NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तापसी पन्नू, कश्यप ने छापेमारी के बाद पहली बार अपनी बात रखी, ‘दोबारा’ की शूटिंग फिर से शुरू की
कश्यप ने अपनी नई फिल्म की शूटिंग फिर से शुरू करने की इंस्टाग्राम पर घोषणा करते हुए लिखा है, ‘‘सभी नफ़रत करने वालों को हमारी तरफ से प्यार।’’ इसे लेकर उन्होंने ट्विटर पर एक तस्वीर भी डाली।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
06 Mar 2021
तापसी पन्नू, कश्यप
तस्वीर, अनुराग कश्यप के ट्विटर हैंडल से साभार

मुंबई: अभिनेत्री तापसी पन्नू और फिल्मकार अनुराग कश्यप ने अपनी फिल्म ‘‘दोबारा’’ के लिए शूटिंग शनिवार को फिर से शुरू की। आयकर विभाग की उनके परिसरों पर छापेमारी के बाद दोनों ने पहली बार अपनी बात कहने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया।

कश्यप ने अपनी नई फिल्म की शूटिंग फिर से शुरू करने की इंस्टाग्राम पर घोषणा करते हुए लिखा है, ‘‘सभी नफ़रत करने वालों को हमारी तरफ से प्यार।’’

इससे पहले दिन में पन्नू ने पेरिस में एक ‘‘कथित बंगले’’ और पांच करोड़ रुपये की ‘‘कथित रसीद’’ और ‘‘2013 में छापे’’ को लेकर तीन ट्वीट किये थे।

आयकर विभाग ने बॉलीवुड अभिनेत्री पन्नू और कश्यप के साथ ही उनके साझेदारों के परिसरों पर तीन मार्च को छापेमारी की थी। उसके बाद से कश्यप की पहली टिप्पणी है। यह छापेमारी फैंटम फिल्म्स के खिलाफ कर चोरी की जांच के सिलसिले में की गई थी।

फिल्मकार ने सोशल मीडिया पर पन्नू के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी दूसरी परियोजना पर फिर से काम शुरू कर दिया है।

पन्नू और कश्यप दोनों ही कई मुद्दों पर अपने मुखर विचारों के लिए जाने जाते हैं।

पन्नू ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान पर भी कटाक्ष किया कि उनके यहां 2013 में भी छापेमारी की गई थी।

पन्नू ने पेरिस में कथित बंगले, पांच करोड़ रुपये लेने के आरोप और 2013 में हुई छापेमारी के संबंध में तीन ट्वीट किए।

अभिनेत्री ने पहले ट्वीट में कहा, “तीन दिन तक मुख्य रूप से तीन चीजों की तलाशी ली गई- पेरिस में मेरे ‘कथित’ बंगले की चाबियां। क्योंकि गर्मी की छुट्टियां आने वाली हैं।”

3 days of intense search of 3 things primarily
1. The keys of the “alleged” bungalow that I apparently own in Paris. Because summer holidays are around the corner

— taapsee pannu (@taapsee) March 6, 2021

दूसरे ट्वीट में पन्नू ने कहा, “पांच करोड़ रुपये की ‘कथित’ रसीद जिसे फ्रेम कर भविष्य के लिए रखा जाएगा क्योंकि मैंने पहले उस पैसे को ठुकरा दिया था।”

 

तीसरे ट्वीट में वित्त मंत्री पर निशाना साधते हुए पन्नू ने कहा, “ हमारी माननीय वित्त मंत्री के मुताबिक 2013 में मेरे यहां छापा पड़ा था। पी.एस- अब  'इतनी सस्ती नहीं।’’

3. My memory of 2013 raid that happened with me according to our honourable finance minister ??

P.S- “not so sasti” anymore ??‍♀️

— taapsee pannu (@taapsee) March 6, 2021

सीतारमण ने शुक्रवार को कहा था कि इन लोगों के यहां 2013 में भी छापे पड़े थे।

व्यक्तिगत टिप्पणी से बचते हुए उन्होंने कहा था कि यदि आयकर की चोरी हो रही है तो देश को इसकी जानकारी होनी चाहिए।

पन्नू और कश्यप दोनों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अपनी चुप्पी तोड़ी।

कश्यप ने कहा, ‘‘और हम फिर से दोबारा शुरू करते हैं...सभी नफ़रत करने वालों को हमारी तरफ से प्यार।’’

इसकी एक तस्वीर उन्होंने ट्विटर पर भी डाली।

हालांकि कश्यप ने छापेमारी को लेकर प्रत्यक्ष रूप से कुछ नहीं कहा।

छापेमारी की कार्रवाई प्रोडक्शन हाउस और उसके प्रमोटर रहे कश्यप, निर्देशक-निर्माता विक्रमादित्य मोटवानी, फिल्मकार विकास बहल और निर्माता-वितरक मधु मैंटेना के खिलाफ जांच का हिस्सा है। फैंटम फिल्म्स को 2018 में बंद कर दिया गया था।

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने दावा किया है कि दो फिल्म निर्माण कंपनियों, दो प्रबंधन कंपनियों और एक प्रमुख अभिनेत्री के यहां छापे की कार्रवाई में आयकर विभाग ने 650 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाया है।

Taapsee Pannu
Anurag kashyap
IT Raids
bollywood
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • rakeh tikait
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार
    11 Feb 2022
    पहले चरण के मतदान की रपटों से साफ़ है कि साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण वोटिंग पैटर्न का निर्धारक तत्व नहीं रहा, बल्कि किसान-आंदोलन और मोदी-योगी का दमन, कुशासन, बेरोजगारी, महंगाई ही गेम-चेंजर रहे।
  • BJP
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: भाजपा के घोषणा पत्र में लव-लैंड जिहाद का मुद्दा तो कांग्रेस में सत्ता से दूर रहने की टीस
    11 Feb 2022
    “बीजेपी के घोषणा पत्र का मुख्य आकर्षण कथित लव जिहाद और लैंड जिहाद है। इसी पर उन्हें वोटों का ध्रुवीकरण करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घोषणा पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया में लव-लैड जिहाद को…
  • LIC
    वी. श्रीधर
    LIC आईपीओ: सोने की मुर्गी कौड़ी के भाव लगाना
    11 Feb 2022
    जैसा कि मोदी सरकार एलआईसी के आईपीओ को लांच करने की तैयारी में लगी है, जो कि भारत में निजीकरण की अब तक की सबसे बड़ी कवायद है। ऐसे में आशंका है कि इस बेशक़ीमती संस्थान की कीमत को इसके वास्तविक मूल्य से…
  • china olampic
    चार्ल्स जू
    कैसे चीन पश्चिम के लिए ओलंपिक दैत्य बना
    11 Feb 2022
    ओलंपिक का इतिहास, चीन और वैश्विक दक्षिण के संघर्ष को बताता है। यह संघर्ष अमेरिका और दूसरे साम्राज्यवादी देशों द्वारा उन्हें और उनके तंत्र को वैक्लपिक तंत्र की मान्यता देने के बारे में था। 
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : जंगली जानवरों से मुश्किल में किसान, सरकार से भारी नाराज़गी
    11 Feb 2022
    पूरे राज्य के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, मंडी, बढ़ती खेती लागत के साथ ही पहाड़ों में जंगली जानवरों का प्रकोप और लगातार बंजर होती खेती की ज़मीन जैसे तमाम मुद्दे लिए अहम हैं, जिन्हें इस सरकार ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License