NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी से सांकेतिक कांवड़ यात्रा आयोजित करने के रुख़ पर भी फिर से विचार करने को कहा
न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने कहा कि पहली नज़र में उसका दृष्टिकोण है कि सभी प्रकार की भावनाएं संविधान के अनुच्छेद 21 के अधीन हैं।
भाषा
16 Jul 2021
सुप्रीम कोर्ट

नयी दिल्ली:  उच्चतम न्यायालय ने जीवन के अधिकार को सर्वोपरि रेखांकित करते हुये शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार को 19 जुलाई तक उसे बताने के लिये कहा कि क्या वह राज्य में “सांकेतिक” कांवड़ यात्रा आयोजित करने के अपने फैसले पर फिर से विचार करेगी।

न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने कहा कि पहली नज़र में उसका दृष्टिकोण है कि सभी प्रकार की भावनाएं संविधान के अनुच्छेद 21 के अधीन हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश सरकार को कोविड के मद्देनजर कांवड़ यात्रा आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।”

शीर्ष अदालत ने यह निर्देश उस वक्ता दिया जब उत्तर प्रदेश सरकार ने पीठ को बताया कि उसने संबंधित चर्चाओं के बाद कोविड के उचित प्रतिबंधों के साथ “सांकेतिक” कांवड़ यात्रा आयोजित करने का फैसला किया है।

केंद्र का पक्ष रख रहे सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को बताया कि कि राज्यों को कोविड के मद्देनजर कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं दी जाए और टैंकरों के जरिए गंगा जल की व्यवस्था निर्दिष्ट स्थानों पर की जानी चाहिए।

उत्तराखंड के लिए वकील ने शीर्ष अदालत को बताया कि उसने अधिसूचना द्वारा कोविड-19 के कारण इस वर्ष के लिए कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।

शीर्ष अदालत ने कोविड महामारी के बीच 'कांवड़ यात्रा' की अनुमति देने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले पर मीडिया की खबरों का 14 जुलाई को स्वत: संज्ञान लिया था और मामले पर “अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया को देखते हुए” राज्य के साथ-साथ केंद्र से जवाब मांगा था।

न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का भी उल्लेख किया था कि सीओवीआईडी-19 की रोकथाम पर थोड़ा भी समझौता नहीं किया जा सकता है और कहा कि नागरिक इस तथ्य को देखते हुए हैरान थे कि उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक ‘यात्रा’ की अनुमति दी है जो 25 जुलाई से शुरू हो रही है।

शीर्ष अदालत ने केंद्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों को नोटिस जारी किये थे।

Supreme Court
UttarPradesh
Yogi Adityanath
kanwar yatra

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक


बाकी खबरें

  • nitish
    शशि शेखर
    क्या बिहार उपचुनाव के बाद फिर जाग सकती है नीतीश कुमार की 'अंतरात्मा'!
    20 Oct 2021
    बिहार विधानसभा की दो सीटों के लिए 30 अक्टूबर को उपचुनाव हो रहे हैं। ये दो सीटें हैं- कुशेश्वरस्थान और तारापुर। दोनों ही सीटें जद(यू) के खाते में थीं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जद(यू) अपनी दोनों…
  • J&K
    जसविंदर सिद्धू
    'कश्मीर में नागरिकों की हत्याओं का मक़सद भारत की सामान्य स्थिति की धारणा को धूमिल करना है'—मिलिट्री थिंक-टैंक के निदेशक
    20 Oct 2021
    मौजूदा हालात सीपीओ (केंद्रीय पुलिस संगठन) बलों के लिए और ज़्यादा समस्यायें पैदा करने वाले इसलिए हैं क्योंकि अब सेना को उन इलाक़ों में तैनात नहीं किया जाता है, जिन इलाक़ों में इमारतें हैं या घनी आबादी…
  • पार्थ एस घोष
    कैसे कश्मीर, पाकिस्तान और धर्मनिर्पेक्षता आपस में जुड़े हुए हैं
    20 Oct 2021
    हिंदुत्व को बढ़ावा देना पाकिस्तान की सैन्य-नौकरशाही एजेंसी द्वारा बिछाए गए जाल में फंसने जैसा है। धर्मनिर्पेक्षता को नकारना दक्षिण एशिया के सामाजिक ताने-बाने की बर्बादी का कारण बन सकता है।
  • Bhutan
    एम. के. भद्रकुमार
    भारत के निर्णयों को प्रभावित करने वाले नैरेटिव और ज़मीनी हक़ीक़त में इतना अंतर क्यों है? 
    20 Oct 2021
    भूटान और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए गुरुवार को थिम्पू में हस्ताक्षरित 'रोडमैप' ने तो भारत के डोकलाम-नैरेटिव में एक बड़ा सुराख कर दिया है, इतना बड़ा कि उस से होकर अब…
  • valmiki
    राज वाल्मीकि
    महर्षि वाल्मीकि जयंती के बहाने स्वच्छकार समाज को धर्मांध बनाए रखने की साज़िश!
    20 Oct 2021
    ये समाज कभी नहीं सोचेगा कि ये आमंत्रित अतिथिगण जिन महर्षि वाल्मीकि जी की इतनी प्रशंसा कर रहे हैं, जिनके पदचिह्नों पर चलने का उपदेश दे रहे हैं, उनकी तस्वीर तक अपने घर में नहीं लगाते हैं। जिस स्वच्छकार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License