NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
तमिलनाडु: नियुक्तियों में हो रही अनिश्चितकालीन देरी के ख़िलाफ़ पशु चिकित्सकों का विरोध प्रदर्शन
11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद 2020 में पशु चिकित्सकों के चयन के लिए राज्य परीक्षा आयोजित की गई थी, हालांकि, जिन डाक्टरों ने यह परीक्षा उत्तीर्ण की उन्हें अभी तक नियुक्त नहीं किया गया है।
श्रुति एमडी
04 Aug 2021
doctor strike

पिछले एक दशक से भी अधिक समय से तमिलनाडु सरकार ने स्थायी आधार पर पशुचिकित्सकों को काम पर नहीं रखा है। 2009 के बाद, 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जाकर पशुचिकित्सकों के चयन के लिए राज्य परीक्षा अंततः फरवरी 2020 में आयोजित की गई थी। हालाँकि, परीक्षा आयोजित किये हुए डेढ़ वर्ष बीत चुके हैं, पर 1,141 चयनित डॉक्टरों को अभी भी नियुक्ति आदेशों का इंतजार है।

जिन डाक्टरों ने परीक्षा एवं अन्य योग्यताओं को सफलतापूर्वक पास कर लिया था उन्हें जनवरी, 2021 में चयन आदेश प्राप्त हो गये थे, जिसके कारण उनमें से अधिकांश ने अपनी निजी-प्रैक्टिस छोड़ दी थी और अपनी नियुक्तियों की प्रतीक्षा में थे। लेकिन पोस्टिंग में छह महीने से भी अधिक की देरी ने उन्हें बिना किसी आजीविका के जीवन गुजारने के लिए मजबूर कर दिया है।

इनमें से कई डाक्टर गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकले हुए पहली पीढ़ी के स्नातक हैं। इनमें से ज्यादातर लोग विवाहित और बाल-बच्चेदार हैं, और इस अंतहीन देरी ने उनके जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

हताश पशु चिकत्सा स्नातकों ने गुरूवार, 29 जुलाई को चेन्नई में वल्लुवर कोट्टम के पास एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सरकार से नियुक्तियों में तेजी लाने की मांग की गई। इस प्रदर्शन में 600 से अधिक पशुचिकित्सकों ने भाग लिया था।

देरी क्यों?

2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दुधारू गायों और बकरियों/भेड़ों के मुफ्त वितरण की योजना शुरू की थी। इस योजना को अंजाम देने के लिए राज्य सरकार द्वारा 636 पशु चिकित्सकों को काम पर रखा गया था, लेकिन इस प्रक्रिया को तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (टीएनपीएससी) परीक्षा आयोजित किये बिना ही संपन्न किया गया था।

इसके बाद से ही, इन डॉक्टरों ने अदालतों में याचिकाएं दायर कर मांग की है कि सरकार वरिष्ठता के आधार पर पशु चिकित्सा सहायक सर्जन (वीएएस) के स्थायी पदों को भरने में उन्हें प्राथमिकता दे। इन अदालती मामलों के कारण पशु चिकित्सकों के लिए पिछले एक दशक से टीएनपीएससी परीक्षा में देरी हो रही है, जो अन्यथा हर वर्ष या दो वर्ष में आयोजित की जाती थी।

अंततः, 2019 में जाकर राज्य सरकार ने आवेदनों के लिए मांग जारी की और 1,141 वीएएस पदों हेतु सीधी नियुक्ति के लिए टीएनपीएससी परीक्षा आयोजित की गई। भले ही परीक्षा फरवरी 2020 में आयोजित की गई थी, लेकिन कोविड-19 महामारी और बाद की लगातार प्रक्रियाओं में देरी होने के कारण इसमें एक वर्ष की देरी हो गई है।

जनवरी 2021 में प्रमाणपत्र सत्यापन एवं साक्षात्कार के काम को पूरा किया गया और जल्द ही 1,097 डॉक्टरों को चयन आदेश मुहैय्या करा दिए गये थे।

