NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सुन्नी वक्फ़ बोर्ड अयोध्या फ़ैसले को चुनौती नहीं देगा,बहुमत से निर्णय
बोर्ड अयोध्या में कहीं और मस्जिद बनाने के लिये पांच एकड़ जमीन लेने या नहीं लेने पर अभी कोई निर्णय नहीं कर सका है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Nov 2019
sunni central waqf board

अयोध्या मसले पर सुन्नी वक्फ़ बोर्ड अब दोबारा अदालत के पास नहीं जाएगा। बोर्ड की बैठक में पुनर्विचार याचिका दायर करने का विचार ख़ारिज कर दिया गया। इसी तरह की राय देश की 100 मुस्लिम शख्सियतों ने भी रखी है, हालांकि उन्होंने कुछ सवाल भी उठाए हैं।  

समाचार एजेंसी 'भाषा' की ओर से जारी ख़बर के अनुसार राम जन्मभूमि—बाबरी मस्जिद मामले में प्रमुख मुस्लिम पक्षकार रहा उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ़ बोर्ड इस मसले पर उच्चतम न्यायालय द्वारा हाल में दिये गये फैसले को चुनौती नहीं देगा। बोर्ड की मंगलवार को लखनऊ में हुई बैठक में आमराय से इस आशय का निर्णय किया गया है।

बोर्ड अयोध्या में कहीं और मस्जिद बनाने के लिये पांच एकड़ जमीन लेने या नहीं लेने पर अभी कोई निर्णय नहीं कर सका है।

बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारूकी ने बैठक के बाद 'भाषा' को बताया कि बैठक में बोर्ड के आठ में से सात सदस्यों ने हिस्सा लिया। उनमें से अब्दुल रज्जाक को छोड़कर बाकी छह सदस्यों ने अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को चुनौती न देने के प्रस्ताव का समर्थन किया।

इस तरह अदालत के निर्णय को चुनौती न देने के फारूकी के पहले से ही लिये जा चुके फैसले पर आम सहमति की मुहर भी लग गयी।

फारूकी ने गत नौ नवम्बर को अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद ही कहा था कि बोर्ड उस पर पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा। हालांकि उन्होंने बाद में कहा था कि अगर किसी सदस्य को इस पर आपत्ति है तो वह आज की बैठक में अपनी बात रख सकता है।

उन्होंने बताया कि बैठक में एक सदस्य इमरान माबूद खां किन्हीं कारणों से शामिल नहीं हो सके।

फारूकी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा सरकार को दिये गये आदेश के मुताबिक अयोध्या में कहीं और मस्जिद बनाने के लिये पांच एकड़ जमीन लेने के मामले पर बैठक में कोई निर्णय नहीं हो सका। इस बारे में फैसला लेने के लिये बोर्ड के सदस्यों ने कुछ और समय मांगा।

उन्होंने बताया कि बोर्ड के सदस्यों की राय थी कि वह जमीन लेने से जुड़े तमाम शरई पहलुओं पर विचार करना चाहते हैं, लिहाजा उन्हें कुछ और समय दिया जाए।

बैठक में यह भी तय किया गया कि बोर्ड की तरफ से अयोध्या मामले में मीडिया में बात करने का अधिकार सिर्फ बोर्ड अध्यक्ष फारूकी को ही होगा।

हालांकि अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष का संरक्षण कर रहे आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने गत 17 नवम्बर को उच्चतम न्यायालय के निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और मस्जिद बनाने के लिये अयोध्या में जमीन न लेने का फैसला किया था।

पर्सनल ला बोर्ड ने उम्मीद जतायी थी कि सुन्नी वक्फ़ बोर्ड उसके फैसलों का सम्मान करेगा। हालांकि कम से कम पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के मसले पर सुन्नी वक्फ़ बोर्ड ने उससे अलग राह अख्तियार कर ली है।

ज्ञातव्य है कि उच्चतम न्यायालय ने गत नौ नवम्बर को अयोध्या मामले में अपने निर्णय में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण कराने और मस्जिद बनाने के लिये सुन्नी वक्फ़ बोर्ड को अयोध्या में किसी प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का सरकार को आदेश दिया था।

नसीरूद्दीन, शबाना समेत 100 मुस्लिम हस्तियों ने भी पुनर्विचार याचिका का विरोध किया।

