NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायली निर्माण के ख़िलाफ़ क़ब्ज़े वाले गोलान हाइट्स में सीरियाई ड्रूज निवासी का विरोध
सीरियाई ड्रूज़ गांव के लोगों ने अपने कृषि भूमि पर इज़रायल की पवन टरबाइन निर्माण के ख़िलाफ़ कल हड़ताल किया था। ये टर्बाइन अवैध इज़रायल बस्तियों को बिजली की आपूर्ति करेगा।
पीपल्स डिस्पैच
11 Dec 2020
इज़रायल

इजरायल के क़ब्ज़े वाले गोलान हाइट्स के सीरियाई ड्रूज निवासियों द्वारा बुधवार8 दिसंबर को क्षेत्र में अवैध इजरायली बस्तियों में बिजली की आपूर्ति करने के लिए पवन टरबाइनों के अवैध इजरायली निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उन पर इजरायल की सैन्य पुलिस ने सख्त कार्रवाई की जिसमें दस सीरियाई ड्रूज निवासी घायल हो गए।

घायल हुए दस प्रदर्शनकारियों को इलाज के लिए नजदीक के अस्पताल ले जाया गया। इजरायली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के दौरान 8 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। इस प्रदर्शन में 300 से अधिक सीरियाई ड्रूज़ नागरिक शामिल थे।

सीरियाई ड्रूज नागरिकों ने बुधवार को एक आम हड़ताल का भी आह्वान किया था जिसके परिणामस्वरूप सभी दुकानें, स्कूल और अन्य नागरिक संस्थान और सुविधाएं बंद थी।

निर्माण कार्य कथित तौर पर निर्माण के केवल एक चरण में ड्रूज के सेब और चेरी के बागों के 3600 से अधिक डूनम्स (890 एकड़) भूमि को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। इसके बाद के चरणों में अधिक प्रभावित होने की संभावना है। ये निर्माण भी भविष्य में अपने गांवों का विस्तार करने के लिए गांव के निवासियों के अवसर को रोकेगा।

22,000 से अधिक सीरियाई ड्रूज जो खुद को सीरियाई नागरिक मानते हैं वे गोलान हाइट्स के मजदाल शम्स, बुकाता, मसाडा, ईन किन्नीये और कई अन्य गांवों में रहते हैं। इजरायल ने उन्हें 1982 से इजरायल की नागरिकता स्वीकार करने के लिए बार-बार मजबूर किया है लेकिन उन्होंने इजरायल नियंत्रण का भारी विरोध किया है।

विरोध प्रदर्शनों को लेकर बुधवार को इज़रायली पुलिस बलों ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे, रबर के खोल वाली गोलियां चलाई और अन्य दंगा निरोधी उपकरण का इस्तेमाल किया जिसकी प्रतिक्रिया में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों पर पत्थर फेंके।

पिछले दो दिनों में इज़रायल ने इस क्षेत्र को आने वाली कई सड़कों को बंद कर दिया था, जिसमें मुख्य सड़कें शामिल थीं जो गोलन हाइट्स तक जाती थीं। इज़रायली सैन्य अधिकारियों ने कृषि भूमि के बड़े पट्टे को भी बंद कर दिया और मालिकों को वहां तक पहुंचने से रोक दिया।

वर्ष 1967 में युद्ध के बाद से इजरायल द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए सीरियाई गोलन हाइट्स को नियंत्रित किया गया है। यह एक ऐसा क़ब्ज़ा है जिसकी निंदा उस वक्त तक पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा की गई और इसे अवैध माना गया जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने गोलन हाइट्स पर इजरायल की संप्रभुता को अंतिम रूप से मान्यता नहीं दी थी। इजरायल द्वारा एकतरफा निर्णय लेने के 29 साल बाद 1981 में इसको मिलाने का निर्णय लिया गया था। इस अमेरिकी निर्णय को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई और संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक साथ इसका विरोध किया गया।

Israel
Syria
Syrian Golan Heights
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया


बाकी खबरें

  • Lenin
    अनीश अंकुर
    लेनिन: ‘‘कल बहुत जल्दी होता... और कल बहुत देर हो चुकी होगी... समय है आज’’
    22 Apr 2022
    लेनिन के जन्म की 152वीं सालगिरह पर पुनर्प्रकाशित: कहा जाता है कि सत्रहवी शताब्दी की अंग्रेज़ क्रांति क्रामवेल के बगैर, अठारहवीं सदी की फ्रांसीसी क्रांति रॉब्सपीयर के बगैर भी संपन्न होती लेकिन बीसवीं…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,451 नए मामले, 54 मरीज़ों की मौत 
    22 Apr 2022
    दिल्ली सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए, 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को बूस्टर डोज मुफ्त देने का ऐलान किया है। 
  • पीपल्स डिस्पैच
    नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर
    22 Apr 2022
    जर्मनी, कनाडा, यूके, नीदरलैंड और रोमानिया उन देशों में शामिल हैं, जिन्होंने यूक्रेन को और ज़्यादा हथियारों की आपूर्ति का वादा किया है। अमेरिका पहले ही एक हफ़्ते में एक अरब डॉलर क़ीमत के हथियारों की…
  • एम. के. भद्रकुमार
    सामूहिक विनाश के प्रवासी पक्षी
    22 Apr 2022
    रूसियों ने चौंकाने वाला दावा किया है कि, पेंटागन की जैव-प्रयोगशालाओं में तैयार किए गए डिजिटलीकृत प्रवासी पक्षी वास्तव में उनके क़ब्ज़े में आ गए हैं।
  • रश्मि सहगल
    उत्तराखंड समान नागरिक संहिता चाहता है, इसका क्या मतलब है?
    21 Apr 2022
    भाजपा के नेता समय-समय पर, मतदाताओं का अपने पक्ष में ध्रुवीकरण करने के लिए, यूसीसी का मुद्दा उछालते रहते हैं। फिर, यह केवल एक संहिता का मामला नहीं है, जो मुसलमानों को फिक्रमंद करता है। यह हिंदुओं पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License