फिर भी, नियुक्तियों में आगे भी देरी इसलिए हो गई क्योंकि 2011-12 में राज्य द्वारा नियुक्त किये चुने गए 636 डाक्टरों में से 110 डॉक्टरों ने वीएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी और उन्होंने पदों को भरने में प्राथमिकता की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अप्रैल 2021 में अपने एक अंतरिम आदेश में मद्रास हाई कोर्ट ने घोषणा की कि कुल उपलब्ध 1,141 वीएएस पदों में से 110 सीटों को रोककर, बाकी के 987 पदों को बिना किसी देरी के भरा जाए।

हालाँकि, जिन डाक्टरों का चयन जनवरी 2021 में किया गया था, उन्हें अब 100 पदों पर रोक लगा दिए जाने के कारण नियुक्तियों से वंचित किया जा रहा है, ने अदालतों में याचिकाएं दायर कर दी हैं।

पिछले सप्ताह के विरोध प्रदर्शन को नियुक्तियों में हो रही अंतहीन देरी से उपजी हताशा के उबाल के रूप में देखा जा सकता है। डॉक्टर अब बिना किसी देरी के तत्काल नियुक्तियों को मंजूरी दिए जाने पर जोर दे रहे हैं।

विपदाग्रस्त डॉक्टर

सीमित सरकारी रिक्त पदों और दूसरी तरफ सुरक्षित सार्वजनिक सेवा क्षेत्र में नौकरियों की चाह रखने वाले पशु चिकित्सा स्नातकों की व्यापक संख्या ने उच्च प्रतिस्पर्धा की इस स्थिति को जन्म दिया है।

तमिलनाडु पशु चिकित्सक संघ के सचिव, थंगावेल देवराजन के अनुसार “इस वर्ष की शुरुआत में डॉक्टरों को चयन आदेश प्रदान किये जाने के बाद, उनमें से कई लोगों ने अपनी नौकरियों से त्यागपत्र दे दिया था और वे पिछले छह महीने से बेरोजगार हैं। जैसे ही वे नौकरियां हासिल करने वाले थे, यह एक बार फिर से उनके हाथ से फिसल गई है।”

नियुक्तियों के लिए प्रतीक्षारत 1,141 डाक्टरों में से एक तमिलसेल्वन ने न्यूज़क्लिक को बताया “हममें से कई निजी प्रैक्टिस से 1 लाख रूपये तक की कमाई कर रहे थे, लेकिन अब हमें निजी तौर पर भी काम से वंचित कर दिया गया है। यह देखते हुए कि हमें किसी भी समय सरकारी पदों पर नियुक्त किया जा सकता है, निजी अस्पताल हमें काम पर रखने के इच्छुक नहीं हैं। हम सभी पूर्ण प्रशिक्षित हैं, लेकिन निजी और सार्वजनिक सेवा दोनों में ही प्रैक्टिस करने में सक्षम नहीं हैं। यह हमारी दुर्दशा है।”

उन्होंने आगे कहा “हम सभी 25 से 38 आयु वर्ग से हैं, हमारे पास परिवार और बच्चे हैं, लेकिन हम कष्ट में इसलिए हैं क्योंकि हम सुरक्षित सरकारी रोजगार चाहते हैं।”

तमिलसेल्वन ने बताया, “2009 से पहले हर एक या दो साल में सहायक सर्जन पदों की परीक्षाएं आयोजित की जाती थीं, लेकिन 11 साल की देरी की वजह से उम्र की सीमा निकल जाने के कारण कई लोगों के पास परीक्षा देना का अवसर खत्म हो चुका है। यह अनुचित है।”

नियुक्तियों की बाट जोह रहे पशु चिकित्सा स्नातकों का कहना है कि इस सिलसिले में वे पिछले कुछ महीनों में पशुपालन मंत्री, अनीता राधाकृष्णन, पशुपालन विभाग के निदेशक, ए ज्ञानशेखरन और विभाग के सचिव, टी एस जवाहर से मिल चुके हैं। यहाँ तक कि उन्होंने मुख्यमंत्री प्रकोष्ठ को भी पत्र लिखा है और इस बारे में आगे की प्रगति का इंतजार कर रहे हैं।

