NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ‘धर्म संसद’ में घृणा भाषणों के ख़िलाफ़ जनहित याचिका पर सुनवाई को राजी
प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की उन दलीलों पर गौर किया कि घृणा भाषण देने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Jan 2022
dharm sansad

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय उत्तराखंड के हरिद्वार में हाल में हुई ‘धर्म संसद’ के दौरान घृणा भाषण देने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई के लिए राजी हो गया।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की उन दलीलों पर गौर किया कि घृणा भाषण देने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।

इसे भी पढ़ें : ‘(अ)धर्म’ संसद को लेकर गुस्सा, प्रदर्शन, 76 वकीलों ने CJI को लिखी चिट्ठी

सिब्बल ने कहा, ‘‘हरिद्वार में 17 और 19 दिसंबर को धर्म संसद में जो हुआ, उस संबंध में मैंने यह जनहित याचिका दाखिल की है। हम मुश्किल दौर में जी रहे हैं जहां देश में ‘सत्यमेव जयते’ का नारा बदल गया है।’’

इसे देखें : धर्म संसद का लक्ष्य है समाज में विभाजन करना

सीजेआई ने कहा, ‘‘ठीक है, हम मामले पर सुनवाई करेंगे।’’

आपको बता दें कि कि अभी बीते महीने 17 से 19 दिसंबर के बीच हरिद्वार में एक धर्म संसद का आयोजन किया गया था, जिसमें शामिल हुए साधु-संतों के विवादित भाषण खूब वायरल हुए, इन वायरल वीडियोज़ में धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने, मुस्लिम प्रधानमंत्री बनने से रोकने, मुस्लिम आबादी न बढ़ने देने समेत धर्म की रक्षा के नाम पर तमाम विवादित बयान दिए गए थे। हद तो वहां हो गई जब एक महिला संत ने कॉपी-किताबें रखकर हाथ में शस्त्र उठाने की अपील की। इस तरह के ख़तरनाक वीडियो वायरल होने के कई बाद तक कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई, हालांकि बाद में उत्तराखंड पुलिस ने यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी समेत अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की। इसके बाद भड़काऊ भाषण देने के खिलाफ संत धर्मदास और साध्वी अन्नपूर्णा के खिलाफ भी मुकदमा लिखा गया। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

इसे भी पढ़ें : हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश

dharm sansad
Supreme Court
Hate Speech
N. V. Ramana

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    लखनऊ ही नहीं पूरे अवध में खिसकी भाजपा की ज़मीन
    22 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने लखनऊ और उसके आसपास के गांवों में जानने की कोशिश की कि आखिर अवध में भाजपा की ज़मीन को आवारा पशु, महंगाई और बेरोज़गारी ने कितना नुकसान पहुंचाया। वाम…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या कोविड के पुराने वेरिएंट से बने टीके अब भी कारगर हैं?
    22 Feb 2022
    आज हम डॉ. सत्यजीत के साथ कोविड -19 के मौजूदा हालात के बारे में बात करेंगे और यह समझेंगे की क्या कोविड के पुराने वेरिएंट से बने टीके अब भी कारगर हैं व उसके नए वेरिएंट्स पर प्रभावकारी है। इसके अलावा हम…
  • unemployment
    अजय कुमार
    बढ़ती बेरोजगारी पूछ रही है कि देश का बढ़ा हुआ कर्ज इस्तेमाल कहां हो रहा है?
    22 Feb 2022
    कहीं ऐसा तो नहीं कि भाजपा अपने लिए चुनावी चंदा इकट्ठा करने के लिए देश पर क़र्ज़ का बोझ डाल रही है?
  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: भाजपा का कोई मुद्दा नहीं चल रहा!
    22 Feb 2022
    आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में होने वाले चौथे चरण के मतदान की जहाँ उन्हें लगता है की भाजपा को नुकसान हो सकता है।
  • party
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी चुनाव पांचवा चरण:  दाग़ी और करोड़पति प्रत्याशियों पर ज्यादा विश्वास करती हैं राजनीतिक पार्टियां
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के चुनाव जारी हैं, ऐसे में ADR ने पांचवे चरण के लिए प्रत्याशियों की कुंडली खंगालकर लोगों के सामने रख दी। भाजपा से लेकर सपा तक सभी पार्टियों में दाग़ी और करोड़पति प्रत्याशियों की भीड़ है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License