NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
साहित्य-संस्कृति
भारत
'आज कौन?' 'आज कितने?'
'आज कौन?' 'आज कितने?', कोरोना काल में अब यह रोज़ का सवाल हो गया है। हर नई सुबह नए सदमे लेकर आ रही है...लेकिन फिर भी “हम लड़ते रहेंगे कि/ मिले हर किसी को/ उसके हक़ की ख़ुशहाल ज़िंदगी/ और उसके हिस्से की क़ुदरती मौत…”। कवि-पत्रकार सोनाली वरिष्ठ कॉमरेड रंजना निरुला को याद करते हुए इसी हौसले और जज़्बे को बयान कर रही हैं। इतवार की कविता में पढ़ते हैं उनकी नयी कविता।
न्यूज़क्लिक डेस्क
16 May 2021
कोरोना
प्रतीकात्मक तस्वीर, साभार: एनडीटीवी

'आज कौन?' 'आज कितने?'

 

शायद आसां होता

ख़त्म हो जाना

मायूस सुबहों के

अंतहीन चक्के में फँसे रहने से,

जो शुरू होती हैं

दो सवालों से

'आज कौन?'

'आज कितने?'

 

आज कौन?

जो तय न कर पाया

दो साँसों के बीच का फ़ासला।

 

आज कौन?

जिसे जगह न मिली अस्पताल में

और मर गया

एम्बुलेंस, गाड़ी, रिक्शे

या शायद सड़क पर…

 

आज कितने?

जो कल तक इन्सां थे

बन गए आज आँकड़ा सरकारी फ़ाइल का,

और मिल गए कल के आँकड़ों से,

कल के आँकड़ों से मिलने के लिए।

 

शायद आसां होता

ख़त्म हो जाना

और निकल जाना इस अंधेरे कुएँ से।

 

लेकिन मेरी परवरिश 'वाम' है, जनाब

लड़ना और लड़ते रहना

हमारा पहला सबक़।

 

हम लड़ते आये हैं

पल-पल दम घोटे जा रहे

मज़लूमों के कंधे से कंधा मिलाकर,

जिन्हें ज़िंदा रखा जाता है

बस इतना कि 

उनकी हड्डियों से निचोड़ा जा सके मुनाफ़ा।

 

हम लड़ते रहेंगे कि

मिले हर किसी को

उसके हक़ की ख़ुशहाल ज़िंदगी

और उसके हिस्से की क़ुदरती मौत।

 

आप में से जो न समझ पाए

'आज कौन?' 'आज कितने?'

और हमारी लड़ाई का रिश्ता

तो जनाब, आपका इल्म

अभी कच्चा है

आपके सबक़ बाक़ी हैं अभी।

.....

( इस उदास मौसम में 10 मई को कॉमरेड रंजना निरुला हमसे अलविदा कह गईं। वे 75 वर्ष की थीं और 27 अप्रैल से कोविड संक्रमण के चलते अस्पताल में थीं। कॉमरेड रंजना फिलहाल ऑल इंडिया कोआर्डिनेशन कमेटी  ऑफ आशा वर्कर्स (सीटू) की कन्वीनर थीं। वे 70 के दशक में भारत में वाम आंदोलन से जुड़ीं। उन्होंने ताउम्र मज़दूरों के बीच रहकर काम किया। खासतौर से महिला मज़दूरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता थी।

वे एक बेहद खुशमिजाज़, ज़िंदादिल और सकारात्मक इंसान थीं। मुश्किल हालात में भी संघर्ष जारी रखना उन्हें बखूबी आता था। कॉमरेड रंजना आज भले ही हमारे बीच नहीं लेकिन उनकी सोच, उनकी सकारात्मकता, वाम विचारधारा और मज़दूर वर्ग के प्रति प्रतिबद्धता हमें हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।– सोनाली)

Sunday Poem
Hindi poem
poem
COVID-19
Coronavirus

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • JANAZA
    ज़ाकिर अली त्यागी
    हरदोई: क़ब्रिस्तान को भगवान ट्रस्ट की जमीन बता नहीं दफ़नाने दिया शव, 26 घंटे बाद दूसरी जगह सुपुर्द-ए-खाक़!
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश के हरदोई बीजेपी से जुड़े एक शख़्स ने शव को दफ़्न करने से रोक दिया, और क़ब्रिस्तान की ज़मीन पर अपना दावा ठोक दिया, हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई करने की बजाय प्रशासन भी उनकी ताल में…
  • अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    एजाज़ अशरफ़
    अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    08 Jan 2022
    यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि आखिर क्यों रक्षा कर्मी हिंदुत्व के समर्थन में हैं और पर्यावरण का मुद्दा इस पहाड़ी राज्य के लिए चुनावी मुद्दा नहीं है।
  • ECI
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    5 राज्यों में चुनाव तारीख़ों की घोषणा, यूपी में 7 चरणों में चुनाव, 10 मार्च को मतगणना
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक 7 चरणों में मतदान होगा, वहीं उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में और मणिपुर में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। इसी के साथ 15 जनवरी तक रैली,…
  • रवि कौशल
    राजस्थान: REET अभ्यर्थियों को जयपुर में किया गया गिरफ़्तार, बड़े पैमाने पर हुए विरोध के बाद छोड़ा
    08 Jan 2022
    दरअसल यह लोग राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) के तहत अगले चरण में पदों को बढ़वाने के लिए 70 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। इनकी मांग है कि सीटों की संख्या को बढ़ाकर 50,000 किया जाए।
  • सोनिया यादव
    यूपी: देश के सबसे बड़े राज्य के ‘स्मार्ट युवा’ सड़कों पर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
    08 Jan 2022
    एक ओर रैलियों में बीजेपी की योगी सरकार अपनी उपलब्धियां गिनवा रही है तो वहीं दूसरी ओर चुनाव के मुहाने पर खड़े उत्तर प्रदेश के युवाओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License