NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
भक्त है ये इसकी चाबी भर गई तो भर गई…
'इतवार की कविता' में आज पढ़ते हैं शायर ओमप्रकाश नदीम की एक ग़ज़ल
ओम प्रकाश नदीम
09 Feb 2020
Modi Bhakt
फोटो साभार : सोशल मीडिया

ग़ज़ल

 

एक को ग्यारह बताए कुछ नहीं पड़ता है फ़र्क़

कोई भी कुछ भी पढ़ाये कुछ नहीं पड़ता है फ़र्क़

 

आग तो बस आग है उसका नतीजा राख है

मैं लगाऊँ तू लगाए कुछ नहीं पड़ता है फ़र्क़

 

सच के पर्वत का पिघल जाना क़यामत ही तो है

अब क़यामत आ भी जाये कुछ नहीं पड़ता है फ़र्क़

 

भक्त है ये इसकी चाबी भर गई तो भर गई

अब वो चाबी खो भी जाये कुछ नहीं पड़ता है फ़र्क़

 

नाचने की ऐसी आदत पड़ गई है, अब कोई

उँगलियों पर भी नचाये कुछ नहीं पड़ता है फ़र्क़

 

कान में हेडफ़ोन की ठेंटी लगा ली है "नदीम"

कोई रोये कोई गाये कुछ नहीं पड़ता है फ़र्क़

इसे भी पढ़े : इतवार की कविता : आप अंधे, गूंगे, बहरे हैं...

इसे भी पढ़े :  कोई तो काग़ज़ होगा…!

Sunday Poem
modi bhakt
Godi Media
BJP
BJP politics
Communalism
Religion Politics
Narendra modi
modi sarkar

Related Stories

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित रखने को कहा, नई याचिकाओं से गहराया विवाद

इतवार की कविता: वक़्त है फ़ैसलाकुन होने का 

जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान

सर जोड़ के बैठो कोई तदबीर निकालो

उर्दू पत्रकारिता : 200 सालों का सफ़र और चुनौतियां

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!

इतवार की कविता: जश्न-ए-नौरोज़ भी है…जश्न-ए-बहाराँ भी है

तिरछी नज़र: सरकार-जी, बम केवल साइकिल में ही नहीं लगता


बाकी खबरें

  • Christmas
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: मानुस ते बानर भायो, विश्व गुरु बतलाए!
    26 Dec 2021
    ताजमहल के शहर में जब बड़े दिन पर सेंटा क्लॉज मुर्दाबाद के नारे लगे, विश्व गुरु का ताज उसी क्षण नये इंडिया के सिर पर सज गया। और जब बजरंगियों ने चौराहे पर सेंटा क्लॉज का पुतला फूंका, तब तो बाकायदा…
  • Jama Masjid
    न्यूज़क्लिक टीम
    श्रीनगर की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज़ पर रोक
    26 Dec 2021
    जम्मू-कश्मीर की बड़ी मस्जिद जामा मस्जिद में जुमे की नमाज पर पिछले छह वर्षों में 150 सप्ताह से अधिक समय से अधिकारियों ने रोक लगा दी है। जबकि हाल ही में कोविड -19 के चलते इस बड़ी मस्जिद को बंद कर दिया…
  • modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: ...चुनाव आला रे
    26 Dec 2021
    कोरोना की तरह ही सरकार जी भी चुनाव आने की भविष्यवाणी कर देते हैं। वैसे तो चुनाव हर पांच साल में होते हैं पर यदि आप भूल गए हों कि चुनाव हुए पांच साल होने वाले हैं तो सरकार जी के दनादन दौरे याद दिला…
  • Chanel Contos
    शिरीष खरे
    ऑस्ट्रेलिया में इन दिनों चर्चा के केंद्र में क्यों है सेक्स एजुकेशन?
    26 Dec 2021
    पश्चिम देशों में चैनल कॉन्टोस के चर्चा में रहने की वजह है एक याचिका, जो उसने अपने गृह देश ऑस्ट्रेलिया की अदालत में लगाई है। दरअसल, उसकी याचिका ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में यौन संबंध के बारे…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    धर्म संसद का आपराधिक चेहरा, देवभूमि में दलित भोजनमाता की दुर्गति
    25 Dec 2021
    हरिद्वार की विवादास्पद धर्म-संसद से उठते सवालों और चम्पावत के सरकारी स्कूल में उठे दलित-भोजनमाता विवाद पर वरिष्ठ पत्रकार Urmilesh का विचारोत्तेजक विश्लेषण.
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License