NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तमिलनाडु भी केंद्र के कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़, विधानसभा में प्रस्ताव पारित
केरल, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के बाद तमिलनाडु भी केंद्र के कृषि क़ानूनों के विरोध में स्पष्ट रूप से आ गया है। तमिलनाडु विधानसभा ने तीन विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने का केंद्र से अनुरोध करते हुए एक प्रस्ताव शनिवार को पारित कर दिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Aug 2021
तमिलनाडु भी केंद्र के कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़, विधानसभा में प्रस्ताव पारित

चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा ने भी तीन विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने का केंद्र से अनुरोध करते हुए एक प्रस्ताव शनिवार को पारित कर दिया। इन कानूनों के खिलाफ किसान 9 महीने से दिल्ली की सीमाओं पर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

इससे पहले केरल, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ इत्यादि राज्य भी इन कानूनों के विरोध में इसी तरह के प्रस्ताव पास कर चुके हैं।

केरल में तो 140 सदस्यीय विधानसभा के एकमात्र बीजेपी सदस्य ने भी केंद्र के खिलाफ लाए प्रस्ताव का समर्थन किया था। सत्तारूढ़ सीपीएम के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) और कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) के सभी सदस्यों ने एक सुर में इन कानूनों को रद्द करने की मांग की थी।

तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी दल अन्ना द्रमुक और उसकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर सदन से बहिर्गमन कर दिया। शनिवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने प्रस्ताव रखा। भाजपा ने इसका विरोध किया और सदन से बहिर्गमन कर दिया।

अन्ना द्रमुक के विधायक दल के उपनेता ओ. पनीरसेल्वम ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कृषि कानूनों के नुकसान को बताया जबकि इसके फायदे भी बताने की जरूरत है। उन्होंने पूछा कि क्या राज्य सरकार ने इस मामले पर केंद्र को पत्र लिखा और क्या उसे कोई जवाब मिला।

सदन के नेता दुरईमुरुगन ने कहा कि ये कानून तब लागू किए गए जब अन्ना द्रमुक राज्य में सत्ता में थी और स्टालिन भी यह जानना चाहते हैं कि क्या मुख्य विपक्षी दल आज के प्रस्ताव का समर्थन करती है या नहीं।

इसका जवाब देते हुए पनीरसेल्वम ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ याचिकाएं उच्चतम न्यायालय में लंबित हैं इसलिए कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। साथ ही उन्होंने किसानों के कल्याण के लिए पार्टी के समर्थन का आश्वासन दिया।

आपको मालूम है कि इन कानूनों के खिलाफ किसान 9 महीने से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हैं और अपनी किसान संसद कर इन कानूनों को न केवल रद्द बल्कि केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पास कर चुके हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Tamilnadu
Farm Bills
Farm Laws
cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

“मित्रों! बच्चों से मेरा बचपन का नाता है, क्योंकि बचपन में मैं भी बच्चा था”

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

कार्टून क्लिक: चीन हां जी….चीन ना जी

कार्टून क्लिक: किसानों की दुर्दशा बताने को क्या अब भी फ़िल्म की ज़रूरत है!


बाकी खबरें

  • रवि शंकर दुबे
    ‘’मुसलमानों के लिए 1857 और 1947 से भी मुश्किल आज के हालात’’
    05 Apr 2022
    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव रहमानी ने आज के दौर को 1857 और 1947 के दौर से ज़्यादा घातक बताया है।
  • भाषा
    ईडी ने शिवसेना सांसद संजय राउत से संबंधित संपत्ति कुर्क की
    05 Apr 2022
    यह कुर्की मुंबई में एक 'चॉल' के पुनर्विकास से संबंधित 1,034 करोड़ रुपये के कथित भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन की जांच से संबंधित है। 
  • सोनया एंजेलिका डिएन
    क्या वैश्वीकरण अपने चरम को पार कर चुका है?
    05 Apr 2022
    पहले कोरोना वायरस ने एक-दूसरे पर हमारी आर्थिक निर्भरता में मौजूद खामियों को उधेड़कर सामने रखा। अब यूक्रेन में जारी युद्ध ने वस्तु बाज़ार को छिन्न-भिन्न कर दिया है। यह भूमंडलीकरण/वैश्वीकरण के खात्मे…
  • भाषा
    श्रीलंका के नए वित्त मंत्री ने नियुक्ति के एक दिन बाद इस्तीफ़ा दिया
    05 Apr 2022
    श्रीलंका के नए वित्त मंत्री अली साबरी ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। एक दिन पहले राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने अपने भाई बेसिल राजपक्षे को बर्खास्त करने के बाद उन्हें नियुक्त किया था।
  • भाषा
    हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ मामले पर विधानसभा में पेश किया प्रस्ताव
    05 Apr 2022
    हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मनोहर लाल द्वारा पेश प्रस्ताव के अनुसार, ‘‘यह सदन पंजाब विधानसभा में एक अप्रैल 2022 को पारित प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त करता है, जिसमें सिफारिश की गई है कि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License