NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
राजनीति
वचन देते हैं, हम विजयी होंगे या मौत का सामना करेंगे
क्यूबाई क्रांति के प्रमुख नेता चे ग्वेरा का आज जन्मदिन है। 14 जून 1928 को चे का जन्म अर्जेंटीना में हुआ था। ‘इतवार की कविता’ में पढ़ते हैं क्यूबा क्रांति के दूसरे प्रमुख नेता और राष्ट्रपति रहे फ़िदेल कास्त्रो के लिए लिखी गई उनकी यह विशेष कविता- ‘फ़िदेल के लिए एक गीत’
न्यूज़क्लिक डेस्क
14 Jun 2020
Che Guevara

फ़िदेल के लिए एक गीत

 

आओ चलें,

भोर के उमंग-भरे द्रष्टा,

बेतार से जुड़े उन अमानचित्रित रास्तों पर

उस हरे घड़ियाल को आज़ाद कराने

जिसे तुम इतना प्यार करते हो ।

 

आओ चलें,

अपने माथों से

--जिन पर छिटके हैं दुर्दम बाग़ी नक्षत्र--

अपमानों को तहस--नहस करते हुए ।

 

वचन देते हैं

हम विजयी होंगे या मौत का सामना करेंगे।

जब पहले ही धमाके की गूँज से

जाग उठेगा सारा जंगल

एक क्वाँरे, दहशत-भरे, विस्मय में

तब हम होंगे वहाँ,

सौम्य अविचलित योद्धाओ,

तुम्हारे बराबर मुस्तैदी से डटे हुए ।

 

जब चारों दिशाओं में फैल जाएगी

तुम्हारी आवाज़ :

कृषि-सुधार, न्याय, रोटी, स्वाधीनता,

तब वहीं होंगे हम, तुम्हारी बग़ल में,

उसी स्वर में बोलते ।

 

और जब दिन ख़त्म होने पर

निरंकुश तानाशाह के विरुद्ध फ़ौजी कार्रवाई

पहुँचेगी अपने अन्तिम छोर तक,

तब वहाँ तुम्हारे साथ-साथ,

आख़िरी भिड़न्त की प्रतीक्षा में

हम होंगे, तैयार।

 

जिस दिन वह हिंस्र पशु

क्यूबाई जनता के बरछों से आहत हो कर

अपनी ज़ख़्मी पसलियाँ चाट रहा होगा,

हम वहाँ तुम्हारी बग़ल में होंगे,

गर्व-भरे दिलों के साथ ।

 

यह कभी मत सोचना कि

उपहारों से लदे और

शाही शान-शौकत से लैस वे पिस्सू

हमारी एकता और सच्चाई को चूस पाएँगे ।

हम उनकी बन्दूकें, उनकी गोलियाँ और

एक चट्टान चाहते हैं । बस,

और कुछ नहीं ।

 

और अगर हमारी राह में बाधक हो इस्पात

तो हमें क्यूबाई आँसुओं का सिर्फ़ एक

कफ़न चाहिए

जिससे ढँक सकें हम अपनी छापामार हड्डियाँ,

अमरीकी इतिहास के इस मुक़ाम पर ।

और कुछ नहीं ।

 

- चे ग्वेरा,

अनुवाद- नीलाभ

साभार- कविता कोश

इसे भी पढ़े :  चलो ख़ुद से मुठभेड़ करते हैं...

इसे भी पढ़े :: काश! ये आँखें धंस जातीं हमारे हुक्मरानों की आँखों में, उनके ज़ेहन में  

Sunday Poem
poem
Che Guevara
Hindi poem
Birth Anniversary Che Guevara

Related Stories

वे डरते हैं...तमाम गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज और बुलडोज़र के बावजूद!

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

इतवार की कविता: वक़्त है फ़ैसलाकुन होने का 

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

...हर एक दिल में है इस ईद की ख़ुशी

जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान

फ़ासीवादी व्यवस्था से टक्कर लेतीं  अजय सिंह की कविताएं

सर जोड़ के बैठो कोई तदबीर निकालो

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!


बाकी खबरें

  • Russia Ukraine war
    अजय कुमार
    बेहतर भविष्य का रास्ता युद्ध से होकर नहीं जाता है
    03 Mar 2022
    चाहे जितने भी जायज तर्क हों, लेकिन वह युद्ध को जायज नहीं बता सकते। युद्ध वर्तमान को तो बर्बाद करता ही है, साथ में भूत और भविष्य सबको तबाह कर देता है।
  • up elections
    विजय विनीत
    यूपी का रणः उत्तर प्रदेश की राजनीति में बाहुबलियों का वर्चस्व, बढ़ गए दागी उम्मीदवार
    03 Mar 2022
    पूर्वांचल के बनारस, चंदौली, मिर्जापुर, गाजीपुर, मऊ, बलिया, भदोही, जौनपुर, सोनभद्र की सियासत तो बाहुबलियों के इर्द-गिर्द ही घूमती हैं। उत्तर प्रदेश  इलेक्शन  वॉच  एसोसिएशन फ़ॉर रिफॉर्म का ताजातरीन…
  • एम. के. भद्रकुमार
    क्यों रूस का ऑपरेशन डोंबास और काला सागर क्षेत्र पर केंद्रित है?
    03 Mar 2022
    पुतिन को डोंबास और काला सागर क्षेत्र में तैनात नव-नाजीवादी हथियारबंद गिरोहों की तरह बर्ताव करने वाली नागरिक सेना से भी बदला लेना है, जिसने इस क्षेत्र में रूसी समुदाय के लोगों के ख़िलाफ़ बहुत अत्याचार…
  • राज वाल्मीकि
    सीवर और सेप्टिक टैंक मौत के कुएं क्यों हुए?
    03 Mar 2022
    कब तक बना रहेगा प्रशासन इन मौतों का मूक दर्शक?
  • cartoon
    आज का कार्टून
    सरकार का फरमान: सभी छात्र बम और बारूद के बीच चलकर खुद रोमानिया और हंगरी की सीमा पर आ जाएं!
    03 Mar 2022
    खारकीव में मौजूद छात्रों से कहा गया है कि वे शाम छह बजे से पहले निकल जाएं। 15 किमी दूर एक स्थान पर पहुंच जाएं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License