NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
अंतरराष्ट्रीय
नशा और होश : विश्व नागरिक माराडोना को समर्पित कविता
‘इतवार की कविता’ में साम्राज्यवाद, दमन-शोषण के ख़िलाफ़ जब-तब बोलने वाले विश्व नागरिक डिएगो माराडोना (30 अक्टूबर 1960-25 नवंबर, 2020) को समर्पित कवि-पत्रकार उपेंद्र चौधरी की कविता।
न्यूज़क्लिक टीम
29 Nov 2020
Diego Maradona
फोटो साभार: hey-che.com

नशा और होश

 

भांग-गांजे-अफ़ीम

शराब-हेरोइन-कोकीन

और बेशुमार सूंघने वाले नशे

गले और थुंथने से होकर

उतर जाते हैं धमनी और शिराओं तक

रंग बदलने लगती है देह

ढंग बदलने लगता है दिमाग़

और दोनों बदलावों के बीच

बहने लगते हैं

कॉमेडी,

अभिनय

दर्शन

ठहराव का घूर्णन

रफ़्तार का परिक्रमण

सुप्रीम इंसाफ़

बदला और माफ़ी

पतझड़ का विरहा

आल्हा और कबीरा

शरद की हूक

बसंत की कूक

विलाप मिलाप अलाप

विद्रोह की थाप

और वे सभी हाव-भाव-ताव

जिन्हें देखा सुना जा सकता है

मगर,

देह और दिमाग़ के बीच का विचार

इन नशों से कभी फ़ुर्र नहीं होते

ठीक वैसे ही जैसे कि

खिलाड़ी माराडोना

"नशेड़ी" माराडोना के बीच

एक विद्रोही माराडोना होता है

जिसे पता है

नशे और खेल की असलियत

मगर,

उससे कहीं ज़्यादा पता है

समाज और सियासत

विचारों को अभिव्यक्त करने की लत

ग़लत के विरुद्ध बग़ावत

नशे के बीच सही कहने की आदत

और

नशे की बेचैनी पर कहीं भारी पड़ती

होशमंद राहत

क्योंकि

शख़्स माराडोना को मालूम है

नशा अगले ही पल टूट जाता है

मगर,

होश कभी नशे में नहीं होते

-    उपेंद्र चौधरी

इसे भी पढ़ें :  “तुम बिल्‍कुल हम जैसे निकले, अब तक कहाँ छिपे थे भाई…”

इसे भी पढ़ें : ...कोई ठहरा हो जो लोगों के मुक़ाबिल तो बताओ

इसे भी पढ़ें : कुर्सीनामा : कुर्सी ख़तरे में है तो देश ख़तरे में है… कुर्सी न बचे तो...

इसे भी पढ़ें : वो राजा हैं रियासत के, नफ़ा नुकसान देखेंगे/ नियम क़ानून तो उनके बड़े दीवान देखेंगे

इसे भी पढ़ें : अवधी में ग़ज़ल: ...मंदिर मस्जिद पेट हमार न भरिहैं साहेब

Sunday Poem
Hindi poem
poem
Diego Maradona
कविता
हिन्दी कविता
इतवार की कविता

Related Stories

वे डरते हैं...तमाम गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज और बुलडोज़र के बावजूद!

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

इतवार की कविता: वक़्त है फ़ैसलाकुन होने का 

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

...हर एक दिल में है इस ईद की ख़ुशी

जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान

फ़ासीवादी व्यवस्था से टक्कर लेतीं  अजय सिंह की कविताएं

सर जोड़ के बैठो कोई तदबीर निकालो

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!


बाकी खबरें

  • earthquake
    एपी
    इंडोनेशिया में समुद्र में 7.3 तीव्रता का भूकंप आया, सुनामी का अलर्ट वापस लिया
    14 Dec 2021
    भूकंप के झटके दक्षिण सुलावेसी प्रांत में मकस्सर शहर और सेलायर द्वीप जिले में महसूस किए गए। आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि सेलायर द्वीप पर एक स्कूल क्षतिग्रस्त हो गया है। 
  • kisan andolan
    परमजीत सिंह जज
    कृषि क़ानूनों के निरस्त हो जाने के बाद किसानों को क्या रास्ता अख़्तियार करना चाहिए
    14 Dec 2021
    भारतीय किसानों को एमएसपी और अपनी उत्पादक सामग्री पर सब्सिडी की जरूरत है, लेकिन राजनीतिक-आर्थिक व्यवस्था को इस विचार से घृणा है। ऐसे में, अब यह किसानों पर निर्भर करता है कि वे समूचे देश के लिए कोई…
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः भाजपा उत्तर प्रदेश का प्रधानमंत्री आवास योजना संबंधी दावा ग़लत है
    14 Dec 2021
    क्या सचमुच प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद 40 लाख पक्के घरों का निर्माण किया गया है? क्या 2017 से पहले एक भी घर नहीं बनाया गया? आइए करते हैं पड़ताल
  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कार्टून क्लिक: ...अच्छा है, सवाल पूछने वाले सो रहे हैं!
    14 Dec 2021
    दिन भर के भव्य आयोजनों के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने आधी रात को काशी विश्वनाथ धाम, बनारस रेलवे स्टेशन का दौरा किया। हालांकि सुरक्षा कर्मी यह सुनिश्चित कर रहे थे कि कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री के करीब न…
  • Julian Assange
    कैटलीन जॉनस्टोन
    वे उन्हें मार रहे हैं : असांज की 'स्लो डेथ' खसोगी की याद दिलाती है
    14 Dec 2021
    अमेरिकी अपील पर जूलियन असांज के प्रत्यर्पण को लेकर अक्टूबर में यूके की एक अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान उन्हें एक मिनी स्ट्रोक का सामना करना पड़ा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License