NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
कोई तो काग़ज़ होगा…!
इतवार की कविता : ना कोई साया/ ना छावज होगा/ पर कोई तो काग़ज़ होगा!
सौम्य मालवीय
19 Jan 2020
shaheen bagh
साभार : सोशल मीडिया

CAA-NPR-NRC को लेकर आज पूरा देश आंदोलित है। ऐसे में कवि/शायर कैसे चुप रह सकता है। ऐसे समय के लिए ही जर्मनी के कवि बर्तोल्त ब्रेख्त ने कहा था : "क्या ज़ुल्मतों के दौर में भी गीत गाये जायेंगें/ हाँ ज़ुल्मतों के दौर के ही गीत गाये जायेंगे"। इसी कड़ी में दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ कॉलेज के शिक्षक सौम्य मालवीय ने 'कोई तो काग़ज़ होगा' शीर्षक से कविता लिखी है। आइए पढ़ते हैं उनकी यह कविता-

कोई तो काग़ज़ होगा

ना रोटी ना कथरी होगी
और गिरस्ती बिखरी होगी
ठनठन होंगे बर्तन भांडे
साँस साँस साँसत में होगी
ना कोई साया,
ना छावज होगा
पर कोई तो काग़ज़ होगा!


कौन मुलुक है
कहाँ जनम है
किस मिट्टी का दीन-धरम है
बरसों बीते होंगे यां पे
इनकी गिनती कहाँ रक़म है
कहता फिरता देसी हूँ मैं
उनको लगता
जारज होगा
कोई तो काग़ज़ होगा


पाण्डुरंग से बच्चे तेरे
औ' मरियम सी एक बीवी है
चर्खे-पीर से वालिद हैं तो
अम्मी ज़ैनब की पीरी है
होगा पा-ए-क़ैस का छाला
तंगहाल सा एक गुवाला
पुरइन-पात-पखावज होगा
पर कोई तो काग़ज़ होगा


बुर्ज और बारादरियों में
जो नहीं रहीं उन बाबरियों में
क्या कोई दुआ तेरी बाकी है?
उम्मीदों के इस मक़तल में
क्या ख़्वाबों का इक घर बाकी है?
बे-दस्तावेजी जीता आया
अब क्या पसे मुर्दन
दो ग़ज़ होगा?
कोई तो काग़ज़ होगा?


जल-जंगल-ज़मीन तेरे थे
मोमिन और मतीन तेरे थे
हर पैमाइश से बच जाएं
ऐसे सब यक़ीन तेरे थे
आदिवास के दावे होंगे
अबसे चौपट नगरी मरकज़ होगा,
कोई तो काग़ज़ होगा?


सरहद-सरहद के खेलों में
कबीर-ओ-सरमद की बातें कैसी?
राष्ट्रवाद के जमे नगर में
चलती दुनिया की ऐसी-तैसी
बसना और उखड़ना छोड़ो
मिलना और बिछड़ना छोड़ो
तक़सीमों के इस मौसम में
ये सहरा है अपना छोड़ो
जो इंसां का मुज़रिम होगा
वो ही इंसां का जज होगा
कोई तो काग़ज़ होगा।

…

इसे भी पढ़े : धड़कती आज़ादी शाहीन बाग़ में...

इसे भी पढ़े : चले चलो कि वो मंज़िल अभी नहीं आई...

Sunday Poem
CAA
NRC
Anti-CAA protest
Anti NRC Protests
NPR
Women Leadership
Women protest
BJP
modi sarkar

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: मुझे गर्व करने से अधिक नफ़रत करना आता है
    01 May 2022
    जब गर्व खोखला हो तो नफ़रत ही परिणाम होता है। पर नफ़रत किस से? नफ़रत उन सब से जो हिन्दू नहीं हैं। ….मैं हिंदू से भी नफ़रत करता हूं, अपने से नीची जाति के हिन्दू से। और नफ़रत पाता भी हूं, अपने से ऊंची…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    मई दिवस ज़िंदाबाद : कविताएं मेहनतकशों के नाम
    01 May 2022
    मई दिवस की इंक़लाबी तारीख़ पर इतवार की कविता में पढ़िए मेहनतकशों के नाम लिखी कविताएं।
  • इंद्रजीत सिंह
    मई दिवस: मज़दूर—किसान एकता का संदेश
    01 May 2022
    इस बार इस दिन की दो विशेष बातें उल्लेखनीय हैं। पहली यह कि  इस बार मई दिवस किसान आंदोलन की उस बेमिसाल जीत की पृष्ठभूमि में आया है जो किसान संगठनों की व्यापक एकता और देश के मज़दूर वर्ग की एकजुटता की…
  • भाषा
    अपने कर्तव्य का निर्वहन करते समय हमें लक्ष्मण रेखा का ध्यान रखना चाहिए: प्रधान न्यायाधीश
    30 Apr 2022
    प्रधान न्यायाधीश ने मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन में कहा न्यायिक निर्देशों के बावजूद सरकारों द्वारा जानबूझकर निष्क्रियता दिखाना लोकतंत्र के स्वास्थ्य के…
  • भाषा
    जनरल मनोज पांडे ने थलसेना प्रमुख के तौर पर पदभार संभाला
    30 Apr 2022
    उप थलसेना प्रमुख के तौर पर सेवाएं दे चुके जनरल पांडे बल की इंजीनियर कोर से सेना प्रमुख बनने वाले पहले अधिकारी बन गए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License