उधर, अभिनेता नसीरूदुद्दीन शाह एवं शबाना आज़मी समेत देशभर की 100 जानी-मानी मुस्लिम शख्सियतों ने भी अयोध्या पर आए उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने का विरोध किया था।

इन शख्सियतों ने सोमवार को कहा कि रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद मामले के कुछ पक्षकारों का पुनर्विचार दायर करने के फैसला विवाद को जिंदा रखेगा और मुस्लिम कौम को नुकसान पहुंचाएगा।

पुनर्विचार याचिका दायर करने का विरोध करने वाले बयान पर दस्तखत करने वालों में इस्लामी विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता, वकील, पत्रकार, कारोबारी, शायर, अभिनेता, फिल्मकार, थिएटर कलाकार, संगीतकार और छात्र शामिल हैं।

बयान में बताया गया है कि ‘‘ हम इस तथ्य पर भारतीय मुस्लिम समुदाय, संवैधानिक विशेषज्ञों और धर्मनिरपेक्ष संगठनों की नाखुशी को साझा करते हैं कि देश की सर्वोच्च अदालत ने अपना निर्णय करने के लिए कानून के ऊपर आस्था को रखा है।’’

बयान में कहा गया है कि इस बात से सहमति रखते हैं कि फैसला न्यायिक रूप से त्रुटिपूर्ण है लेकिन हमारा मजबूती से मानना है कि अयोध्या विवाद को जीवित रखना भारतीय मुसलमानों को नुकसान पहुंचाएगा और उनकी मदद नहीं करेगा।

बयान पर दस्तखत करने वालों में शाह, आज़मी, फिल्म लेखक अंजुम राजबली, पत्रकार जावेद आनंद समेत अन्य शामिल हैं

Sunni Central Waqf Board
Ayodhya Case
Ram Mandir
babri masjid
Hindutva
Muslims

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

ओटीटी से जगी थी आशा, लेकिन यह छोटे फिल्मकारों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: गिरीश कसारावल्ली

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

ज्ञानवापी कांड एडीएम जबलपुर की याद क्यों दिलाता है

मनोज मुंतशिर ने फिर उगला मुसलमानों के ख़िलाफ़ ज़हर, ट्विटर पर पोस्ट किया 'भाषण'

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • Lakhimpur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    वाम दलों ने की लखीमपुर घटना की कड़ी निंदा, सीपीआई-एम के राज्य सम्मेलन में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि
    04 Oct 2021
    सीपीआई-एम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि हमारे वीर और दृढ़निश्चयी किसानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
  • afghanistan taliban
    विजय प्रसाद
    बेहिसाब दौलत के बीच जीते अफ़ग़ानिस्तान के ग़रीब लोग
    04 Oct 2021
    ख़ासकर महिलाओं के ख़िलाफ़ तालिबान की सख़्त सामाजिक नीति से कई सहायता समूह इस देश  में वापस आने से हिचकेगी।
  • Launch of NMP
    सुबोध वर्मा
    भारत के इतिहास की सबसे बड़ी 'सेल' की तैयारी
    04 Oct 2021
    मोदी सरकार की राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन की नीति एक झटके में भारत के प्रमुख बुनियादी ढांचे को निजी संस्थाओं को सौंप देगी।
  • Lakhimpur Kheri Update
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर खीरी अपडेट: किसानों के साथ विपक्षी दलों ने खोला मोर्चा, हड़बड़ी में सरकार 
    04 Oct 2021
    लखीमपुर खीरी की ओर जाने वाले विपक्षी नेताओं को ज़िले में पहुंचने से पहले ही हिरासत में लिया जा रहा है, भाजपा सरकार ने न केवल ज़िले का इंटरनेट बंद कर दिया है बल्कि पूरे ज़िले में धारा 144 भी लगा दी है।
  • no hate
    राम पुनियानी
    असम: नफ़रत की इंतिहा
    04 Oct 2021
    साम्प्रदायिक सोच वाली भाजपा, बांग्लाभाषी प्रवासी मुसलमानों को 'विदेशी' मानती है जबकि तथ्य यह है कि असम में बंगाली मुसलमानों के बसने का बहुत पुराना इतिहास है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License