NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
'कब तलक लुटते रहेंगे लोग मेरे गाँव के...' बल्ली सिंह चीमा की कविता
किसान आंदोलन को 6 महीने से ज़्यादा हो चुके हैं, और दिल्ली की सरहदों पर किसान क़रीब 70 दिन से बैठे हैं और तीनों कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे हैं। किसानों के जज़्बे को सलाम करते हुए पेश है बल्ली सिंह चीमा की यह कविता।
न्यूज़क्लिक डेस्क
31 Jan 2021
किसान आंदोलन
Image courtesy: Social Media

किसान आंदोलन को 6 महीने से ज़्यादा हो चुके हैं, और दिल्ली की सरहदों पर किसान क़रीब 70 दिन से बैठे हैं और तीनों कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे हैं। किसानों के जज़्बे को सलाम करते हुए पेश है बल्ली सिंह चीमा की यह कविता।

ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गाँव के,
अब अँधेरा जीत लेंगे लोग मेरे गाँव के

कह रही है झोपड़ी औ' पूछते हैं खेत भी,
कब तलक लुटते रहेंगे लोग मेरे गाँव के

बिन लड़े कुछ भी यहाँ मिलता नहीं ये जानकर,
अब लड़ाई लड़ रहे हैं लोग मेरे गाँव के

कफ़न बाँधे हैं सिरों पर हाथ में तलवार है,
ढूँढने निकले हैं दुश्मन लोग मेरे गाँव के

हर रुकावट चीख़ती है ठोकरों की मार से,
बेड़ियाँ खनका रहे हैं लोग मेरे गाँव के

दे रहे हैं देख लो अब वो सदा-ए-इंक़लाब,
हाथ में परचम लिए हैं लोग मेरे गाँव के

एकता से बल मिला है झोपड़ी की साँस को,
आँधियों से लड़ रहे हैं लोग मेरे गाँव के

तेलंगाना जी उठेगा देश के हर गाँव में,
अब गुरिल्ले ही बनेंगे लोग मेरे गाँव में

देख 'बल्ली' जो सुबह फीकी दिखे है आजकल,
लाल रंग उसमें भरेंगे लोग मेरे गाँव के

इसे भी पढ़ें :   इतवार की कविता : साधने चले आए हैं गणतंत्र को, लो फिर से भारत के किसान

इसे भी पढ़ें :  माना कि राष्ट्रवाद की सब्ज़ी भी चाहिए/ लेकिन हुज़ूर पेट में रोटी भी चाहिए

इसे भी पढ़ें :  इतवार की कविता : तुम्हारी जाति क्या है कुमार अंबुज?

इसे भी पढ़ें :  सावित्रीबाई फुले : खेती ही ब्रह्म, धन-धान्य है देती/अन्न को ही कहते हैं परब्रह्म

farmers protest
Sunday Poem
Hindi poem
Balli Singh Cheema
कविता
हिन्दी कविता
इतवार की कविता

Related Stories

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

ऐतिहासिक किसान विरोध में महिला किसानों की भागीदारी और भारत में महिलाओं का सवाल

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’

इतवार की कविता : 'ईश्वर को किसान होना चाहिये...

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

जीत कर घर लौट रहा है किसान !

किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जीत , 11 को छोड़ेंगे मोर्चा


बाकी खबरें

  • एम.ओबैद
    बिहार होली के दौरान 32 लोगों की मौत: परिजनों ने ज़हरीली शराब को बताया कारण, प्रशासन ने कहा बीमारी
    21 Mar 2022
    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों के परिजन मौत की वजह ज़हरीली शराब बता रहे हैं जबकि प्रशासन ने इसकी वजह बीमारी बताई है।
  • सोनिया यादव
    बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल
    21 Mar 2022
    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बार-बार ये दावा करते हैं कि आरजेडी के लालू-राबड़ी शासनकाल के मुक़ाबले उनकी सरकार में अपराध कम हुए हैं। हालांकि, नीतीश कुमार के दावों के इतर बिहार पुलिस के आंकड़े कुछ और ही…
  • एस एन साहू 
    प्रधानमंत्री ने गलत समझा : गांधी पर बनी किसी बायोपिक से ज़्यादा शानदार है उनका जीवन 
    21 Mar 2022
    महात्मा गांधी का यश उन पर फिल्म बनाने का विचार करने से बहुत पहले ही दुनिया भर में फैल गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन लोगों के साथ सुर में सुर नहीं मिलाना चाहिए जो गांधी को बदनाम करते हैं।
  • परमजीत सिंह जज
    पंजाब ने त्रिशंकु फैसला क्यों नहीं दिया
    21 Mar 2022
    पंजाब चुनाव अवधारणाओं का एक उत्कृष्ट नमूना है। लोग-बाग़ इस बार मौजूदा राजनीतिक अभिजात्य वर्ग को सत्ता में वापस लौटते नहीं देखना चाहते थे। 
  • भाषा
    राज्यसभा चुनाव: ‘आप’ ने हरभजन सिंह, राघव चड्ढा सहित पांच लोगों को बनाया उम्मीदवार
    21 Mar 2022
    आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि सोमवार है। राज्यसभा की छह राज्यों में 13 सीटों के लिए 31 मार्च को मतदान होना है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License