंछ हिलाना, दाँत दिखाना,
जी-जी, सर-सर करना छोड़ो.

 

सच्चाई से निपटो पहले,
सजना और सँवरना छोड़ो.

 

तुमको अच्छी लगती होंगी,
झूठी बातें करना छोड़ो.
 

2.

वतन के नाम पर नफ़रत का कारोबार करते हैं,
हम उनका साथ देने से खुला इनकार करते हैं.

 

जहाँ ग़लती करोगे तुम वहाँ उंगली उठाएंगे,
जहाँ ग़लती हुई हमसे उसे स्वीकार करते हैं.

 

उसे ही तोड़ने की बात क्यों करते हैं आख़िर लोग,
बड़ी मुश्किल से तो एक पुल को हम तैयार करते हैं.

 

नहीं डरते वो दुश्मन से भी जिनमें वाकई दम है,
जो कायर हैं वो छुप कर दोस्तों पर वार करते हैं.

 

अभी हालात इतने भी नहीं बिगड़े कि मुश्किल हो,
चलो एक अम्न का माहौल फिर तैयार करते हैं.

 

यही महसूस होता है कोई अपना ही हो जैसे,
किसी का थामकर कंधा सड़क जब पार करते हैं.

 

किसी के पास काँटे भी नहीं जाते कभी चुभने,
न सुंदर फूल अपनी गंध का व्यापार करते हैं.

 

उन्हें भी खिड़कियों जितनी उजालों से मुहब्बत है,
अँधेरों की हिमायत कब दरो-दीवार करते हैं.

इसे भी पढ़े : भक्त है ये इसकी चाबी भर गई तो भर गई…

इसे भी पढ़े : इतवार की कविता : आप अंधे, गूंगे, बहरे हैं...

Sunday Poem
Right to Protest
right to freedom of mobility
CAA
NRC
Freedom of silence
ghazal
Shaheen Bagh
Lucknow Ghantaghar Protest

Related Stories

वे डरते हैं...तमाम गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज और बुलडोज़र के बावजूद!

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

इतवार की कविता: वक़्त है फ़ैसलाकुन होने का 

सर जोड़ के बैठो कोई तदबीर निकालो

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!

इतवार की कविता: जश्न-ए-नौरोज़ भी है…जश्न-ए-बहाराँ भी है

इतवार की कविता: के मारल हमरा गांधी के गोली हो

इतवार की कविता: सभी से पूछता हूं मैं… मुहब्बत काम आएगी कि झगड़े काम आएंगे

इतवार की कविता : 'आसमान में धान जमेगा!'


बाकी खबरें

  • किसान आंदोलन
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान आंदोलन: पूरे हरियाणा में भाजपा-जजपा नेताओं के कार्यक्रम का विरोध जारी
    22 Jun 2021
    प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि हरियाणा के भाजपा और जजपा नेता अपने किसान विरोधी रवैये और व्यवहार का खामियाजा भुगत रहे हैं। नेताओं को अपने घोषित कार्यक्रमों को गुप्त तरीके से करना पड़ रहा है।
  • bharat_ek_mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज : कोरोना देवी मंदिर, रामदेव का वैक्सीन पर यू-टर्न, राम मंदिर ज़मीन घोटाला
    22 Jun 2021
    भारत एक मौज के इस एपिसोड में, संजय राजौरा यूपी में कोरोना देवी मंदिर, राम मंदिर ज़मीन घोटाला; यूपी महिला आयोग सदस्य की लड़कियों के लिए सुरक्षा टिप्स और बाबा रामदेव द्वारा कोरोना टीका पर लिए गए यू-टर्न…
  • कोरोना
    भाषा
    कोरोना अपडेट: भारत में 91 दिन बाद 50 हजार से कम नए मामले
    22 Jun 2021
    देश में 79 दिन बाद उपचाराधीन मरीजों की संख्या सात लाख से कम हो गई है। इसके अलावा 1,167 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 3,89,302 हो गई है।
  • जाने माने गीतकार-कवि पूवाचल खादर का निधन
    भाषा
    जाने माने गीतकार-कवि पूवाचल खादर का निधन
    22 Jun 2021
    मलयालम में कई हिट गीतों की रचना कर चुके खादर ने पांच दशक के अपने कॅरियर में करीब 400 फिल्मों में 1500 गीत लिखें हैं।
  • नासा ने अंतरिक्ष में अनुसंधान के लिए हवाई से स्क्विड भेजा
    एपी
    नासा ने अंतरिक्ष में अनुसंधान के लिए हवाई से स्क्विड भेजा
    22 Jun 2021
    स्क्विड प्राणी विज्ञान के सेफलोपोड्स समूह से आता है जो कैटलफिश से मिलता जुलता जीव है। खारे पानी में पाए जाने वाले ये दिलचस्प जीव हैं। वे अंधेरे में चमकते हैं अत: उन्हें जीवदीप्ति कहा जाता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License