अंग्रेजी में मूल रूप से प्रकाशित लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

https://www.newsclick.in/Tamil-Nadu-Veterinary-Doctors-Protest-Indefinite-Delay-Appointments 

doctors strike
doctors
tamil nadu

Related Stories

कोरोना काल में भी वेतन के लिए जूझते रहे डॉक्टरों ने चेन्नई में किया विरोध प्रदर्शन

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?

तमिलनाडु: दलदली या रिहायशी ज़मीन? बेथेल नगर के 4,000 परिवार बेदखली के साये में

वेतन संशोधन समझौते: तमिलनाडु के मज़दूरों ने जीतीं अहम लड़ाइयां 

महाराष्ट्र: रेज़िडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल और सरकार की अनदेखी के बीच जूझते आम लोग

गुजरात में डॉक्टरों की हड़ताल जारी, सरकार पर बदले की भावना से बिजली-पानी कनेक्शन काटने का आरोप!

"ना ओला ना ऊबर, सरकार अपने हाथ में ले नियंत्रण- तमिलनाडु के ऑटो चालकों की मांग

क्या तमिलनाडु में ‘मंदिरों की मुक्ति’ का अभियान भ्रामक है?

तमिलनाडु : दो दलित युवाओं की हत्या के बाद, ग्रामीणों ने कहा कि बस ‘अब बहुत हुआ’

केरल, तमिलनाडु और बंगाल: चुनाव में केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल


बाकी खबरें

  • Fab and Ceat
    सोनिया यादव
    विज्ञापनों की बदलती दुनिया और सांप्रदायिकता का चश्मा, आख़िर हम कहां जा रहे हैं?
    23 Oct 2021
    विकासवादी, प्रगतिशील सोच वाले इन विज्ञापनों से कंपनियों को कितना फायदा या नुकसान होगा पता नहीं, लेकिन इतना जरूर है कि ये समाज में सालों से चली आ रही दकियानुसी परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ-साथ…
  • Georgia
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन को रूस से संबंध का पूर्वानुमान
    23 Oct 2021
    रूसी और चीनी रणनीतियों में समानताएं हैं और संभवतः उनमें परस्पर एक समन्वय भी है। 
  • Baghjan Oilfield Fire
    अयस्कांत दास
    तेल एवं प्राकृतिक गैस की निकासी ‘खनन’ नहीं : वन्यजीव संरक्षण पैनल
    23 Oct 2021
    इस कदम से कुछ बेहद घने जंगलों और उसके आस-पास के क्षेत्रों में अनियंत्रित ढंग से हाइड्रोकार्बन के दोहन का मार्ग प्रशस्त होता है, जो तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र में कॉर्पोरेट दिग्गजों के लिए संभावित…
  • Milton Cycle workers
    न्यूज़क्लिक टीम
    वेतन के बग़ैर मिल्टन साइकिल के कर्मचारी सड़क पर
    23 Oct 2021
    सोनीपत के मिल्टन साइकिल कंपनी के कर्मचारी पिछले छह महीने से अपनी तनख़्वाह का इंतज़ार कर रहे है। संपत्ति को लेकर हुए विवाद के बाद मिल्टन के मालिकों ने फ़ैक्ट्री बंद कर दी लेकिन कर्मचारियों का न वेतन…
  • COVID
    उज्जवल के चौधरी
    100 करोड़ वैक्सीन डोज़ : तस्वीर का दूसरा रुख़
    23 Oct 2021
    एक अरब वैक्सीन की ख़ुराक पूरी करने पर मीडिया का उत्सव मनाना बचकाना तो है साथ ही गलत भी है। अब तक भारत की केवल 30 प्रतिशत आबादी को ही पूरी तरह से टीका लगाया गया है, और इस आबादी में से एक बड़ी संख्या ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License