NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
मैं जेल में हूँ...मेरे झोले में है एक किताब 'हमारा संविधान'
'इतवार की कविता' में पढ़ते हैं मनीषा की एक नई कविता जो उन्होंने इस वक्त CAA-NRC के विरोध में चल रहे देशव्यापी आंदोलन से प्रभावित होकर लिखी है। इसमें आपको वे तमाम छवियां मिलेंगी जो इस समय इस आंदोलन की वजह से जेल में हैं। ये मर्मस्पर्शी कविता हमको सत्ता के दमन, उसकी चालाकियों और आने वाले ख़तरों से भी आगाह करती है।
मनीषा
29 Dec 2019
 Activist Ekta and Ravishekhar
वाराणसी के एक्टिविस्ट एकता और रविशेखर। CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने के आरोप में दोनों को 19 दिसंबर को गिरफ़्तार किया गया, जिसके बाद से वे जेल में हैं। इनके पीछे इनकी 14 माह की बेटी चंपक का बुरा हाल है। फोटो साभार : दैनिक भास्कर

मैं जेल में हूँ…


मैं जेल में हूँ
मेरी दुधमुँही बच्ची दूध के बिना
कमज़ोर पड़ रही है
मैं इस देश के संविधान की रक्षा के लिए
संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन कर रही थी
मैं जेल में हूँ

 

मैं जेल में हूँ जहाँ
मेरे साथ मेरी माँ और पिता हैं
मैैं जेल में हूँ क्योंकि मेरे पिता के पास उनके पिता के काग़ज़ात नहीं हैं
माँ का तो ख़ैर कोई घर ही नहीं है

 

मैं जेल में हूँ,
मुझे हर रोज़ एक आदमी खाना देने आता है
ये वही है जिसने चुपके से मुझे मेरा झोला लौटा दिया था
मेरे झोले में है एक शाॅल
मेरे बच्चों के बचपन के दो कपड़े
और एक किताब 'हमारा संविधान '
वो रोज़ मुझे उदास आँखों से देखता है
कहता कुछ नहीं बस खाना देता है
और देख कर चला जाता है

 

किसी ने कहा हमें छोड़ दिया जाएगा
पर कहाँ? नहीं पता

 

खाना देने वाला आज दोबारा आया है
उसने ताला खोल कर हमें निकाला है
साथ ले जा रहा है कहाँ नहीं पता
उसकी आँखें इतनी उदास हैं कि
कुछ भी पूछ पाना मुश्किल है


वह हमें ले जाता है समुद्र के किनारे
बैठा देता है एक नाव में
आँखों से कह देता है विदा
मैं महसूस करती हूँ मेरा झोला मेरे पास नहीं है

 

मैं ज़ोर से उसे आवाज़ देती हूँ
दोस्त! मेरा झोला रह गया
वह भी पहली बार कहता है
अब नहीं दे पाऊँगा

 

नाव चल देती है
कुछ दूर जाने के बाद समंदर से पानी
कम होने लगता है नाव गहराई की ओर चल पड़ती है
लगा जैसे मुक्त हुए इस जीवन से
पर नाव कहीं जाकर पलट जाती है
हम जहाँ खड़े हुए वहाँ हर तरफ़ सलाखें थीं
सीलन थी सर्दी थी
माँ थी जो बहुत घबराती थी, पिता थे जो
जाने कितना बर्दाश्त कर जाते थे
मैने पिता से कहा मैं आप लोगों को यहाँ नहीं देख पाऊँगी

 

वे लोग बड़े शातिर थे जाने कैसे जान लेते थे
लोगों की ख्वाहिशें और ज़रूरतें
वो उन्हें वही दिखा कर देते थे यातना
जैसे भूखे को रोटी दिखा कर यहाँ लाया गया
प्यासे को दिखाया पानी
बेरोज़गार को रोज़गार
बच्चों को मुफ़्त पढ़ाई
बीमार को सस्ती दवाई
गुलाम को रिहाई

 

आज सब हैं यातना गृह में
नहीं हैं अब नागरिक
उनके मुताबिक
यहाँ नहीं है मेरा झोला
जिसमें है संविधान की
किताब
बस बची है लड़ाई
संविधान की झूठी शपथ लेने वालों से
स्वप्न में आते यातनागृह
जगाते हैं डरा कर
आँखें भीगी होती हैं
दिल बहुत भारी
जेल में भी रहेगा
ये संघर्ष जारी ।

 

(मनीषा एक कवि के साथ-साथ एक योग इंन्सट्रक्टर भी हैं)

इसे भी पढ़े:…तो हमें देश की सुरक्षा से ख़तरा है

इसे भी पढ़े:  जो इस पागलपन में शामिल नहीं होंगे, मारे जाएँगे

Sunday Poem
CAA
NRC
Protest against NRC
Protest against CAA
NPR
Constitution of India
Indian democracy
Freedom of silence
modi sarkar
BJP
Activist Ekta
Activist Ravishekhar

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    रोहतक : मारुति सुज़ुकी के केंद्र में लगी आग, दो कर्मियों की मौत
    12 Apr 2022
    मज़दूर संगठन ने दोषियों पर कार्रवाई और मृतकों के लिए 50 लाख मुआवज़े की रखी मांग
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    मुझे अगले नवरात्रों से ख़ौफ़ क्यों लगता है
    12 Apr 2022
    अब नवरात्रों में चलाने वाले नौ दिवसीय अनुष्ठान का मतलब भौतिक स्थान और/या क्षेत्र को चिह्नित करने के मामले में अधिक है, जैसा कि कई जानवर करते हैं, और इसलिए अधिकांश ईश्वर-भक्त हिंदू अनुयायी अपनी इच्छा…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 796 नए मामले, 19 मरीज़ों की मौत
    12 Apr 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 25 लाख 4 हजार 329 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च
    12 Apr 2022
    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड महामारी के भीषण दौर में 100 दिन काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमितीकरण में प्राथमिकता देने की बात करते हुए सर्कुलर भी जारी किया था। पर अब केंद्र सरकार…
  • अजय कुमार
    दवाई की क़ीमतों में 5 से लेकर 5 हज़ार रुपये से ज़्यादा का इज़ाफ़ा
    12 Apr 2022
    भारत जैसे देश में दवाई की महंगाई बाजार की बनाई हुई है, लागत की नहीं। दवाई के महंगाई का हाल ऐसा है कि कई लोग महंगे दवाई के आभाव में दम तोड़ देते हैं। कई लोग दवा खरीद ही नहीं पाते और बीमारी से जूझते…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License